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ईरान के खिलाफ 39 दिन चले अमेरिकी ऑपरेशन में अमेरिका को भारी नुकसान हुआ. 39 विमान नष्ट हुए और 10 क्षतिग्रस्त हुए. सबसे ज्यादा नुकसान ड्रोन बेड़े को हुआ, जबकि फाइटर जेट भी गिराए गए. फ्रेंडली फायर में ही अमेरिका को अपने तीन जेट गंवाने पड़े थे. यह दिखाता है कि ईरान से जंग में अमेरिका को भी बड़ा नुकसान हुआ है.
अमेरिकी फाइटर जेट.
वॉशिंगटन: ईरान के खिलाफ 39 दिनों तक चले अमेरिकी सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के बाद अब बड़े नुकसान की तस्वीर सामने आई है. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इस पूरे ऑपरेशन में अमेरिका को भारी सैन्य नुकसान हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अभियान के दौरान अमेरिका के कम से कम 39 विमान नष्ट हो गए, जबकि 10 अन्य अलग-अलग स्तर पर क्षतिग्रस्त हुए. यह नुकसान उस दौरान हुआ जब अमेरिकी सेना ने 13,000 से ज्यादा शॉर्टीज यानी मिशन के लिए उड़ानें भरीं.
ड्रोन बेड़े को सबसे बड़ा झटका
इस ऑपरेशन में सबसे ज्यादा नुकसान अमेरिकी ड्रोन फ्लीट को हुआ. कुल नुकसान का 60 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा ड्रोन का रहा. रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी वायुसेना के करीब 24 MQ-9A रीपर ड्रोन नष्ट हो गए. यह दिखाता है कि ईरान ने ड्रोन के खिलाफ प्रभावी जवाबी रणनीति अपनाई, जिससे अमेरिका की निगरानी और हमले की क्षमता को झटका लगा. सीजफायर के बाद शुक्रवार को भी अमेरिका को एक झटका लगा है, जब उसका 200 मिलियन डॉलर का MQ-4C- ट्राइटन ड्रोन होर्मुज के ऊपर गायब हुआ था.
अमेरिका के फाइटर जेट भी गिरे
ड्रोन के अलावा अमेरिका के पांच लड़ाकू विमान भी मार गिराए गए. इनमें चार F-15E स्ट्राइक ईगल और एक A-10 वॉर्थोग शामिल हैं. इतना ही नहीं, एक अत्याधुनिक F-35A फाइटर जेट को भी ईरानी हवाई क्षेत्र में नुकसान पहुंचा. हालांकि पायलट सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराने में सफल रहा.
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योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें





