आपके शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस है या नहीं? पता लगाने के लिए कौन सा टेस्ट कराएं, डॉक्टर से समझिए


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Insulin Resistance in Body: लंबे समय तक शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण टाइप 2 डायबिटीज डेवलप हो जाती है. कई बार इंसुलिन रेजिस्टेंस शुरू हो जाता है, लेकिन लोगों को इसका पता ही नहीं चलता है. अगर आपको डायबिटीज का रिस्क है, तो HOMA-IR और OGTT टेस्ट करवा सकते हैं. इससे अनुमान लग जाता है कि आपके शरीर में इंसुलिन रेंजिस्टेंस है या नहीं.

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HOMA-IR टेस्ट के जरिए इंसुलिन रेजिस्टेंस का पता लगाया जा सकता है.

Test to Check Insulin Sensitivity: इंसुलिन हमारे शरीर के लिए एक जरूरी हार्मोन है. यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है. यह शरीर में नेचुरल तरीके से बनता है और कई प्रक्रियाओं के लिए जरूरी होता है. कई लोगों का शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता है और धीरे-धीरे वे टाइप 2 डायबिटीज का शिकार हो जाते हैं. डॉक्टर्स की मानें तो लोगों को सिर्फ डायबिटीज ही नहीं, बल्कि इंसुलिन रेजिस्टेंस की भी समय-समय पर जांच करानी चाहिए. सही वक्त पर इसका पता लग जाए, तो डायबिटीज के मरीज बनने से बचा जा सकता है. इस बारे में डॉक्टर से जरूरी बातें जान लेते हैं.

गुरुग्राम के मारेंगो एशिया हॉस्पिटल के डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉ. पारस अग्रवाल ने News18 को बताया कि इंसुलिन रेजिस्टेंस एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें आपकी मसल्स, फैट और लिवर की कोशिकाएं इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाती हैं. इसकी वजह से पैनक्रियाज ज्यादा इंसुलिन पंप करता है. अगर आपके शरीर में इंसुलिन का स्तर बहुत ज्यादा है, तो यह संकेत है कि आप भविष्य में टाइप-2 डायबिटीज की ओर बढ़ रहे हैं. इसकी समय पर जांच आपको गंभीर बीमारियों से बचा सकती है. इंसुलिन रेजिस्टेंस का पता लगाने के लिए आमतौर पर HOMA-IR, फास्टिंग इंसुलिन और OGTT की सलाह दी जाती है.

क्या है HOMA-IR टेस्ट?

डॉक्टर पारस ने बताया कि शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस का पता लगाने के लिए होमियोस्टेटिक मॉडल असेसमेंट फॉर इंसुलिन रेजिस्टेंस (HOMA-IR) टेस्ट कराया जाता है. इसके लिए आपको खाली पेट ब्लड सैंपल देना होता है. यह टेस्ट आपके फास्टिंग ग्लूकोज और फास्टिंग इंसुलिन के स्तर के बीच का अनुपात निकालता है. अगर इस टेस्ट में आपका स्कोर 1.9 से कम है, तो यह नॉर्मल है. 1.9 से 2.9 के बीच स्कोर अर्ली रेजिस्टेंस दिखाता है. 2.9 से ऊपर का स्कोर गंभीर इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत है.

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फास्टिंग इंसुलिन टेस्ट

एक्सपर्ट के मुताबिक आमतौर पर लोग अपना ब्लड शुगर लेवल चेक करते हैं, लेकिन फास्टिंग इंसुलिन टेस्ट यह बताता है कि आपका शरीर कितनी मेहनत कर रहा है. कई बार ब्लड शुगर रिपोर्ट सामान्य आती है, लेकिन इंसुलिन का स्तर बहुत अधिक होता है. इसका मतलब है कि आपका शरीर शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए जरूरत से ज्यादा इंसुलिन बना रहा है, जो आगे चलकर थकान और मोटापे का कारण बनता है.

ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट

इसे शॉर्ट में OGTT कहा जाता है. यह टेस्ट यह देखने के लिए किया जाता है कि आपका शरीर ग्लूकोज लोड को कितनी अच्छी तरह संभालता है. इसमें आपको ग्लूकोज का घोल पिलाया जाता है और फिर निश्चित अंतराल पर ब्लड शुगर और इंसुलिन दोनों की जांच की जाती है. यह टेस्ट न केवल डायबिटीज का पता लगाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि खाने के बाद आपका इंसुलिन कितनी तेजी से बढ़ता या गिरता है.

इंसुलिन रेजिस्टेंस के संकेत

डॉक्टर की मानें तो कुछ टेस्ट के अलावा आपके शरीर के कुछ लक्षण भी इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत देते हैं. पुरुषों में 40 इंच और महिलाओं में 35 इंच से अधिक की कमर का घेरा इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है. गर्दन के पीछे या बगल में त्वचा का काला होना भी इसका एक लक्षण हो सकता है. इसके अलावा खाना खाने के तुरंत बाद बहुत नींद आना और पेट भरा होने के बावजूद मीठा खाने की इच्छा होना भी इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



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