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ब्रिटेन के दो भाइयों ने रोबोटिक्स और कंप्यूटर साइंस का ऐसा कमाल दिखाया है, जिसने रूबिक्स क्यूब सॉल्व करने का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. उनके बनाए रोबोट The Revenger ने 4×4×4 क्यूब को सिर्फ 45.30 सेकंड में सुलझाकर Guinness World Record बना दिया. जानिए कैसे बना ये रोबोट और कैसे करता है काम.
रोबोट ने तोड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड.
दो ब्रिटिश भाइयों ने रोबोटिक्स और कंप्यूटर साइंस के जुनून को मिलाकर एक ऐसा रोबोट तैयार किया है, जिसने रूबिक्स क्यूब सॉल्व करने का दशकों पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. मैथ्यू पिडेन और थॉमस पिडेन ने द रिवेंजर (The Revenger) नाम से एक रोबोट बनाया है, जो 4×4×4 रूबिक्स क्यूब को मात्र 45.30 सेकंड में सुलझा लेता है.
दोनों भाइयों ने अपने इस कारनामे को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज करा लिया है. इससे पहले का रिकॉर्ड 2014 में 1 मिनट 18.68 सेकंड का था, जिसे इस रोबोट ने करीब 33 सेकंड रहते ही तोड़ दिया है. गिनीज ने भी इस रिकॉर्ड को आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया है. आपको बता दें कि इस रिकॉर्ड के लिए परफॉरमेंस मई 2025 में ही हो गई थी.
The Revenger कैसे बना?
मैथ्यू पिडेन, ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस छात्र हैं. उन्होंने ये प्रोजेक्ट अपने अंडरग्रेजुएट फाइनल ईयर प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया. मात्र 15 हफ्तों में उन्होंने रोबोट को डिजाइन किया, बनाया और ट्यून किया. उनके भाई थॉमस ने साथ में प्रोडक्ट डिजाइनर का काम किया. उन्होंने भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया है. दोनों ने टीम वर्क के साथ इस रोबोट को परफेक्टली बनाया है.
काम कैसे करता है?
द रिवेंजर में दो वेबकैम लगे हैं, जो कंप्यूटर विजन तकनीक से क्यूब के सभी फेस स्कैन करते हैं. चार मैकेनिकल आर्म्स क्यूब को घुमाते और मैनिपुलेट करते हैं. एक कस्टम एल्गोरिदम लैपटॉप पर चलता है, जो स्कैन डेटा से सबसे तेज सॉल्यूशन निकालता है. रिकॉर्ड प्रयास के दौरान कैमरों को प्लास्टिक शटर से ढका गया था ताकि प्रयास शुरू होने से पहले कोई फेस न देखा जा सके. इससे रोबोट पूरी तरह ऑटोमेटेड रहा और बिना किसी एक्सटर्नल नेटवर्क के इसने काम किया.
दो बार हुआ फेल
मई 2025 में ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन के दौरान रोबोट ने छह प्रयास किए. पहले दो असफल रहे. तीसरे में 53 सेकंड में रिकॉर्ड टूटा, लेकिन भाइयों को यकीन था कि और बेहतरी संभव है. छठे प्रयास में 45.30 सेकंड का नया रिकॉर्ड बना. क्यूब के सभी फेस एक रंग के हो गए और दर्शकों की भीड़ तालियों से गूंज उठी.
क्या बोले मैथ्यू और थॉमस?
मैथ्यू ने कहा कि बचपन से मुझे रूबिक क्यूब पसंद था और कंप्यूटर साइंस भी. दोनों को जोड़ना स्वाभाविक लगा और ये शानदार प्रोजेक्ट बना. थॉमस ने भी कहा कि छोटे-छोटे डिजाइन बदलावों ने सफलता दिलाई है. दोनों भाइयों का ये प्रयास अब देश और दुनिया में सुर्खियां बटोर रहा है.





