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Bangladeshi Visitors in India Decline: बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के जाने और मोहम्मद यूनुस सरकार के आने से भारत को काफी घाटा हुआ. वीजा विवाद के कारण बांग्लादेशी नागरिकों ने भारत से मुंह फेर लिया जिसकी वजह से भारत में कुल विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट हो गई. इससे देश के अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले बाग्लादेशी भी नदारद हो गए. नतीजा पर्यटन उद्योग पर पड़ा.
बांग्लादेशी पर्यटकों की संख्या में 73 प्रतिशत की कमी.
Foreign Tourist Arrivals: गनीमत है कि बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस चले गए वरना भारत और बांग्लादेशी की प्रगाढ मित्रता में और ज्यादा सीलन आ जाती. लेकिन जितने दिनों तक वे रहे भारत के साथ हमेशा तल्खी बनी रही. मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल में बांग्लादेश में भारत विरोधी प्रदर्शनों को खूब हवा मिली. भारतीय उच्चायोग और वीजा केंद्रों के बाहर कई प्रदर्शन हुए. इसके बाद सुरक्षा खतरों के चलते भारत ने अपनी वीजा सेवाओं को सीमित कर दिया था. लेकिन इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी. भारत में विदेशी पर्यटकों में सबसे ज्यादा बांग्लादेश से ही आते हैं. ये यहां इलाज कराने से लेकर अपने रिश्तेदारों से मिलने और घूमने तक के लिए आते हैं. पर वीजा विवाद के बाद बांग्लादेशी पर्यटकों की संख्या में 73 प्रतिशत की कमी आ गई है. इस कारण ऑवरऑल विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी भारी गिरावट आ गई.
बांग्लादेशी पर्यटकों में 73 प्रतिशत की गिरावट
देश में आने वाले विदेशी पर्यटकों पर सरकारी आंकड़ों से न्यूज 18 ने एक विश्लेषण किया है. इस विश्लेषण के मुताबिक 2025 में भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या केवल 90.16 लाख रह गई. यह आंकड़ा पिछले 3 सालों में सबसे कम है और कोरोना से पहले के स्तर से फिर से कम हो गया है. इसका मुख्य कारण बांग्लादेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में 73 प्रतिशत की गिरावट आई है. दरअसल, बांग्लादेश के लोग हर तरह के काम और इलाज के लिए भारत आते हैं. ये सारे लोग टूरिस्ट वीजा पर ही आते हैं. भारत में जितने भी पर्यटक आते हैं उनमें 20 प्रतिशत पर्यटकों की संख्या बांग्लादेश के लोगों की ही होती है. ऐसे में अगर उनकी संख्या में 73 प्रतिशत की कमी हो गई तो समझा जा सकता है कि कुल पर्यटकों की संख्या पर क्या असर हुआ होगा.
2025 में 90 लाख पर्यटक
आंकड़ों के मुताबिक 2023 में 21.2 लाख बांग्लादेशी पर्यटक भारत आए वहीं 2024 में 17.5 लाख बांग्लादेशी पर्यटकों का रुख भारत की तरफ रहा लेकिन 2025 में यह संख्या केवल 4.7 लाख तक रह गई यानी करीब 15 से 17 लाख की कमी हो गई. 2017 से 2023 के बीच, बांग्लादेश से आने वाले पर्यटकों की हिस्सेदारी लगातार करीब 20-23 प्रतिशत रही, जिससे यह भारत के लिए विदेशी पर्यटकों का सबसे बड़ा स्रोत बना. यानी हर 4-5 विदेशी पर्यटकों में से एक बांग्लादेश से आता था. 2017 के बाद से 2020 तक हर साल 20 लाख से ज्यादा बांग्लादेशी भारत आते रहे. 2019 में यह संख्या लगभग 25.8 लाख रही, जो अब तक की सबसे ज्यादा थी. 2022 में यह संख्या घटकर 12.8 लाख रह गई. अगर बांग्लादेश को भी शामिल कर लें तो 2025 में विदेशी पर्यटकों की संख्या पिछले तीन साल में सबसे कम रही. 2022 में 64.4 लाख से बढ़कर 2023 में 92.4 लाख और 2024 में करीब 1 करोड़ हो गई थी, लेकिन 2025 में घटकर 90.2 लाख रह गई.
विदेशी मुद्रा पर भी असर
पर्यटन किसी भी देश के लिए विदेशी मुद्रा कमाने का एक बड़ा जरिया होता है. यह आर्थिक विकास और रोजगार बढ़ाने में खास भूमिका निभाता है, खासकर दूर-दराज और पिछड़े इलाकों में. पर्यटन से ज्यादा फायदा तब होता है जब या तो ज्यादा पर्यटक आएं या वे देश में ज्यादा समय तक ठहरें. 2025 में विदेशी पर्यटकों की संख्या घटने से पर्यटन से होने वाली कमाई भी कम हो गई. यह 2024 के रिकॉर्ड 35.02 अरब डॉलर से घटकर 2025 में 31.33 अरब डॉलर रह गई. यानी 4 अरब डॉलर का सीधा घाटा. 2023 में तो विदेशी पर्यटकों से 32.2 अरब डॉलर की मुद्रा प्राप्त हुई थी. हालांकि पर्यटकों की संख्या अभी 2019 के स्तर से कम है, फिर भी कमाई 2019 के 30.7 अरब डॉलर से थोड़ी ज्यादा बनी हुई है. हालांकि 2025 में बांग्लादेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है. इसके बावजूद भारत के पर्यटन में बदलाव आ रहा है. अब अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे दूर के देशों से आने वाले पर्यटक ज्यादा बढ़ रहे हैं, जबकि पड़ोसी देशों पर निर्भरता कम हो रही है.
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18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने अपने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, स…और पढ़ें





