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संसदीय समिति और भाजपा नेता निशिकांत दुबे के बीजू पटनायक को ‘CIA एजेंट’ के दावे पर घमासान मच गया है. उनके दावे के बाद भाजपा नेता सस्मित पात्रा ने लंबे चौड़े पोस्ट के बाद संसदीय समीति पद से इस्तीफा दे दिया. उनका आरोप है कि ओडिशा के गर्व को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि इस दावे के बाद दुबे के साथ काम करना मुश्किल है.
दुबे का आरोप है कि बीजू पटनायक तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और अमेरिकी सीआईए (CIA) के बीच एजेंट के रूप में काम कर रहे थे. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. भारतीय राजनीति के गलियारों में एक नया भूचाल आ गया है. बीजू जनता दल (BJD) के वरिष्ठ सांसद सस्मित पात्रा ने संचार और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) पर बनी संसदीय स्थायी समिति से अपने इस्तीफे देकर सबको चौंका दिया है. उन्होंने भाजपा सांसद और समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे के विवादास्पद बयान के विरोध में उठाया है. दरअसल, दुबे ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बीजू पटनायक पर अमेरिकी CIA के एजेंट होने के गंभीर आरोप लगाए थे.
दरअसल, विवाद की शुरुआत तब हुई, जब निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर थ्रेड पोस्ट जारी की. उन्होंने दावा किया कि 1960 के दशक में नेहरू-गांधी परिवार अमेरिकी दलाल के रूप में काम कर रहा था. दुबे ने 27 मार्च, 1963 की तारीख का हवाला देते हुए लिखा कि उस दिन ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बीजू पटनायक अमेरिका पहुंचे थे. दुबे का आरोप है कि बीजू पटनायक तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) के बीच एक महत्वपूर्ण लिंक के रूप में काम कर रहे थे. उन्होंने यहां तक कह दिया कि 1962 का भारत-चीन युद्ध अमेरिका के इशारे और उनके पैसों से लड़ा गया था.
कांग्रेस का काला अध्याय
11. अमेरिका की दलाल नेहरु-गांधी परिवार,आज ही के दिन यानि 27 मार्च 1963 को उड़ीसा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बीजू पटनायक जी अमेरिका पहुँचे थे ।1962 का चीन के साथ युद्ध हमने अमेरिका के कहने पर और अमेरिका के पैसे से लड़ा था ।दलाई लामा के भाई अमेरिका के साथ… pic.twitter.com/Xmh9lnCcAv





