जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रदर्शन के दौरान निहत्थे छात्रों पर गोलीबारी हुई थी, जिसमें कई छात्रों की जान चली गई। सरकार ने इस मामले में जवाबदेही तय करने के लिए सीधे कार्रवाई का रास्ता अपनाते हुए संबंधित नेताओं के खिलाफ सख्त कदम उठाया है।
खबरों के अनुसार, सबसे पहले सुबह तड़के पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को हिरासत में लिया गया, इसके कुछ ही समय बाद पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई को नेपाल की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।





