-1.5 C
New York

Arvind Kejriwal Bail Vs ED; Supreme Court | Delhi Liquor Scam | ED ने सुप्रीम कोर्ट में केजरीवाल की जमानत का विरोध: कहा- प्रचार करना मौलिक अधिकार नहीं; SC ने कहा था- चुनाव 5 साल में होते हैं

Published:


नई दिल्ली5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
ईडी ने 21 मार्च को अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया था।  1 अप्रैल को ब्रह्माण्ड तिहाड़ जेल भेजा गया।  - दैनिक भास्कर

ईडी ने 21 मार्च को अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया था। 1 अप्रैल को ब्रह्माण्ड तिहाड़ जेल भेजा गया।

डायरेक्टोरेट डिपार्टमेंट (ईडी) ने गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की शहादत का विरोध किया है। मीडिया अर्थशास्त्री के अनुसार, ईडी ने अदालत में एफआइडेविट फाइल की। एजेंसी ने कहा कि प्रचार करना मूल अधिकार नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट में फिडेविट ईडी के डिप्टी डायरेक्टर भानु प्रिया को पद से हटा दिया गया। कल विएज़ को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के ज़मानत पर फैसला सुनाया जाएगा। दिल्ली शराब नीति केस में अभी भी ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं। ज़मानत के लिए सम्राट सुप्रीम कोर्ट गए हैं।

पिछली गवाही यानी 2 मई को सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से कहा था कि चुनाव 5 साल में आ गए हैं, ये असाधारण स्थिति है। कोर्ट ने कहा था कि अगर हम स्ट्राइकर को जमानत देते हैं तो हमारी शर्त रहेगी कि वे सरकार के काम में पासींदाजी नहीं जाएंगे।

ईडी का फिडेविट, बेल के विरोध में 5 तर्क
1. चुनाव के दौरान प्रचार-प्रसार का अधिकार मौलिक अधिकारों में शामिल नहीं है। ना ही ये संवैधानिक अधिकार है और ना ही कानूनी अधिकार है।
2. हमारी जानकारी में किसी भी राजनेता को गारंटी नहीं दी गई है। यदि कोई नेता चुनाव नहीं लड़ रहा हो तो ऐसी स्थिति में भी कोई गारंटी नहीं दी जाती।
3. ऐसा नहीं है कि किसी राजनेता को अंतरिम बेल मिल जाए तो उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता या ज्यूडिशियल कस्टडी में नहीं रखा जा सकता।
4. पिछले 3 वर्षों में 123 चुनाव हुए हैं, यदि किसी नेता को चुनाव प्रचार के लिए जमानत मिल जाती है तो किसी को भी न्यायिक हिरासत में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि इलेक्शन तो पूरे साल होते हैं।
5. यदि चुनाव प्रचार के लिए किसी को भी झटका दिया जाता है तो यह अहितकर और कानूनी अभिशाप होगा।

खबरें और भी हैं…



Source link

Related articles

spot_img

Recent articles

spot_img