नई दिल्ली3 मिनट पहले
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एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने गृह मंत्रालय के पत्र में लिखा है कि आम आदमी पार्टी (AAP) की विदेशी फंडिंग में 7 करोड़ रुपये की बड़ी हिस्सेदारी है। यह फंडिंग 2014 से 2022 के बीच कनाडा, अमेरिका, मध्य एशिया, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से मिलने का दावा किया गया है। एजेंसी का कहना है कि यह फॉरेन रेजिस्टेंटब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (एफसीआरए) का उल्लंघन है।
पंजाब के पूर्व विधायक सुखपाल सिंह खैरा और अन्य लोगों के खिलाफ गैंगस्टर से जुड़ी मनी-लॉन्ड्रिंग जांच में एजेंसी को कुछ दस्तावेज और ईमेल मिले थे, जिसके बाद एजेंसी ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखा था। एजेंसी ने यह जांच 2021 में शुरू की थी और खैरा को उसी साल ईडी ने गिरफ्तार भी किया था। अब खैरा कांग्रेस पार्टी में हैं
ईडी के इन आरोपों के बाद आतिशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- मैं मोदी को लेकर गुस्से से भरी हूं। दिल्ली और पंजाब के सभी 20 श्रद्धालु हरण वाली हैं, इसलिए ईडी का सहारा लेकर राजनीतिक साजिश रच रही है।
ईडी का दावा- डोनेशन देने वाले डोनर्स की पहचान में गड़बड़ी की गई
आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, ईडी ने पिछले साल अगस्त में गृह मंत्रालय के विवरण में इस पूरे मामले की जानकारी दी थी। बताया गया कि AAP ने इसमें एफसीआरए और रजिस्ट्रेशन ऑफ पीपुल्स एक्ट का उल्लंघन किया है। ऐसा माना जा सकता है कि ईडी ने इस केस से जुड़ी कुछ नई चीजें गृह मंत्रालय से साझा की हैं।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी को पता चला है कि आप को विदेश से डोनेशन के तौर पर 7.08 करोड़ रुपए मिले हैं और पार्टी ने ये डोनेशन देने वाले फॉरेन डोनर की पहचान और नेशनैलिटी की जानकारी में गड़बड़ी की बात है। इसके अलावा कुछ और डिटेल्स में भी गड़बड़ी पाई गई है।
ईडी ने गृह मंत्रालय को सभी दानकर्ताओं के नाम और राष्ट्रीयता की जानकारी दी
एजेंसी के अनुसार, एजेंसी ने गृह मंत्रालय को सभी दानदाताओं के वेरी नाम, नेशनैलिटी, पासपोर्ट नंबर, दान की राशि, दान का मॉड और दान प्राप्त करने वाले का बैंक खाता नंबर, बिलिंग नाम, एड्रेस, फोन नंबर ईमेल, दान का समय दिया गया है। और तारीख और इस्तेमाल किया गया पैथल गेटवे।
एजेंसी ने गृह मंत्रालय को बताया कि 2015 और 2016 में अमेरिका और कनाडा में AAP की ओवरसीज विंग के वालंटियर्स की तरफ से FCRA के जरिए कुछ फंडरेजिंग इवेंट्स का उल्लंघन किया गया था।
ईडी ने गृह मंत्रालय को बताया कि कनाडा में रहने वाले कुछ लोगों के नाम और उनकी राष्ट्रीयता को पार्टी के सांप्रदायिक रिकॉर्ड में छुपाकर रखा गया है ताकि पार्टी के भारतीय बैंक खाते में विदेशी दान को छुपाया जा सके।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, एफसीआरए उल्लंघन के मामले की जांच सीबीआई कर रही है, ईडी की ओर से दिए गए निर्देश में गृह मंत्रालय सीबीआई से पूछताछ की जा सकती है।
