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AI बनाम इंसान, टेक लीडर्स बच्चों के लिए चिंतित:एंथ्रोपिक की प्रेसिडेंट समेत दिग्गज बोले- वही बच्चे सफल होंगे जो रिश्ते जोड़ सकें; गहरी सोच, दया व ​नैतिकता ही उन्हें मशीनों से आगे रखेगी

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एंथ्रोपिक्स की को-फाउंडर और प्रेसिडेंट डेनिएला अमोडेई वैल्युएना और नागालैंड्स सेलेक्ट्स हैं, तो मीटिंग के बाद लोग एक सवाल जरूर करते हैं- मेरा चाइल्ड कॉलेज में क्या पढ़ा?’ डेनिएला का कहना है, ‘मॉडल मॉडल तेजी से वैगन का स्वरूप बदल रहे हैं, ऐसे में माता-पिता की चिंता है। होटल की दुनिया के दिग्गजों का मानना ​​है कि टेलॉजी से जुड़े बच्चे जल्द ही पुराने हो सकते हैं, पर शंका का समाधान नहीं है। इंसान के व्यवहार में गुण, आलोचनात्मक सोच, कर्तव्य और जिम्मेदारी जैसे गुण शामिल हैं। टॉप म्यूजिक म्यूजिक अपने बच्चों को आकर्षक गुणों को दिखाने के लिए प्रेरित करते हैं। उनके सिद्धांतों का साधन… मेलजोल और इलाक़े एहम डेनिएला कहते हैं,’समान-समान समानताएं, समानता, दयालुता और सिद्धांतों से जुड़ाव की क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी। ‘मशीनें संवाद कर सकते हैं, पर वे इंसान की तरह महसूस नहीं कर सकते। डेनिएला कहती हैं, ‘भविष्य में वही बच्चे सफल होंगे जो लोगों के साथ संबंध बनाते हैं।’ इंसान हमेशा इंसानों का साथ पसंद करता है, अकेलापन दुख देता है। इसलिए मैं चाहता हूं कि मेरे बच्चे ज्यादा से ज्यादा मेलजोल मूर्तियां और उनकी अनोखी पहचान को लोग पसंद करें। इंसान की संस्था और ग्रुप में रहने की चाहत कभी ख़त्म नहीं होगी। इंसानी विशेषज्ञता की चाहत पेड अपार्टमेंट के को-फाउंडर मणि मदीना के (4, 9, 19, 26 साल की उम्र) चार बच्चे हैं। उनका मानना ​​है कि भविष्य में दो क्षेत्र ऊर्जा और स्कॉच सबसे अधिक ऊर्जावान होंगे। मदीना कहते हैं,’कैंसर जैसी भूख के इलाज के लिए इंसानी नुस्खे हमेशा जरूरी बने रहते हैं। वे कहते हैं, ‘परोपकार और पर्यावरण की देखभाल जैसे काम, पोषण दिल से नहीं किया जा सकता।’ ‘बच्चों को खतरा नहीं टूल की तरह देखें।’ 15 साल के बेटे कैरोलिन हैंके 15 साल के बेटे फुटबॉलर बनना चाहते हैं। कैरोलिन यह सही सहयोगी हैं। उनका कहना है कि आज के टेक सोसायटी दो साल बाद पुरानी हो जाएगी, सीटें और बदलाव स्वीकार करने की क्षमता सबसे महत्वपूर्ण है। वे अपने बेटे को गणित और मजबूत सोच पर ध्यान देने को कहते हैं क्योंकि शीट के दौर में लॉजिकल थिंकिंग ही मजबूत आधार होगी। हरफनमोला इंसेंटिव व्हार्टन स्कूल के प्रोफेसर एथन मलिक के दो बच्चे (16 से 19 वर्ष) हैं। होटल पर बात तो करते हैं, पर बहुत ज्यादा कुछ नहीं पता। वे बच्चों को ‘हरफानमोला’ बनने की सलाह देते हैं। जैसे डॉक्टर का काम बीमारी दिखाना नहीं, बल्कि मरीज को डांट और ढांकस बांधना भी है। उनका कहना है कि लिबरल आर्ट्स पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है ताकि बच्चा हर परिस्थिति में खुद को ढाल सके।​ जिम्मेदारी लेना अहम व्यवसाय के प्रमुख संत जेमी टीवीन का कहना है, ‘मस्तिष्क सुझाव तो दे सकते हैं, पर निर्णय की जिम्मेदारी नहीं ले सकते।’ इसलिए वे बच्चों को कानून या अकाउंटिंग जैसे रीच जाने के लिए कहते हैं, जहां कुएं की लाकडाउन इंसानों की होती है। वे हैं सिद्धांत, गहराई से अवलोकन और कठिन काम करने की आदत ही बच्चों को सहयोग से रखेगी।



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