नॉर्थ-ईस्ट में ‘क्रिश्चियन कॉरिडोर’ बनाना चाहता है अमेरिका? ‘ISI के साथ मिलकर भारत को तोड़ने की साजिश’


नई दिल्ली. पाकिस्तान ने यूएन में सिंधु जल संधि को फिर से बहाल करने की गुहार लगाई, जिस पर भारत ने इस संधि को तब तक के लिए निरस्त करने की बात कही है, जब तक कि पाकिस्तान आतंकवाद नहीं छोड़ देता. जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एस.पी. वैद ने शुक्रवार को इस फैसले को सही ठहराया और रेगुलेटेड सप्लाई की बात कही.

वैद ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “जवाहर लाल नेहरू के प्रधानमंत्री रहते हुए एकतरफा सिंधु जल संधि बनाई गई. शायद उनका पाकिस्तान प्रेम ही था कि 70 प्रतिशत पानी पाकिस्तान को दे दिया जाता रहा. इस संधि में क्लॉज है कि इसे रिव्यू किया जा सकता है, लेकिन करीब 70 सालों से रिव्यू ही नहीं किया गया. ऐसे में अब अगर पाकिस्तान आतंकवाद जारी रखता है, तो भारत उसे पानी रेगुलेट करके ही देगा. इसमें कोई दूसरी सोच ही नहीं होनी चाहिए. वो कह रहे थे कि डैम्स उड़ा देंगे, वो ऐसा करके दिखाएं. पाकिस्तान आतंकवाद बंद करेगा तब ही उसे पानी दिया जा सकता है.”

पूर्व डीजीपी ने आतंकी साजिश से जुड़े छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी पर कहा, “देखिए, जो एक अमेरिकी और छह यूक्रेनी पकड़े गए हैं, वे भारत में पर्यटन के लिए आए थे. वे वीजा लेकर आए थे. उनके पास अनुमति नहीं है कि पूर्वोत्तर में बिना अनुमित के जाएं. उनके पास सीमा पार करके म्यांमार जाने की भी अनुमति नहीं है. ऐसे में उन्होंने कानून का उल्लंघन किया है, जिसे लेकर कानूनी कार्रवाई होगी.”

उन्होंने आगे कहा, “अमेरिकी डीपस्टेट इसमें शामिल हो सकती है. इससे पहले बांग्लादेश की पूर्व पीएम ने भी बताया था कि एक अमेरिकी सीनियर अधिकारी उनसे मिले थे और एक क्रिश्चियन कॉरिडोर बनाने के लिए मदद मांगी थी. ऐसे में एक डीप स्टेट चाइना को काउंटर करने के लिए कॉरिडोर बनाना चाहता है, जिसके लिए भारत के पूर्वोत्तर को हड़पना चाहता है, जो कि मुमकिन नहीं है. भारत इसे होने नहीं देगा. अमेरिकी डीपस्टेट की यह गतिविधि देश के खिलाफ है. सभी को पता है कि उनकी साठगांठ पाकिस्तान की आईएसआई के साथ है.”

उन्होंने अमेरिकी खुफिया एजेंसी की निदेशक तुलसी गबार्ड द्वारा पाकिस्तान को अमेरिका के लिए परमाणु खतरा बताए जाने का समर्थन किया और कहा, “उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका को चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान से खतरा है. इनके पास परमाणु हथियार हैं. पाकिस्तान इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइल बनाने की कोशिश कर रहा है. अमेरिका को ईरान के बजाय पाकिस्तान से ज्यादा खतरा है.”

एस.पी. वैद ने ‘धुरंधर’ 2 की रिलीज पर कहा, “इसमें कोई विवाद नहीं है, क्योंकि जो दिखाया गया है, वह सच है. ‘धुरंधर 2’ या ‘धुरंधर 1’ (जिसे मैंने देखा है) में जो कुछ भी दिखाया गया है, वह भी सच है. आपने देखा ही होगा कि कैसे भारत की नकली करेंसी बनाने वाली मशीन हमारे अपने ही नेताओं ने हासिल की थी.”



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