झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है. अपराधी से पहले ईडी ने रविवार को 7 घंटे की पूछताछ की। उनके नौकरों के घर पिछले दिनों 35 करोड़ रुपये नकद मिले थे। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है।
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आलमगीर आलम को आज एचडीएफसी ऑफिस में बने हाजत में रखा जाएगा। चिकित्सीय जांच की जाएगी। इसके बाद उन्हें गुरुवार रात 10 बजे एलॉय कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस दौरान एचडी कोर्ट से प्रतिमा की मांग की गई।
इससे पहले ईडी के अधिकारियों ने मंगलवार को एक घंटे तक उनसे 9 पूछताछ की थी। ईडी ने आलम को आज फिर पूछताछ के लिए बुलाया था। जांच एजेंसी की ओर से उनसे पूछताछ के लिए 12 मई को नोटिस भेजा गया था। आलम जागीर आलम झारखंड की अलगाववादी सरकार में कांग्रेस के कोटे से मंत्री हैं। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रसेल सोरेन भी मनी लॉन्ड्रिंग के एक अन्य मामले में ईडी के नाम शामिल हैं।

मंगलवार सुबह 10.45 बजे उत्तर प्रदेश के मंत्री आलम आलम से पूछताछ की गई।
ईडी का सवाल और आलमगीर आलम का जवाब
प्रश्न- आपके पीए और उसके सहायक जहां गीर के यहां से 30 करोड़ रुपये से ज्यादा मिले थे। यह रुपया पीए संजीव लाल ने किससे और क्यों?
उत्तर उत्तर- मुझे नहीं पता कि संजीव ने रुपये किस्से और कहां से प्राप्त किये थे। मैं इस मामले में बिल्कुल अंजान हूं।
प्रश्न- आपके विभाग में टेंडर कमीशन चल रहा है। क्या आपके पद पर नियुक्ति के लिए जिम्मेदार नहीं हैं?
उत्तर उत्तर- राजनीति में मेरी छवि कैसी है, यह कोई भी पूछ सकता है। मुझ पर आज तक इस तरह का कोई आरोप नहीं लगा है। ऐसे में विभाग के अधिकारी क्या कर रहे थे इसकी जानकारी मुझे बिल्कुल नहीं है।

दोपहर 2 बजे पी.ए. संजीव लाल की पत्नी भी स्पाइडरमैन ईडी ऑफिस।
संजीव ने भी दी कई अहम जानकारियां
प्रवर्तन निदेशालय के दस्तावेजों में चल रहे मंत्री आलम जागीर आलम के पीए संजीव लाल ने भी जांच एजेंसी को कई जानकारियां दी हैं। मंगलवार को मंत्री आलम जागीर आलम से उनके पीए संजीव लाल से भी पूछताछ की गई। संजीव लाल से पिछले 7 दिनों से पूछताछ चल रही है।
इस पूछताछ के दौरान संजीव ने यह स्वीकार किया कि जो उनके और उनके सहायकों को यहां से बरामद किया गया है, वे सभी पैसे के बदले में कमीशन के हैं। इसमें यह भी बताया गया है कि टेंडर कमीशन के नाम पर परिजनों से रुपये लिए गए थे।
ईडी को इस बात की जानकारी मिली है कि कमीशनखोरों के नेक्सस में कौन-कौन लोग शामिल थे। यह भी पता चला कि ग्रामीण विकास विभाग में ऊपर से नीचे तक के अधिकारियों के बीच कमीशन की राशि का बंटवारा हुआ था।

राम की गिरफ़्तारी के बाद से ही मिली जांच के दस्तावेज में थे मंत्री
ग्रामीण कार्य विभाग के पूर्व मुख्य बंधक राम की भ्रष्टाचारी के बाद से ही मंत्री आलम गीर आलम ईडी की जांच में शामिल थे। ईडी ने अपनी पूछताछ की तैयारी कर रही थी। फ़ायर राम को ईडी ने 23 फरवरी 2023 को गिरफ्तार किया था।
आलम गीर आलम कौन हैं?
आलम गीर आलम झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। वह पाकुड़ विधानसभा से चार बार विधायक रह चुके हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन वाली सरकार में संसदीय कार्य और ग्रामीण विकास मंत्री हैं। 2006 से 2009 तक झारखंड क्षेत्र के कलाकार भी रह चुके हैं। आलम जागीर आलम राजनीतिक परिवार से मिले हैं, उनकी विरासत में ही राजनीति मिली है।
उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत सरपंच चुनाव को लेकर की थी। वह 2000 में पहली बार विधानसभा के लिए चुने गए। तब से लेकर अब तक वह चार बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं।
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