पलामू: झारखंड अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, घने जंगलों और ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों के लिए जाना जाता है. खासकर गर्मी के दिनों में लोग भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडी और सुकून भरी जगहों की तलाश करते हैं. तब ऐसे प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. इन्हीं खास पर्यटन स्थलों में लातेहार जिले का कांति झरना गर्मी के दिनों में बेहद खास और आकर्षक जगह बन जाता है. पहाड़ियों के बीच बसा यह झरना किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता है.
200 फीट की ऊंचाई से गिरता है पानी
लातेहार और लोहरदगा की सीमा पर स्थित कांति झरना अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है. करीब 200 फीट की ऊंचाई से गिरती दूधिया जलधारा, चारों ओर फैली हरियाली और पहाड़ियों की गोद में बहती कल-कल करती पानी की आवाज मन को शांति और सुकून का एहसास कराती है. बरसात के दिनों में यह झरना अपने पूरे शबाब पर होता है, लेकिन गर्मी के मौसम में भी यहां की ठंडी फुहारें और प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को राहत देता है.
प्रकृति की गोद में बसा है ये इलाका
यह स्थल रांची, लोहरदगा, गुमला और लातेहार समेत आसपास के जिलों के लोगों के लिए पसंदीदा पिकनिक स्पॉट बन चुका है. खासकर नववर्ष के मौके पर यहां पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है. वहीं, गर्मी के मौसम में भी लोग घूमने फिरने आते है. हालांकि, रास्ता संकीर्ण होने के कारण कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती है, जिससे पर्यटकों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है, लेकिन यह स्थल प्रकृति की गोद में बसा है.
कांति झरना तक पहुंचने का रास्ता अब पहले से बेहतर हो गया है. पहले जहां सड़क जर्जर अवस्था में थी. वहीं, अब इसे दुरुस्त कर दिया गया है, जिससे छोटे-बड़े वाहनों से यहां पहुंचना आसान हो गया है. यह झरना लातेहार से लगभग 47 किलोमीटर और रांची से करीब 66 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. रांची-मेदिनीनगर मुख्य मार्ग से सेन्हा गांव के उत्तर दिशा में लगभग 7 किलोमीटर अंदर जाने पर यह खूबसूरत स्थल दिखाई देता है.
सुरक्षा का नहीं हो कोई इंतजाम
हालांकि, यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की कमी साफ नजर आती है. न तो ठहरने की कोई उचित व्यवस्था है और न ही खाने-पीने की सुविधाएं उपलब्ध हैं. सुरक्षा के लिहाज से भी यहां कोई ठोस इंतजाम नहीं है, जिससे पर्यटकों को सावधानी बरतनी पड़ती है. इसके बावजूद, प्रकृति प्रेमियों के लिए कांति झरना एक बेहतरीन और सुकूनभरा स्थल साबित हो रहा है, जहां लोग प्रकृति के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताने पहुंचते हैं.
पलामू से घूमने पहुंचे मनीष तिवारी ने लोकल 18 को बताया कि वो बचपन में इस झरना के बारे में पढ़े थे. आज पहली बार देखने का मौका मिला. वह जितना सुने थे, उससे कई गुना ज्यादा खूबसूरत पर्यटक स्थल है. यहां पर्यटन की संभावना है, लेकिन किसी तरह की कोई खास सुविधा नहीं है. खाने पीने के लिए भी स्वयं लेकर आए हैं. हालांकि, पिकनिक के लिए सबसे खास जगह कही जा सकती है.





