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Amar Subramanya becomes voice president of Apple’s AI team | एपल में AI टीम के वॉइस प्रसिडेंडट बने अमर सुब्रमण्या: गूगल, माइक्रोसॉफ्ट में भी रहे; बेंगलुरु यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन, वॉशिंगटन से PhD, जानें पूरी प्रोफाइल

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13 मिनट पहले

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भारतीय मूल के इंजीनियर अमर सुब्रमण्यम ने एपल ने एआई (कृत्रिम वैज्ञानिक) वॉयस प्रिसिडेंट बनाया है। वो वहां जॉन गियानंद्रिया को रिप्लेस करेंगे, मई 2026 में प्लेसमेंट होना है। अमर गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों में भी काम कर चुके हैं। ओल्ड एजुकेशन कॉलेज में हुई है।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, साल की शुरुआत में एप्पल ने कहा था, हम अपने आर्टिस्टिक एजेंसी (एआई) मॉडल सिरी को रिज्यूम करने पर काम कर रहे हैं। इसमें 2026 तक का समय लग सकता है। सुब्रमण्यम एपल के फाउंडेशन मॉडल और एमएल रिसर्च को लीड करेंगे और सीधे कंपनी सॉफ्टवेयर हेड क्रेग फेरिघी को रिपोर्ट करेंगे।

Google में 16 साल का काम, अब Apple में निभाएंगे जिम्मेदारी

सुब्रमण्यम ने हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट के वाइस प्रेसिडेंट के पद से एपल जॉइन किया है। इससे पहले उन्होंने गूगल में करीब 16 साल काम किया। जहां वे Google के AI मॉडल जेमिनी को लीड कर रहे थे। अमर सुब्रमण्यम कॉलेज में साउदी हैं। प्रारंभिक पढ़ाई भी कॉलेज में हुई है।

वो AI (कृत्रिम तकनीक) और मशीन सीखने में मास्टर माने जाते हैं। वर्ष 2001 में बेंगलुरु यूनिवर्सिटी से बीई यानी बैचलर्स ऑफ इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग) की शुरुआत की गई। ग्रेजुशन के बाद अमर ने स्पीच रिकग्निशन, सर्च लैंग्वेज सर्च (एनएलपी) और होममैन एक्टिविटी एना बसी पर काम किया।

वर्ष 2007 में उन्हें माइक्रोसॉफ्ट ग्रेजुएट फेलोशिप मिली। जहां उन्होंने मशीन लर्निंग और अन्य नी पर काम किया।

2025 में माइक्रोसॉफ्ट ने गूगल के डीप माइंड से 20 लोगों को परेशान किया था। इनमें अमर भी शामिल थे। उन्हें माइक्रोसॉफ़्ट में एआई वॉइस प्रेसिडेंट बनाया गया था।

माइक्रोसॉफ़्ट जॉइन करने के बाद अमर ने अपनी एक लिंक्डइन पोस्ट में लिखा, ‘गूगल की तुलना में माइक्रोसॉफ़्ट में लोग बहुत अच्छे हैं। यहां किसी भी चीज की होड़ नहीं है। सब मिलकर काम करते हैं। इगो भी नहीं है और सपने भी बड़े हैं।’

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10वीं में स्कूल बंद:कॉलेज सेंटर में किया काम, एलन मस्क का इंटरव्यू लेने वाले जेरोदा के को-फाउंडर निखिल कामथ, जानें पूरी प्रोफाइल

जेरोदा के को-फाउंडर निखिल कामथ ने हाल ही में दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क का इंटरव्यू लिया था, जिसके बाद उनकी बहुत चर्चा हुई है। निखिल स्टॉक ट्रेडिंग की दुनिया के जाने-माने खिलाड़ी माने जाते हैं। वे और उनके भाई नवजात कामथ दोनों मिलकर जिरोदा बने हुए हैं।

जेरोदा एक स्टॉक ब्रोकरेज फर्म है, जिसकी शुरुआत 2010 में हुई थी। ये देश का सबसे बड़ा स्टॉक ब्रोकरेज फर्म में से एक है। जेरोधा लगभग ₹64,000 करोड़ की कंपनी है। जो लगभग 1.6 करोड़ से अधिक उपभोक्ता हैं। पूरी खबर पढ़ें।



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