ईरान ने जो सपने में भी नहीं सोचा होगा, वो करने जा रहा अमेरिका, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का क्या है मकसद?


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अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपना सबसे बड़ा मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया है. इस ऑपरेशन को ‘एपिक फ्यूरी’ का नाम दिया गया है. अमेरिकी सेना ने पहले 12 घंटों में ही ईरान पर करीब 900 घातक हमले कर दिए. इन हमलों से पूरे ईरान में भारी तबाही और दहशत का माहौल है. हमले के लिए जमीन, हवा और समुद्र तीनों रास्तों का इस्तेमाल किया गया.

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अमेरिका ने इजराइल के साथ मिलकर ईरान के कई ठिकानों पर मिसाइल दागे. (रॉयटर्स)

वॉशिंगटन. ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के पहले 12 घंटों में अमेरिकी सेना ने करीब 900 हमले किए. फॉक्स न्यूज ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी. अमेरिकी अधिकारी का कहना है कि हमले जमीन, हवा और समुद्र से किए गए और इनमें ड्रोन भी शामिल थे, और साथ ही सैकड़ों ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव भी किया गया. अमेरिकी अधिकारी का कहना है कि ईरान ने लड़ाई के पहले 12 घंटों में करीब 300 मिसाइलें दागीं, जो तेहरान में लोकल टाइम के हिसाब से शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे अमेरिका-इजराइल के जॉइंट ऑपरेशन से शुरू हुई थी.

अमेरिकी अधिकारी ने फॉक्स न्यूज़ को बताया कि ईरान के पास करीब 2,000 लंबी दूरी की मिसाइलें और 2,000 छोटी दूरी की मिसाइलें हैं – दोनों को पिछली गर्मियों में अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद फिर से भरा गया था. अधिकारी का दावा है कि ईरान ने बहरीन में US नेवी के फिफ्थ फ्लीट हेडक्वार्टर को टारगेट करके ‘खाली वेयरहाउस’ पर हमला किया, और कहा कि ईरान के किसी भी काउंटरस्ट्राइक से ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में US के मकसद पर असर नहीं पड़ा है.

अधिकारी का कहना है कि ऑपरेशन का मकसद यह पक्का करना है कि ईरान के पास अब ‘अपने पड़ोसियों पर हमला करने की काबिलियत न हो: कोई ड्रोन नहीं, कोई मिसाइल नहीं, कोई नेवी नहीं.’ US अधिकारी का दावा है कि वॉशिंगटन जानता है कि ईरान अपना हाईली एनरिच्ड यूरेनियम कहां जमा कर रहा है, लेकिन वहां तक पहुंचना मुश्किल है.

अधिकारी को उम्मीद है कि ईरान के खिलाफ ऑपरेशन ‘कुछ हफ़्ते’ चलेगा, लेकिन US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप इसे पहले खत्म करने का फैसला कर सकते हैं. US अधिकारी ने आगे कहा कि अभी भी अमेरिका और इजराइल के लिए कई ईरानी एयर डिफेंस बचे हैं, जिन्हें दबाना बाकी है, इससे पहले कि वे ईरानी आसमान से ज्यादा आजादी से काम कर सकें.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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