16 बिलियन डॉलर का सौदा, अमेरिका ने अरब देशों को दिए दुनिया के सबसे घातक हथियार, अब ईरान की खैर नहीं!


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US Arms Sale To Gurf: अमेरिका ने यूएई, कुवैत और जॉर्डन को अरबों डॉलर के हथियार बेचने की मंजूरी दी है. इस डील में मिसाइल डिफेंस रडार, ड्रोन हंटर सिस्टम और घातक AMRAAM मिसाइलें शामिल हैं. यूएई को सबसे ज्यादा करीब 8.5 अरब डॉलर के रक्षा उपकरण मिलेंगे. कुवैत को 8 अरब डॉलर के रडार सिस्टम दिए जाएंगे. यह कदम ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी देशों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए उठाया गया है.

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अमेरिका का मेगा प्लान: अरब देशों को मिलेंगे ऐसे हथियार, जिनसे कांप उठेगा ईरान. (AI Photo)

वाशिंगटन: अमेरिका ने खाड़ी देशों के लिए अपने हथियारों का पिटारा खोल दिया है. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने यूएई (UAE), कुवैत और जॉर्डन को अरबों डॉलर के घातक हथियार बेचने की मंजूरी दे दी है. इस डिफेंस डील की टाइमिंग बहुत अहम है. ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने यह बड़ा कदम उठाया है. इस डील के जरिए खाड़ी देशों की हवाई सुरक्षा और हमला करने की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी. करीब $16 बिलियन के डिफेंस पैकेज में मिसाइल डिफेंस सिस्टम, खतरनाक रडार और ड्रोन को हवा में ही ढेर करने वाली तकनीक शामिल है.

यूएई बनने जा रहा है अरब का सबसे ताकतवर किला!

  • इस पूरी डिफेंस डील में सबसे बड़ा हिस्सा संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई के खाते में आया है. अमेरिका ने यूएई को हवा से हवा में मार करने वाली एडवांस्ड मिसाइलें (AMRAAMs) देने का फैसला किया है. इसकी कीमत करीब 1.22 अरब डॉलर है.
  • यूएई को 4.5 अरब डॉलर का बेहद पावरफुल लॉन्ग-रेंज डिस्क्रिमिनेशन रडार भी मिलेगा. यह रडार ‘थाड’ (THAAD) मिसाइल डिफेंस सिस्टम के साथ मिलकर काम करेगा. यह सिस्टम दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को ट्रैक करने और उन्हें नष्ट करने में माहिर है.
  • अमेरिका ने यूएई के F-16 विमानों को अपग्रेड करने के लिए भी 644 मिलियन डॉलर के पैकेज को हरी झंडी दे दी है.

ड्रोन हमलों से बचने के लिए क्या है अमेरिका का मास्टर प्लान?

ईरान युद्ध में ड्रोन सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरे हैं. इसी खतरे को देखते हुए अमेरिका यूएई को 2.1 अरब डॉलर का ‘काउंटर-ड्रोन सिस्टम’ दे रहा है. इसे ‘फिक्स्ड साइट-लो, स्लो, स्मॉल अनमैन्ड एयरक्राफ्ट इंटीग्रेटेड डिफीट सिस्टम’ कहा जाता है. इसमें लगे कोयोट ब्लॉक-2 इंटरसेप्टर दुश्मन के छोटे और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन्स को पलक झपकते ही तबाह कर देंगे. यह तकनीक यूएई के तेल ठिकानों और शहरों को ड्रोन हमलों से सुरक्षा कवच प्रदान करेगी.

कुवैत और जॉर्डन को इस डील से क्या हासिल हुआ?

सिर्फ यूएई ही नहीं, बल्कि कुवैत को भी अमेरिका से बड़ी सौगात मिली है. कुवैत को 8 अरब डॉलर की लागत से दुनिया के सबसे एडवांस्ड ‘लोअर टियर एयर एंड मिसाइल डिफेंस सेंसर’ रडार मिलेंगे. यह रडार सिस्टम कुवैत की मिसाइल डिफेंस लेयर को अभेद्य बना देगा. वहीं, जॉर्डन को भी अपने लड़ाकू विमानों के रखरखाव और लॉजिस्टिक्स के लिए 70.5 मिलियन डॉलर की मदद मिली है.

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Deepak Verma

दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्‍य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़…और पढ़ें



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