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- बीजेपी एनडीए बैठक लाइव अपडेट; पीएम नरेंद्र मोदी नीतीश कुमार चंद्रबाबू नायडू | बीजेपी जेडीयू टीडीपी
नई दिल्ली22 मिनट पहले
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राष्ट्रपति ने मोदी को तीसरी बार सरकार बनाने का न्योता दिया। वहीं, एनडीए के सहयोगियों ने राष्ट्रपति को समर्थन का पत्र लिखा है। राष्ट्रपति ने मोदी को दही भाग्य की शुभकामनाएं दीं।
मोदी 3.0 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। एनडीए के सभी प्रयासों को नई कैबिनेट में शामिल होने की पेशकश की गई है। 7 जून को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनके दिल्ली स्थित घर पर चंद्रबाबू नायडू, नीतीश कुमार, एचडी कुमारस्वामी, चिराग सुशील, अनुप्रिया पटेल और जीतन राम मांझी ने मुलाकात की। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन भी नड्डा के घर पहुंचे।
वहीं, नरेंद्र मोदी 9 जून को शाम 7.15 बजे तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार 7 जून को मोदी को सरकार बनाने के लिए न्योता दिया। इससे पहले मोदी को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के संसदीय दल का लगातार तीसरी बार नेता चुना गया। पुरानी संसद (संविधान सदन) के केंद्रीय हॉल में हुई मुलाकात में एनडीए के 13 दलों के नेता शामिल हुए।
बैठक में एनडीए के सभी 293 सांसद, राज्यसभा सांसद और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री मौजूद थे। इसके बाद एनडीए ने दोपहर 3 बजे सरकार बनाने का दावा पेश किया। गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को समर्थन का पत्र लिखा है।
बैठक के बाद मोदी भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से उनके घर जाकर मुलाकात हुई। इसके बाद शाम 6 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचीं। राष्ट्रपति ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया। इसके बाद मोदी ने कहा कि 18वीं लोकसभा नई ऊर्जा और कुछ कर गुजरने वाली होगी।
राजनाथ ने प्रधानमंत्री पद के लिए मोदी के नाम का प्रस्ताव रखा
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्ड्डा ने स्वागत भाषण दिया। राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम का प्रस्ताव रखा। अमित शाह ने इसका समर्थन किया और नितिन गडकरी ने इसका प्रचार किया। जेडीएस अध्यक्ष कुमारस्वामी ने प्रस्ताव का समर्थन किया।
इसके बाद टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू, जेडीयू प्रमुख और बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने समर्थन का वादा किया। मोदी 9 जून को शाम 7.15 बजे राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री पद की तीसरी बार शपथ लेंगे। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मंत्रिपरिषद के सदस्य भी शपथ लेंगे। कितने मंत्री शपथ लेंगे, इसकी जानकारी सामने नहीं आई।

प्रधानमंत्री मोदी ने पुराने संसद भवन में रखे गए संविधान को नमन किया।

भाजपा को बहुमत नहीं, 14 सहयोगी दलों के 53 सांसदों का समर्थन

कांग्रेस चुनाव में भाजपा को 240 वोट मिले हैं। यह बहुमत के आंकड़े (272) से 32 प्रतिशत कम हैं। हालांकि, एनडीए ने 293 सीटों के साथ बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया। एनडीए में भाजपा के अलावा 14 सहयोगी दलों के 53 सांसद हैं।
गठबंधन में चंद्रबाबू की टीडीपी 16 सीटों के साथ दूसरी और नीतीश की जेडीयू 12 सीटों के साथ तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। दोनों ही इस वक्त भाजपा के लिए जरूरी हैं। इनके बिना भाजपा की सरकार बनाना मुश्किल है।
रेल मंत्रालय बिहार का हिस्सा रहा है- आनंद मोहन
जेडीयू संसदीय बैठक में आनंद मोहन ने कहा- मैं यूं ही मुलाकात करने आया हूं। आगे कहा गया, रेल मंत्रालय की मांग पक्की हो गई है। यह बिहार के हिस्से में रह रहा है। पिछ्ले बिहार को रेल मंत्रालय की जरूरत है। सीएम ने पिछले 16 सालों में बिहार को जंगल-राज से बाहर कर दिया और उन्नत बिहार बनाया। अगर हम इसे पंख देना चाहते हैं, तो विशेष राज्य की मांग पूरी होनी चाहिए।
वहीं, बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलने की मांग पर लोजपा (आर) की सांसद वीणा देवी ने कहा कि बिहार को मिले इसके समर्थन में सभी लोग रहेंगे। हम लोग बिहार की परेशानियों से घिरे हैं क्योंकि बिहार के रहने वाले हैं।
वो 6 बड़े मुद्दे, जिन पर ठिठक सकते हैं कदम
- एक देश-एक चुनाव: इस पर आगे बढ़ना मुश्किल होगा। टीडीपी इसका विरोध कर रही है, जबकि जेडीयू इसका समर्थन कर रही है। विरोध करने वाला फीडबैक भी मजबूत हुआ है।
- परिसीमन : भाजपा ने 2029 तक महिला आरक्षण का वादा किया है। यह परिसीमन पर ही लागू होगा। दक्षिण में असर के चलते टीडीपी विरोध में है।
- समान नागरिक संहिता : भाजपा इसे देश में लागू करने को तैयार थी। अब पार्टी इसे राष्ट्रीय स्तर से हटा सकती है।
- काशी-मथुरा : राम मंदिर का फायदा न मिलने से इस दावे की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है।
- विनिनिवेश : जेडीयू सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में विनिवेश के विरोध में हो रही है। भाजपा को इससे कदम पीछे खींचे जा सकते हैं। पार्टी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की भी मांग करती रही है
- मुस्लिम आरक्षण : टीडीपी ने 2018 में आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा न देने के मुद्दे पर भाजपा से नाता तोड़ लिया था। अब वह फिर मांग दोहरा सकती है। यही नहीं, आंध्र में मुसलमानों को 4% आरक्षण के मुद्दे पर भी दोनों देशों के अहम मुद्दे टकरा सकते हैं।
अमित शाह ने देवेंद्र फडणवीस को फिर से माफी मांगने पर सोचने का कहा

अमित शाह ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस को अपनी रक्षा पर पुनर्विचार करने को कहा है। भाजपा नेताओं के मुताबिक, गुरुवार रात को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस से अमित शाह ने दिल्ली में उनके आवास पर मुलाकात की थी। फडणवीस ने विधानसभा चुनावों को देखते हुए अपने सामने डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा देने की सलाह दी है, लेकिन अमित शाह की ओर से कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
मुबारक का कहना है कि शाह ने फडणवीस को माफ करने पर एक और दिन सोचने का समय दिया है। आज फिर से शाह और फडणवीस की मुलाकात हो सकती है। फडणवीस के साथ आज अजीत पवार, एकनाथ शिंदे भी शाह से मुलाकात कर सकते हैं। महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में बीजेपी को सिर्फ 9 वोट ही मिले हैं। परिणाम आने के बाद फडणवीस ने पार्टी के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी ली थी।
फडणवीस ने कहा था कि महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में हमें जो भी नुकसान हुआ, उसकी पूरी जिम्मेदारी मेरी है। इसलिए मैं शीर्ष नेतृत्व से आग्रह करता हूं कि मुझे मंत्री पद से मुक्त किया जाए, क्योंकि मुझे पार्टी के लिए काम करने और राज्य विधानसभा चुनाव की तैयारियों में अपना समय देने की जरूरत है।
महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में मात्र 9 हाथ ही बढ़त हुई। पिछली बार 2019 में पार्टी के 23 हिस्से नशे में आए थे। वहीं, उनकी सहयोगी पार्टी भाजपा (शिंदे) को 7 सीटें और एनसीपी (अजित) को 1 सीट मिली है। पूरी खबर पढ़ें…
