ब्‍लू बुक: भारत से चोरी किए प्रोटोकॉल पर काम करता है पाक‍िस्‍तान, जेडी वेंस की खुश के लिए होगा उसी का इस्‍तेमाल


होमताजा खबरदेश

भारत से चोरी किए प्रोटोकॉल पर काम करता है पाक‍िस्‍तान, उसी से वेंस करेंगे खुश

Last Updated:

पाकिस्‍तान आज भी भारत से चोरी किए गए ब्‍लूबुक प्रोटोकॉल की मदद से अपने विदेशी मेहमानों को खुश करने की कोशिश में लगा रहता है. 79 साल बीत जाने के बाद भी पाकिस्‍तान अभी तक अपना ब्‍लू बुक नहीं तैयार कर पाया है. ब्‍लू बुक क्‍या होती है और अमेरिका उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस के पाकिस्‍तान पहुंचने से पहले और बाद इस ब्‍लू बुक के आधार पर क्‍या-क्‍या किया जाएगा, पढ़ें आगे…

Zoom

पाकिस्‍तान आज भी भारत से चोरी की गई ब्‍लू बुक से अपना काम चला रहा है.

Blue Book: अमेरिका के उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस ईरान शांति वाता्र के लिए पाकिस्‍तान पहुंचने वाले हैं. वहीं, अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस को खुश करने के लिए पाकिस्‍तान को भारत से चोरी किए गए प्रोटोकॉल पर काम करना पड़ेगा. जी हां, यहां पर बात भारत की उस ब्‍लू बुक की हो रही है, जिसकी नकल कर पाकिस्‍तान ने अपना वीवीआईपी सिक्‍योरिटी प्रोटोकॉल तैयार किया है. पाकिस्‍तान न केवल अपने वीवीआईपी की सिक्‍योरिटी के लिए भारतीय ब्‍लू बुक से तैयार किए गए प्रोटोकॉल को लागू करता है, बल्कि विदेशी मेहमानों की मेजबानी के लिए भी उसे इस भारतीय प्रोटोकॉल बुक पर निर्भर रहना पड़ता है. यहां हैरान करने वाली बात यह है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्‍या के बाद भारतीय गृह मंत्रालय ने अपनी ब्‍लू बुक को नया स्‍वरूप दे दिया. लेकिन पाकिस्‍तान आज भी उसी 1947 वाली ब्‍लू बुक के आधार पर अपने वीवीआईपी को प्रोटोकॉल दे रहा है.

क्‍या होगी है ब्‍लू बुक?

भारत में ‘ब्‍लू बुक’ गृह मंत्रालय की ओर से तैयार किया गया ऐसा सीक्रेट मैनुअल है, जिसमें वीवीआईपी के सिक्‍योरिटी प्रोटोकॉल के बारे में विस्‍तार में बताया गया है. यह ब्‍लू बुक राष्‍ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेशी राष्‍ट्राध्‍यक्षों के कार्यक्रम के दौरान लागू की जाती है. इस सीक्रेट मैनुअल में बताया गया है कि वीवीआई की सुरक्षा कैसी होगी, उसका रूट प्‍लान क्‍या रहेगा, सुरक्षा एजेंसियां आपस में कार्डिनेट कैसे करेंगी, इमरजेंसी रिस्‍पॉन्‍स प्‍ला क्‍या होगा. इतना ही नहीं, ब्‍लू बुक में यह भी बताया जाता है कि किस मौके पर वीवीआईपी के कार की कितनी स्‍पीड होगी. उनके आगमन पर उन्‍हें कौन रिसीव करने जाएगा. साथ ही, कार्यक्रम के दौरान किस एजेंसी को क्‍या करना है और क्‍या नहीं करना है. आपको बता दें कि वीवीआईपी के प्रोग्राम के दौरान वरिष्‍ठ प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारी इसी ब्‍लू बुक का अक्षरश: पालन करते हैं. ब्‍लू बुक से इतर कुछ भी करना प्रोटोकॉल का गंभीर उल्‍लंधन माना जाता है.

पाकिस्‍तान ने की भारत की नकल

भारत में ब्‍लू बुक का प्रचलन ब्रिटिश काल से ही शुरू हो चुका था. आजादी के बाद केंद्रीय गृहमंत्रायल में इसे नकेवल अपनाया, बल्कि जरूरत के हिसाब से अपडेट भी किया. वहीं, 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्‍या के बाद ब्लू बुक के सिक्‍योरिटी प्रोटोकॉल को नए सिए से तैयार किया गया. इस ब्‍लू बुक में राष्‍ट्रपति की सुरक्षा संभालने वाली भारतीय सेना और प्रधानमंत्री की सुरक्षा देखने वाली एसपीजी (स्‍पेशल प्रोटेक्‍शन ग्रुप) की भूमिका को बेहद मजबूत किया गया. रत की ब्लू बुक दुनिया की सबसे सख्त सुरक्षा गाइडलाइंस में मानी जाती है. वहीं, पाकिस्‍तान की बात करें तो उसने भारत की ब्‍लू बुक की नकल कर अपना सिक्‍योरिटी प्रोटोकॉल तैयार कर लिया. पाकिस्‍तान में ब्‍लू बुक को लागू करने की जिम्‍मेदारी इंटीरियर मिनिस्ट्री और मिलिट्री के पास होती है. पाकिस्‍तान में ब्‍लू बुक पूरी तरह से मिलिट्री सेंट्रिक हो गई है.

जेडी वेंस की यात्रा को लेकर भारत की तरह क्‍या-क्‍या करेगा पाकिस्‍तान?

पाकिस्‍तान आज भारतीय ब्‍लू बुक के हिसाब अपने विदेशी मेहमान के प्रोटोकॉल को तय करता है. अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस के पाकिस्‍तान में आने से पहले और बाद में ब्‍लू बुक के हिसाब से क्‍या-क्‍या किया जाएगा, आइए आपको विस्‍तान से बताते हैं.

  1. एडवांस सिक्योरिटी लायजन (ASL): अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस के पाकिस्‍तान आने से कई दिन पहले एडवांस सिक्‍योरिटी लायजन टीम इस्‍लामाबाद पहुंच चुकी है. इस टीम में सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स के साथ डिप्‍लोमेटिक सिक्‍योरिटी सर्विस और टेक्निकल एक्‍सपर्ट्स शामिल हैं. यह टीम उन सभी जगहों का सिक्‍योरिटी एनालिसिस करेगी, जहां पर जेडी वेंस जाने वाले हैं. इसमें एयरपोर्ट, होटल, एंबेसी, मीटिंग वेन्‍यू और डिप्‍लोमेटिक इंक्‍लेव सभी शामिल हैं.
  2. एयरपोर्ट सिक्‍योरिटी की पड़ताल: अमेरिकी एएसएल टीम एयरपोर्ट पर उन सभी एयरपोर्ट अधिकारियों को अधिकृत करेगी, जो जेडी वेंस के मूवमेंट के दौरान एयरपोर्ट पर रहेंगे. इसके अलावा, अमेरिकी एएसएल टीम पाकिस्‍तान की आईएसआई और आर्मी के साथ मिलकर एयरपोर्ट पर स्‍टेराइल जोन भी तैयार करेगी. स्‍टेराइल जोन में सिर्फ ऑथराइज्ड सिक्‍योरिटी पर्सनल को ही मूवमेंट करने की इजाजत होगी.
  3. वीवीआईपी कारकेट: उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस का कारकेट पाकिस्‍तान पहुंच चुका है. इस कारकेट में र्मर्ड लिमोजीन, कई शेवरले सबअर्बन सिक्योरिटी एसयूवी, इलेक्ट्रॉनिक जैमर व्हीकल्स, कम्युनिकेशन वैन, मेडिकल रिस्पॉन्स व्हीकल, डिकॉय कार और सर्विलांस सिस्टम शामिल हैं. इस कारकेट की सिक्‍योरिटी भी तीन लेयर में होगी. पहले और सबसे अंदरूनी लेयर में अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां, दूसरी में पाकिस्‍तानी आर्मी के साथ आईएसआई और आखिरी लेयर में इस्‍लामाबाद पुलिस होगी.
  4. रूट सैनिटाइजेशन: अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति के आने से पहले उन सभी रूट्स पर ड्राई रन किया जाएगा, जहां से वीवीआईपी काफिला गुजरने वाला है. ड्राई रन के दौरान हर सेकेंड की टाइमिंग रिकार्ड की जाएगी. इसके बीच यह भी देखा जाएगा कि कहां कहां पर ट्रैफिक की समस्‍या आ सकती है. कहां पर आईडी ब्‍लास्‍ट और स्‍नाइपर का खतरा हो सकता है. इसके साथ ही वैकल्पिक रूट ब्‍लू बुक के आधार पर तय किए जाएंगे.

इसके अलावा, अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां और पाकिस्‍तानी आर्मी नो फ्लाइंग जोन, होटल और वेन्‍यू की सिक्‍योरिटी, इंटेलिजेंस अलर्ट और इमरजेंसी एग्जिट प्‍लान पर भी ब्‍लू बुक के हिसाब से अपना प्‍लान तय करेंगी.



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img