शेयर बाजारों में शुक्रवार को दो दिन की तेजी थम गयी और बीएसई सेंसेक्स 1,690 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी में 487 अंक की गिरावट आई। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और पश्चिम एशिया में संघर्ष में कमी आने के संकेत के अभाव में बाजार में गिरावट आई।
कारोबारियों के अनुसार कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने, रुपये में गिरावट और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,690.23 अंक यानी 2.25 प्रतिशत गिरकर 73,583.22 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 1,739.04 अंक टूटकर 73,534.41 तक पहुंच गया।बीएसई में सूचीबद्ध कुल शेयरों में से 3,544 शेयरों में गिरावट, 822 में बढ़त और 135 शेयर स्थिर रहे।
एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 486.85 अंक यानी 2.09 प्रतिशत गिरकर 22,819.60 पर बंद हुआ। छुट्टियों के कारण कम कारोबारी दिवस वाले सप्ताह में, बीएसई सेंसेक्स 949.74 अंक टूटा और निफ्टी 294.9 अंक नीचे आ गया।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (अनुसंधान) अजीत मिश्रा ने कहा, “अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण निवेशकों की धारणा कमजोर रही। इस संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार चली गईं। लगातार विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपये में गिरावट ने जोखिम लेने की क्षमता और कम कर दी।”
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में सबसे ज्यादा 4.55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, उसके बाद इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फाइनेंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इटरनल और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भी गिरावट आई। वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, भारती एयरटेल और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन में बढ़त दर्ज की गई।





