‘ब्लैक गोल्ड’ से घुटनों पर आया अमेरिका, समंदर में तैर रहा 18 करोड़ बैरल का ईरानी तेल, होर्मुज स्ट्रेट में लगी आग


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तेल की इस भयंकर किल्लत और महंगाई से घबराए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने मजबूरी में बड़ा कदम उठाया है. अमेरिका ने ईरान से तेल खरीद पर लगाए गए प्रतिबंधों में 30 दिन की अस्थायी छूट दे दी है, ताकि ग्लोबल मार्केट में 140 मिलियन बैरल तेल उतारा जा सके. ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के बंद होने से पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है.

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ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले से दुनिया की गैस, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग लग गई है. (रॉयटर्स)

वॉशिंगटन. पश्चिम एशिया तनाव का असर पूरी दुनिया पर धीरे-धीरे दिखने लगा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पांबदी को देखते हुए विभिन्न देशों ने ईंधन कटौती के उपाय किए हैं; इस बीच अमेरिका की एक एयरलाइन को आशंका है कि हालात ऐसे ही रहे तो क्रूड की कीमत 175 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है. यूएस की बड़ी एयरलाइन कंपनी ‘यूनाइटेड एयरलाइंस’ ने ऐसी आशंका जताई है. कंपनी के सीईओ स्कॉट किर्बी ने शुक्रवार को स्टाफ मेमो में बताया कि हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए पहले से तैयारी करना जरूरी है.

उन्होंने कहा कि पिछले सिर्फ 3 हफ्तों में जेट फ्यूल की कीमत दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है. अगर यही हालात बने रहे, तो कंपनी को हर साल करीब 11 अरब डॉलर ज्यादा खर्च करना पड़ सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत पहले करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी, लेकिन अब यह बढ़कर लगभग 119.50 डॉलर तक पहुंच गई है.

बता दें, अमेरिकी ट्रेजरी ने शुक्रवार को ही ईरान से तेल खरीद पर 30 दिनों की छूट दी. ये उन ईरानी तेल खेपों को लेकर है जो पहले से समुद्र में जहाजों पर लदी हुई हैं. यह छूट उन सभी जहाजों पर लागू होगी जिनमें 20 मार्च तक तेल लोड हो चुका है और जिन्हें 19 अप्रैल तक उतारना होगा. यह जानकारी अमेरिका के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने दी ताकि वैश्विक आपूर्ति में लगभग 140 मिलियन बैरल तेल जोड़ा जा सके.

केपलर के डेटा के अनुसार, इस समय करीब 18 करोड़ बैरल ईरानी कच्चा तेल अलग-अलग जहाजों में समुद्र में मौजूद है, जो मिडिल ईस्ट से लेकर चीन के आसपास के समुद्री इलाकों तक फैला हुआ है. पहले ये प्रतिबंध ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने और तेल से होने वाली कमाई पर पाबंदी के इरादे से लगाए गए थे. अब इन्हीं में से कुछ प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से कम किया जा रहा है.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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