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अमेरिका की सीनेट में हुई एक सुनवाई के दौरान वोटिंग और जेंडर को लेकर हुई बहस। इस दौरान भारतीय मूल अमेरिकी महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. निशा वर्मा ने इस सवाल का सीधा जवाब देते हुए कहा कि कौन सा पुरुष गर्भवती हो सकता है। दर्शन के दौरान रिपब्लिकन न्यूमेरिक जोश होले ने डॉ. वर्मा ने पूछा- ‘क्या पुरुष प्रेग्नेंट हो सकते हैं?’ इस पर डॉ. वर्मा ने सीधा हां या ना में जवाब नहीं दिया। उन्होंने इसे पॉलिटिकल प्रश्न बताया। डॉ. वर्मा ने कहा कि वे ऐसे गरीबों का इलाज करते हैं जो खुद को महिला नहीं मानते। बुधवार को अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में ‘स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम और पेंशन समिति’ की सुनवाई हुई। इसका उद्देश्य ‘महिलाओं की सुरक्षा: रासायनिक अवशोषण औषधियों को उजागर करना’ था। डॉ. निशा वर्मा डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से गवाही प्रमाण पत्र। पढ़ें अमेरिकी अल्पसंख्यक के प्रश्न और भारतवंशी डॉक्टर के उत्तर… सीनेटर जोश होले- क्या पुरुष गर्भवती हो सकते हैं? डॉ. निशा वर्मा- मुझे समझ नहीं आ रहा है कि इस सवाल का मकसद क्या है। सीनेटर जोश होले- इसका उद्देश्य एक जैविक सच्चाई को चित्रित करना है। क्या पुरुष गर्भवती हो सकते हैं? डॉ. निशा वर्मा- मैं ऐसे लोगों का इलाज करती हूं जिनकी पहचान अलग-अलग होती है। सीनेटर जोश होले- क्या पुरुष गर्भवती हो सकते हैं? डॉ. निशा वर्मा- जैसा कि मैं कह रही हूं सीनेटर जोश होले- आपने कहा था कि विज्ञान और साक्ष्यों से निर्णय लेना चाहिए। क्या पुरुष गर्भवती हो सकते हैं? आप डॉक्टर हैं। डॉ. निशा वर्मा- विज्ञान और साक्ष्यों से ही इलाज की दिशा मिलनी चाहिए। सीनेटर जोश होले- विज्ञान और साक्ष्य वैज्ञानिक क्या पुरुष गर्भवती हो सकते हैं? डॉ. निशा वर्मा- मुझे लगता है कि ऐसे हां-ना वाले सवाल राजनीति के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। अबोर्शन औषधियों पर 100 से अधिक वैज्ञानिक शोध हुए डॉ. वर्मा एक मूल्यवान स्वास्थ्य एड स्टॉकर हैं और फ़िज़िश मित्र रिप्रोडक्टिव स्वास्थ्य से जुड़े हुए हैं। अपने शुरुआती बयान में उन्होंने मेडिकल अबॉर्शन का खंडन किया और कहा कि लंबे समय तक इस्तेमाल की जाने वाली ये दवाएं सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि गर्भपात औषधियों पर 100 से अधिक साइंटिफ़िक नतीजे आ चुके हैं और ये दवाएँ सुरक्षित और प्रभावशाली साबित हुई हैं। उनका कहना है, साल 2000 में मंजूरी मिलने के बाद से अमेरिका में अब तक 75 लाख से ज्यादा लोगों ने अबॉर्शन पिल्स का इस्तेमाल किया है। सीनेटर होले ने बार-बार अपना सीधा जवाब देते हुए कहा कि यह सवाल राजनीति का नहीं बल्कि बायोलॉजी का है। उन्होंने कहा कि वह एक डॉक्टर हैं। वर्मा की शुरूआत परख रहे हैं। जवाब में डॉ. वर्मा ने कहा कि ऐसे सवालों की सच्चाई को बहुत आसान तरीकों से देखने की कोशिश की जाती है और अक्सर राजनीतिक मकसद का इस्तेमाल किया जाता है। बोले- गर्भवती महिलाएं होती हैं, पुरुष नहीं जोश होले ने इस काजल को अस्वीकार करते हुए कहा कि गर्भवती महिलाएं होती हैं, पुरुष नहीं। उन्होंने डॉ. पर आरोप लगाया. वर्मा बायोलॉजी की शोध वास्तविकता को स्वीकार नहीं कर पाना और ऐसे में उनके दावों पर भरोसा करना मुश्किल है। उन्होंने यह भी कहा कि गर्भपात औषधियों से 11% मामलों में सीरियस स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं, जो कि फार्म एंड फार्मरी एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की जानकारी से अधिक हैं और यह महिलाओं की सुरक्षा के लिए है। डॉ. वर्मा ने कहा कि वे साइंस से प्रेरणा ले रहे हैं और अपनी दोस्ती के बारे में बता रहे हैं। ध्रुवीकरण वाली भाषा और सवाल इस मकसद को पूरा नहीं करते। क्या पुरुष गर्भवती हो सकते हैं? अमेरिकी वेबसाइट मेडिकल न्यूज टुडे के अनुसार आमतौर पर पुरुष गर्भवती नहीं हो सकती। जो लोग पुरुष उत्पत्ति के साथ पैदा होते हैं और पुरुष के रूप में रहते हैं, उनकी तलाश संभव नहीं है। लेकिन कुछ ट्रांसजेंडर पुरुष और गैर-बाइनरी लोग गर्भवती हो सकते हैं। अंतिम रूप से संभव है जब किसी इंसान के पास गर्भाशय यानी यूटरस हो। गर्भाशय अंग है जहां बच्चे का विकास होता है। पुरुष उत्पत्ति में लिंग और अंडकोष होते हैं, लेकिन गर्भाधान नहीं होता है। ‘पुरुष’ और ‘महिला’ शब्द जेंडर को नियुक्त किया जाता है, जो समाज से जुड़ी पहचान होती है। जेंडर किसी इंसान के सामाजिक रोल, व्यवहार और पहचान से जुड़ा होता है। वहीं बायोलॉजिकल सेक्स शरीर के अंगों पर आधारित होता है। जेंडर और सेक्स एक जैसा नहीं होता और जेंडर व्यक्ति की अपनी पहचान पर प्रतिबंध है। ब्रेस्ट और अग्न्याशय के लिए आवश्यक बार-बार जन्म के समय लोगों को पुरुष या महिला माना जाता है। जो लोग अपने जन्म के समय दिए गए जेंडर के साथ खुद को रोजगार देते हैं, उन्हें सिसजेंडर कहा जाता है। सिसजेंडर पुरुष, कर्क वे पुरुषों के साथ यौन संबंध गर्भवती नहीं हो सकती। लेकिन कुछ लोग जन्म के समय महिला माने जाते हैं, जबकि बाद में वे खुद को पुरुष या जेंडर नॉन-कान फॉर्मिंग मान लेते हैं। ऐसे कई लोगों के शरीर में गर्भाधान और अज्ञात लोग मौजूद रहते हैं। इसी कारण से वे गर्भवती हो सकती हैं और बच्चे को जन्म दे सकती हैं। जेंडर नॉन-कन फॉर्मिंग का मतलब है कोई इंसान लड़का या लड़की भी कोई आदर्श न रखे जैसा कि समाज आम तौर पर अपनी अपेक्षा रखता है। टेस्टास्टेरोन लेने से एकांत में मुश्किल होने का खतरा कुछ ट्रांसजेंडर ‘मेल टेस्टास्टेरोन हार्मोन थेरेपी’ लेते हैं। इससे शरीर में पुरुषों जैसे बदलाव आते हैं, जैसी आवाज भारी होती है, शरीर पर बाल लगते हैं और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। अध्ययन के अनुसार टेस्टास्टेरोन लेने के कुछ महीनों के भीतर बाथरूम बंद हो जाते हैं, जिससे चयन मुश्किल हो सकता है, लेकिन पूरी तरह से नामुमकिन नहीं होता है। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि टेस्टास्टेरोन लेने से इंसान को पूरी तरह से बांझ नहीं होता है। हालाँकि इस दौरान कुछ स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं। फिर भी ज्यादातर मामलों में गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के सामान्य नतीजे बताए गए हैं। 2014 के एक अध्ययन में ऐसे 41 ट्रांसजेंडर पुरुष और जेंडर नॉन-कैन फॉर्मिंग लोग शामिल हुए जो गर्भवती हुईं और उनके बच्चे पैदा हुए। इस अध्ययन में पाया गया कि कुछ लोग होटल वापस आये बिना ही प्रेग्नेंट हो गये थे। रिसर्चर्स ने यह भी बताया कि टेस्टास्टेरोन लेने और न लेने वाले लोगों में हिस्सेदारी और स्टॉक के अध्ययन में कोई बड़ा फर्क नहीं था। कुछ ट्रांसजेंडर पुरुषों ने सी-सेक्शन (ऑपरेशन से ऑपरेशन) से स्टॉक की तलाश शुरू की, लेकिन यह उनकी व्यक्तिगत पसंद और आराम से अलग निर्णय था। इसका मतलब यह नहीं है कि वे सामान्य खरीदारी नहीं कर सकते। 2019 में एक ट्रांसजेंडर पुरुष टेस्टास्टेरोन बंद करने के दो महीने बाद प्रेग्नेंट हुई 2019 में आई एक केस स्टडी में बताया गया कि 20 साल का एक ट्रांसजेंडर पुरुष टेस्टास्टेरोन बंद करने के दो महीने बाद प्रेग्नेंट हुई। उसने 40 साल बाद बिना किसी परेशानी के एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद उन्होंने चेस्टफ़ीड भी फ़ार्म और फिर फ़ार्मटेस्टैस्टरन थेरेपी की शुरुआत की। कुछ ट्रांसजेंडर पुरुष जेंडर से जुड़ी सर्जरी भी करवाते हैं। इनमें चेस्ट की सर्जरी, गर्भपात की सर्जरी और पुरुष नसबंदी की सर्जरी शामिल हैं। अगर किसी इंसान का गर्भपात हो गया है, तो वह गर्भवती नहीं हो सकती। कुछ बहुत ही दुर्लभ मामलों में, सर्जिकल सर्जरी के बाद गर्भपात पर भी एक्टोपिक वर्गीकरण हो सकता है, जिसमें भ्रूण का रिसाव विकसित होता है। ऐसे मामले बहुत कम हैं। भविष्य में वैज्ञानिक गर्भाशय ट्रांसप्लांट पर शोध कर रहे हैं। हो सकता है कि आने वाले समय में जैविक रूप से भी पुरुषों का अध्ययन किया जा सके, लेकिन केवल यह अध्ययन के स्तर पर ही है। सीनेटर होले बोले- महिला बायोलॉजिकल रियलिटी विवाद पर सुनवाई के अंत में सीनेटर होले ने कहा कि यह सवाल विज्ञान, जनता के विश्वास और महिलाओं के कानूनी अधिकारों के नुकसान से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को एक जैविक वास्तविकता माना जाता है, इस पर कोई विवाद की बात नहीं है, बल्कि सच्चाई है और इसका खंडन करना विज्ञान और महिलाओं की सुरक्षा को कमजोर करता है। खास बात यह है कि फरवरी 2024 में भी सीनेटर जोश होले ने इसी तरह की एक सीनेट सुनवाई के दौरान मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग से रायशुमारी की थी, जिसके बाद जुकरबर्ग ने सोशल मीडिया पर बच्चों के माता-पिता से माफ़ी मांगनी पोस्ट की थी।
अमेरिकी सांसद ने पूछा- क्या आदमी प्रेग्नेंट हो सकता है:भारतवंशी डॉक्टर बोलीं– ये पॉलिटिकल सवाल, कई पेशेंट ऐसी जो खुद को महिला नहीं मानतीं
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