
पुष्पेन्द्र चौधरी (बाएं), फूलू (दाएं)
देश की 18वीं लोकसभा के लिए सभी 543 लोकसभा सदस्यों का चयन हो चुका है। इस बार देश के मुखिया की औसत आयु 56 वर्ष है। 2019 की तुलना में यह 3 साल कम है। 2019 में देश की 17वीं कांग्रेस का चयन हुआ था और तब राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की औसत आयु 59 वर्ष थी। थिंक टैंक पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के अनुसार 11 फीसदी मुखिया की उम्र 40 साल से कम है। वहीं, 38 फीसदी बुजुर्ग की उम्र 41 से 55 साल के बीच है।
समाजवादी पार्टी के पुष्पेंद्र सरोज और प्रिया सरोज सबसे युवा सांसद हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी भी सबसे युवा नेताओं में से एक हैं। इन तीन नेताओं की उम्र 25 साल है। हालाँकि, पुष्पेन्द्र सबसे युवा हैं। वहीं, डीएमके के बालू सबसे उम्रदराज सांसद हैं। उनकी उम्र 82 साल है।
शांभवी ने क्या कहा ?
समस्तीपुर कांग्रेस सीट से 1.87 लाख वोटों से चुनाव जीतने वाली सांसद बनने वाली शांभवी चौधरी ने कहा, “मैं इतने बड़े बहुमत के साथ जीतने वाली सबसे युवा सांसद बनकर बहुत खुश हूं। मैं ज्यादा खुश हूं कि मैंने समस्तीपुर से चुनाव जीता है, जहां से जननायक कर्पूरी ठाकुर जी आते हैं। मैं काम करना चाहती हूं और लोगों की मुझसे जो उम्मीदें हैं, उन्हें पूरा करना चाहती हूं। मैं कर्पूरी ठाकुर के लिए जन जाने वाली जमीन के लिए पूरे दिल से काम करूंगी।”
भारत के सबसे युवा सांसद हैं पुष्पेंद्र
पुष्पेन्द्र सरोज भारत के इतिहास के सबसे युवा सांसद हैं। वह 25 साल तीन महीने तीन दिन की उम्र में सांसद बने। इससे पहले भारत की सबसे युवा सांसद बनने का रिकॉर्ड चंद्राणी मुर्मू के नाम था। वह ओडिशा की क्योझर कांग्रेस सीट से 25 साल 11 महीने की उम्र में सांसद बने थे।
