‘दीदी’ के खिलाफ बीजेपी का भावुक दांव, आरजी कर कांड में सियासी भूचाल, पीड़िता के माता-पिता की राजनीति में एंट्री


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आरजी कर कांड में सियासी भूचाल, पीड़िता के माता-पिता की बंगाल चुनाव में एंट्री?

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बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने यह साफ कर दिया कि पीड़िता के माता-पिता ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है. पानीहाटी सीट पर बीजेपी ने सस्पेंस बरकरार रखा है. दिलचस्प बात यह है कि BJP की दो लिस्ट आने के बावजूद पानीहाटी से अभी तक किसी उम्मीदवार का ऐलान नहीं हुआ है.

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आरजी कर अस्पताल कैम्पस से महिला डॉक्टर का शव बरामद होने से विवाद हो गया था. (पीटीआई)

कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को पुष्टि की कि पीड़िता के माता-पिता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बुनियादी सदस्यता ले ली है. हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि पार्टी नेतृत्व ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र से उनमें से किसी को पार्टी का उम्मीदवार बनाया जाएगा या नहीं. भाजपा ने अगले महीने होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की दो सूचियां प्रकाशित की हैं, लेकिन उसने अभी तक पानीहाटी से अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है.

विपक्ष के नेता ने सोमवार रात को कहा कि पीड़ित परिवार के किसी सदस्य को पानीहाटी से उम्मीदवार बनाया जाएगा या नहीं, इसका निर्णय हमारी पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा. राज्य समिति ने इस मामले में अपनी राय केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी है, जिसका खुलासा मैं अभी नहीं कर सकता. अब इस मामले में अंतिम निर्णय हमारी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के हाथ में है.

गौरतलब है कि पीड़िता (महिला डॉक्टर) का शव 9 अगस्त, 2024 की सुबह आरजी कर परिसर से बरामद किया गया था. कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और इस मामले में एकमात्र दोषी संजय रॉय को गिरफ्तार किया, जो शहर पुलिस के पूर्व नागरिक स्वयंसेवक थे. बाद में, कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले की जांच का जिम्मा संभाला और केंद्रीय एजेंसी ने भी संजय रॉय को दुष्कर्म और हत्या के अपराध में एकमात्र आरोपी के रूप में पहचाना.

बाद में, कोलकाता की निचली अदालत ने रॉय को इस अपराध में एकमात्र दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. इसके बाद, सीबीआई ने कलकत्ता हाईकोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी और रॉय के लिए मृत्युदंड की मांग की.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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