Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हो जाएगी. नवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म में विशेष मान्यता रखता है और इस दौरान लोग मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं. नवरात्रि के 9 दिन बेहद खास माने जाते हैं और बड़ी संख्या में लोग 9 दिन व्रत रखते हैं. भक्ति के इस उत्साह में अक्सर लोग अपनी सेहत की अनदेखी कर देते हैं. लंबे समय तक भूखा रहना या अचानक खान-पान में बदलाव करना शरीर पर भारी पड़ सकता है. अगर आप भी नवरात्रि पर 9 दिन उपवास रखना चाहते हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. इनसे आप व्रत भी पूरा कर पाएंगे और सेहत भी ठीक रहेगी.
नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया कि व्रत के दौरान अधिकतर लोग पानी पीना कम कर देते हैं. इससे डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और थकान जैसी समस्याएं होने लगती हैं. 9 दिनों के लंबे उपवास में केवल पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, ताजा फलों का जूस, नींबू पानी और छाछ का सेवन करते रहना चाहिए. तरल पदार्थों का पर्याप्त सेवन शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखता है. व्रत के दौरान आप प्यास लगने का इंतजार न करें, बल्कि थोड़े-थोड़े गैप पर कुछ न कुछ पीते रहें, ताकि एनर्जी लेवल अच्छा बना रहे.
डाइटिशियन ने बताया कि कई लोग व्रत के दौरान सिर्फ पानी पीते हैं और कुछ भी नहीं खाते हैं. ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. अचानक खाना छोड़ देने से ब्लड शुगर लेवल गिर सकता है, जिससे चक्कर आने की समस्या हो सकती है. आप व्रत के दौरान कुट्टू का आटा, सिंघाड़ा या समा के चावल का सेवन करें. ये चीजें धीरे-धीरे पचती हैं और आपको लंबे समय तक एनर्जी देती हैं. इसके साथ ही मखाना, मूंगफली और ड्राई फ्रूट्स भी समय-समय पर खाते रहें, ताकि मेटाबॉलिज्म धीमा न पड़े. मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाएगा, तो कई तरह की समस्याएं पैदा हो जाएंगी.
अक्सर देखा जाता है कि व्रत के नाम पर लोग कुट्टू की पूड़ियां, साबूदाना वड़ा और आलू के चिप्स जैसे अत्यधिक तले-भुने खाने का सेवन शुरू कर देते हैं. यह एक बड़ी गलती है. व्रत में हल्की चीजें खानी चाहिए. ज्यादा तेल और घी वाला खाना एसिडिटी, सीने में जलन और वजन बढ़ाने का कारण बनता है. नवरात्रि के व्रत में फल, उबले हुए आलू, दही और पनीर जैसे प्रोटीन वाली चीजों का सेवन करें. सेंधा नमक का उपयोग भी सीमित मात्रा में करें, ताकि ब्लड प्रेशर संतुलित रहे.
एक्सपर्ट के मुताबिक व्रत के दौरान शरीर अपनी स्टोर की गई एनर्जी का उपयोग करता है, जिससे सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा थकान महसूस हो सकती है. इन 9 दिनों में भारी वर्कआउट या थका देने वाले कामों से बचें. शरीर को हीलिंग के लिए पर्याप्त समय दें और कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लें. नींद की कमी से तनाव हार्मोन बढ़ सकता है, जो कई तरह की समस्याएं पैदा कर सकता है. पूजा-पाठ के साथ-साथ आराम को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं.
कामिनी सिन्हा के अनुसार 9 दिनों के बाद जब आप व्रत खोलें, तो अचानक भारी भोजन जैसे- पूड़ी-छोले न खाएं. व्रत खोलने की शुरुआत हल्के सूप या जूस से करें और धीरे-धीरे सॉलिड डाइट पर आएं. इससे आपके पाचन तंत्र पर अचानक बोझ नहीं पड़ेगा और तबीयत बिगड़ने का डर कम रहेगा. इसके अलावा डाइटिशियन से साफ कहा है कि अगर आप डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या किसी अन्य गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, तो 9 दिन का व्रत शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें. गर्भवती महिलाओं को भी लगातार 9 दिन व्रत रखने की सलाह नहीं दी जाती है.





