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NASA Artemis 2 Moon Mission Live Updates: चांद पर पिछले इंसानी मिशन के 53 साल से अधिक समय बाद NASA का आर्टेमिस-II मिशन आज यानी गुरुवार को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से सफलतापूर्वक उड़ान भर गया. इसमें चार एस्ट्रोनॉट्स हैं जो चांद की ओर निकल पड़े हैं. आर्टेमिस II 1972 में अपोलो 17 के बाद चांद के आस-पास इंसानों का पहला क्रू मिशन है. यह चांद के चारों ओर 10 दिन तक चक्कर लगाएगा और वापस आएगा. मिशन पर चार एस्ट्रोनॉट्स हैं. NASA कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच और कैनेडियन स्पेस एजेंसी के मिशन स्पेशलिस्ट जेरेमी हैनसेन.
NASA के आर्टेमिस II क्रू के चार सदस्यों ने चांद पर ऐतिहासिक मिशन शुरू किया.
NASA Artemis 2 Moon Mission Live Updates: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने इतिहास रच दिया है. 53 साल बाद इंसान चांद की ओर निकल पड़ा है. जी हां, नासा का आर्टेमिस-2 मिशन आज यानी गुरुवार 2 अप्रैल 2026 की सुबह 3:54 बजे लॉन्च हुआ. यह अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ. यह ऐतिहासिक पल 53 साल बाद आया है, जब इंसान चंद्रमा पर जा रहा है. नासा ने 53 सालों में पहली बार मानवयुक्त चंद्र मिशन के प्रक्षेपण के लिए 31 मार्च को उलटी गिनती शुरू कर दी थी. ‘आर्टेमिस-2’ मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर विशाल स्पेस लॉन्च सिस्टम (एसएलएस) रॉकेट आज सुबह लॉन्च हुआ.
दरअसल, लगभग 32 मंजिला ऊंचा यह रॉकेट अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की कक्षा में एक दिन बिताने के बाद ‘ओरियन’ कैप्सूल के जरिए चंद्रमा की ओर लेकर जाएगा. यह मिशन चंद्रमा की कक्षा में उतरने के बजाय उसके चारों ओर घूमकर सीधे पृथ्वी की ओर लौटेगा. करीब 10 दिन की इस यात्रा का समापन प्रशांत महासागर में कैप्सूल के उतरने के साथ होगा.
मौसम कैसा था?
नासा के अधिकारियों के अनुसार, प्रक्षेपण के समय मौसम भी अनुकूल था. इससे पहले यह मिशन फरवरी में निर्धारित था, लेकिन हाइड्रोजन ईंधन रिसाव के कारण इसे टालना पड़ा. रिसाव ठीक करने के बाद हीलियम प्रेशर लाइन में रुकावट आ गई, जिसके चलते रॉकेट को पिछले महीने के अंत में फिर से मरम्मत के लिए ले जाना पड़ा. करीब डेढ़ सप्ताह पहले रॉकेट को दोबारा प्रक्षेपण स्थल पर लाया गया था.
आर्टेमिस-2 मिशन पर चार एस्ट्रोनॉट्स हैं.
- NASA कमांडर रीड वाइसमैन
- पायलट विक्टर ग्लोवर
- मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच
- कैनेडियन स्पेस एजेंसी के मिशन स्पेशलिस्ट जेरेमी हैनसेन.
क्यों खास है यह ‘आर्टेमिस-2’ मिशन
यह मिशन ऐतिहासिक ‘अपोलो’ कार्यक्रम से अलग है. इसके तहत 1968 से 1972 के बीच केवल पुरुषों को चंद्रमा पर भेजा गया था. 53 साल बाद अब चंद्रमा पर जा रहे ‘आर्टेमिस-2’ के दल में एक महिला, अश्वेत अंतरिक्ष यात्री और एक गैर-अमेरिकी सदस्य शामिल हैं. मिशन के पायलट विक्टर ग्लोवर ने कहा कि वह चाहते हैं कि युवा पीढ़ी इस मिशन को देखकर प्रेरित हो. उन्होंने कहा कि लड़कियां और विभिन्न पृष्ठभूमि के बच्चे खुद को इस अभियान से जोड़ें और अंतरिक्ष अन्वेषण में करियर बनाने की अपनी संभावनाएं तलाशें.
बैकअप प्लान क्या?
नासा के पास ‘आर्टेमिस-2’ के प्रक्षेपण के लिए अप्रैल के पहले छह दिनों का समय था. अगर इस दौरान प्रक्षेपण नहीं हो पाता तो एजेंसी को महीने के अंत तक इंतजार करना पड़ता.
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