जबरन मजदूरी वाले सामानों पर अमेरिका की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, भारत सहित 60 देशों पर एक्शन, आयात पर शुरू की जांच


होमदुनियाअमेरिका

ग्लोबल ट्रेड में खलबली! US ने भारत सहित 60 व्यापारिक साझेदारों से मांगा जवाब

Last Updated:

अमेरिका ने भारत सहित 60 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ जबरन मजदूरी से बने सामानों के आयात पर जांच शुरू की है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने चिंता जताई है. ग्रीर ने स्पष्ट किया कि पूरी दुनिया में जबरन मजदूरी के खिलाफ एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहमति है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन नहीं हो रहा है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

अमेरिका ने भारत सहित 60 व्यापारिक साझेदारों से जवाब मांगा है. (फाइल फोटो)

वॉशिंगटन. वैश्विक व्यापार और मानवाधिकारों को लेकर अमेरिका ने एक बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है. अमेरिका ने भारत सहित दुनिया की 60 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ एक व्यापक जांच शुरू कर दी है. इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन देशों ने ‘जबरन मजदूरी’ (Forced Labor) से बने सामानों के आयात को रोकने के लिए अपने स्तर पर क्या ठोस कदम उठाए हैं. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने इस मुद्दे पर गहरी चिंता जताते हुए स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय सहमति होने के बावजूद कई देश इसे प्रभावी ढंग से लागू करने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं. इस जांच के दायरे में भारत के आने से भविष्य में भारतीय निर्यातकों और व्यापारिक नीतियों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है.

यह घटनाक्रम ग्रीर द्वारा ट्रंप प्रशासन की उस योजना की घोषणा के एक दिन बाद सामने आया है, जिसके तहत 16 अर्थव्यवस्थाओं की विनिर्माण प्रक्रियाओं की जांच शुरू की जानी थी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे अमेरिकी व्यापार पर “बोझ डालती हैं या उसे बाधित करती हैं.” इस सूची में भारत भी शामिल था. सिर्फ़ भारत ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान, चीन, रूस, थाईलैंड, बांग्लादेश, वेनेज़ुएला और कंबोडिया जैसे देश भी उन 60 देशों में शामिल हैं, जो आयात और ज़बरदस्ती मज़दूरी को लेकर घोषित अमेरिकी जांच के दायरे में हैं. यहां देखें पूरी लिस्ट…

अल्जीरिया
अंगोला
अर्जेंटीना
ऑस्ट्रेलिया
बहामास
कंबोडिया
बहरीन
बांग्लादेश
ब्राज़ील
कनाडा
चिली
चीन
कोलंबिया
कोस्टा रिका
डोमिनिकन रिपब्लिक
इक्वाडोर
मिस्र
अल सल्वाडोर
यूरोपीय संघ
ग्वाटेमाला
गुयाना
होंडुरास
हांगकांग
भारत
इंडोनेशिया
इराक
इज़राइल
जापान
जॉर्डन
कज़ाकिस्तान
कुवैत
लीबिया
मलेशिया
मेक्सिको
मोरक्को
न्यूज़ीलैंड
निकारागुआ
नाइजीरिया
नॉर्वे
ओमान
पाकिस्तान
पेरू
फिलीपींस
कतर
रूस
सऊदी अरब
सिंगापुर
दक्षिण अफ्रीका
दक्षिण कोरिया
श्रीलंका
स्विट्जरलैंड
ताइवान
थाईलैंड
त्रिनिदाद और टोबैगो
तुर्की
संयुक्त अरब अमीरात
यूनाइटेड किंगडम
उरुग्वे
वेनेज़ुएला
वियतनाम

अमेरिका ने यह जांच क्यों शुरू की है?
यह जांच 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301(b) के तहत की जाएगी. यह वही कानून है जिसके तहत पहले 16 अर्थव्यवस्थाओं की मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं की जांच की घोषणा की गई थी. जेमिसन ग्रीर ने कहा कि इस जांच के ज़रिए, अमेरिकी अधिकारी यह पता लगाना चाहते हैं कि क्या देशों ने ज़बरदस्ती मज़दूरी से बने सामान के आयात को रोकने के लिए कदम उठाए हैं, और ऐसा न कर पाने का अमेरिका के व्यवसायों पर क्या असर पड़ा है.

About the Author

authorimg

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img