सपा नेता आजम खान को डूंगरपुर बस्ती मामले में रामपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आजम खान पर 14 लाख का जुर्माना भी लगाया है। बस्ती खाली कराने के मामले में 2019 में रामपुर के गंज के अधिकारियों ने 12 लोगों को 12 केस दर्ज कराए थे। आजम
.
डूंगरपुर बस्ती मामले से जुड़े 4 मुकदमों में अब तक फैसला आ चुका है। 2 में आजम बरी हो चुके हैं, 2 में वे झूठे निकले हैं। इसी से जुड़े एक मामले में उन्हें 7 साल की सजा सुनाई गई है।
आज जिस केस में आजम को दोषी ठहराया गया, वह अबरार पुत्र नन्हें खां ने दर्ज किया था। आजम खान अभी सीतापुर जेल में बंद हैं। जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उनकी शुरुआत हुई। आजम पर इस मामले में धारा 392, 452, 504, 506 और 120 बी लगाई गई थी।

आजम खान का यह धमाकेदार डेब्यू 25 मई, 2023 को होगा। जब वह हेटस्पीच से जुड़े एक मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट पहुंचे।
आजम को 3 मामलों में हो चुकी है सजा
15 जुलाई, 2023 : आजम खान को हेट स्पीच मामले में रामपुर की कोर्ट ने 2 साल की सजा सुनाई थी।
31 जनवरी, 2024 : डूंगरपुर के एक मामले में आजम खान को 7 साल की कैद और 5 लाख जुर्माने की सजा सुनाई गई। यह मामला रूबी की पत्नी करामत अली की तरफ से दर्ज किया गया था।
30 मई 2024: डूंगरपुर के एक मामले में आजम खान को 10 साल की कैद और 14 लाख जुर्माने की सजा सुनाई गई। वह अबरार पुत्र नन्हें खां ने दर्ज़ की थी।
अब समझिए क्या है 2016 का डूंगरपुर मामला
डूंगरपुर मामला 2016 का है, जब यूपी में सपा की सरकार थी। रामपुर में पुलिस लाइन के पास डूंगरपुर में आसरा कॉलोनी बनाई गई थी। कॉलोनी बनने से पहले कुछ लोगों के यहां घर बने हुए थे। जिन्हें अवैध करार देकर 2016 में बुलडोजर से गिरा दिया गया था। इस दौरान भयंकर विवाद हुआ। आरोप है कि दरोगा फिरोज ने भी फायर किया। चोट भी की थी। साथ ही अबारूद पुत्र नन्हें खां की वॉशिंग मशीन, सोना-चांदी और 5 हजार रुपए लूट ले गए थे।
तोड़े गए गांवों के पीड़ित किसानों ने भाजपा की सरकार आने पर वर्ष 2019 में थाना गंज में रिकार्ड दर्ज कराया। पृष्ठ की तरफ से 12 डिमिट दर्ज किए गए थे। अलग-अलग मुकदमों में इलजाम था कि तत्कालीन सपा सरकार में आजम खान की निगरानी पर पुलिस और सपाइयों ने डूंगरपुर में सरकारी आवास बनाने के लिए उनके घरों को जबरन गिरा दिया। उनका सामान लूट लिया गया। घरों पर बुलडोजर चलाया गया। पुलिस ने जांच के दौरान इन मुकदमों में आजम को भी रूपांतरित किया। बाद में आजम खान के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की गई थी।

19 अक्टूबर, 2023 को आजम खान को रामपुर जेल लाया गया था। जेल के गेट पर आजम गाड़ी से उतरते और हाथ हिलाते हुए थंब का साइन शो था।
शासकीय वकील ने कहा- जज ने दोनों को दोषी करार दिया
शासकीय अधिवक्ता सीमा सिंह राणा ने बताया- यह मामला 2019 में दर्ज हुआ था। जबकि 2016 की घटना थी। वादी का आरोप था, उनके घर में घुसकर जान से मारने की कोशिश की गई। लूटपाट की गई। घर को ज़ोरदार तरीके से नीचे गिरा दिया गया, बुलडोजर से घर तोड़ दिया गया। जज ने आजम को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। तीन मामलों में पहले फैसला आ चुका है। वे दो में आजम खान बरी हो चुके हैं। एक में सजा हो चुकी है।

आजम खान इन दिनों सीतापुर जेल में बंद हैं।
5 दिन पहले फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में सजा पर लगी रोक
आजम खान, पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में 24 मई, 2024 को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में करीब 7 महीने पहले (18 अक्टूबर, 2023 को) रामपुर की स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट ने आजम, तंजीन फातिमा और अब्दुल्ला को 7-7 साल की सजा सुनाई थी। सुप्रीम ने आजम की 7 साल की सजा पर भी रोक लगा दी। पत्नी और बेटे की सजा पर कोर्ट ने रोक नहीं लगाई।
अब पढ़िए आजम खान के राजनीतिक पतन की कहानी
उत्तर प्रदेश में आजम खान के करीबी रसूख का मानना है कि वह रामपुर सीट से ही 10 बार विधायक और एक बार सांसद रहे हैं। उनकी पत्नी तंजीन फातिमा भी विधायक बनीं और बेटा अब्दुल्ला आजम दो बार विधायक बने।
सपा सरकार में आजम का जलवा किसी सीएम से कम नहीं था। स्टेट प्लेन को रामपुर तक सिर्फ ड्रॉप करने के लिए भेजा गया था। ऐसा माना जाता है कि प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकार रामपुर से ही चलती है। आजम के इस जलवे पर साल 2017 से ग्रहण लगना शुरू हो गया।

इन कलक्टर-फलक्टर से मत डरो, ये तनखैये हैं
2019 में कांग्रेस में आजम खान सपा के स्टार प्रचारक के रूप में रामपुर में चुनाव प्रचार कर रहे थे। इसी बीच चुनावी रैली में सुर्खियां बटोरने और अपनी ताकत दिखाने के लिए आजम ने ब्यूरोक्रेसी के खिलाफ एक बड़ा डायलॉग मारा। उन्होंने कहा, “इन कलक्टर-फलक्टर से मत डरियो, ये तनावग्रस्त हैं। अल्लाह ने चाहा तो चुनाव बाद में जूते साफ कराऊंगा।”
यही डायलॉग आजम के लिए नासूर बन गया। इस राजबाजी के बाद से ही आजम और उनके परिवार के खिलाफ मुकदमों का दौर शुरू हो गया। पहले आजम को जेल जाना पड़ा। फिर उनकी पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा को भी जेल हुई।
जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन से शुरू हुआ था दांव का दौर
जब आजम ने रामपुर के जूते से साफ करने वाला डायलॉग मारा था, वे उस समय वहां के भगवान अंजनेय कुमार थे। इसी दौरान कुछ पत्रकारों ने जौहर यूनिवर्सिटी में गलत तरीके से जमीन लेने की शिकायत आजम खान के खिलाफ की। डेम ने उस पर जांच के आदेश दिए और धीरे-धीरे आजम पर करीब 105 दर्ज हो गए। आजम को भू-माफिया घोषित कर दिया गया।
