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राष्ट्रीय जनता दल यानी राजद प्रमुख प्रसाद प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने शनिवार, 15 नवंबर को राजनीति छोड़ दी और परिवार से नाता तोड़ लिया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि ऐसा उन्होंने संजय यादव और रमीज नेमत खान के लिए किया है।
इसके बाद से ही ‘रमीज नेमत खान’ का नाम इंटरनेट पर चर्च में है।

पिता जामिया में प्रोफेसर थे
बैसाखी के तुलसीपुर गांव में साउदी रमीज बचपन में परिवार के साथ दिल्ली चले गए। उनके पिता जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे। दिल्ली से ही रामीज़ की एजुकेशन हुई। बचपन से ही उन्हें क्रिकेट का शौक था। इसी तरह डीपीएस से पढ़ाई के दौरान वो प्रोफेशनली क्रिकेट लगें।
युवा यादव के बचपन के दोस्त हैं
राजद नेता और बिहार के छात्र रहे यादव की भी स्कूलिंग दिल्ली से हुई है। वो दिल्ली पब्लिक स्कूल, स्प्रिंग विहार के स्टोर थे। बचपन से रामीज़ की मुलाकात दिल्ली में हुई। दोनों जामिया यूनिवर्सिटी के ग्राउंड पर एक साथ क्रिकेट प्रैक्टिस करते थे। फिर लेवल जूनियर पर क्रिकेट के साथ जुड़ें।
युवाओं की रणनीति का ‘बैकएंड ब्रेन’ हैं
साल 2015 में यंग ने मेनस्ट्रीम पॉलिटिक्स की शुरुआत की। बिहार विधानसभा चुनाव में राजद ने उन्हें राघोपुर सीट से उतारा। उन्होंने चुनाव जीता और बिहार के सबसे युवा वर्ष (26 वर्ष) बने।
इसके बाद रमीज़ ने भी क्रिकेट से बाहर राजनीति में जगह बनाने का फैसला लिया। साल 2016 में आधिकारिक रूप से वो राजद में शामिल हुए।

रमीज (बाएं) ने सबसे करीबी रिश्ते में रहना ही तेज यादव (दाएं) से शुरू किया।
रमीज़ ने बचपन के निजी सोशल मीडिया ऑपरेशन की शुरुआत की। चयनित वैयक्तिकृत डेटाबेस डेटाबेस की जिम्मेदारी सौंपी गई। पॉलिटिकल का मानना है कि युवाओं की रणनीति में उनकी भूमिका ‘बैकएंड ब्रेन’ जैसी थी।
पत्रकार ज्ञान हमेशा के लिए जुड़े हुए हैं कि रमीज दीक्षा के साथ रहते हैं। वे डिसाइड करते हैं कि क्या होना है और क्या नहीं होना है। बाहर से दिखने वाले संजय यादव और अंदर से रमीज़ हैं।
पूर्व सांसद रिजवान जहीर के दोस्त हैं
रमीज़ का राजनीतिक प्रभाव उनकी शादी के बाद और बढ़ गया। उनकी पत्नी जेबा, सिद्धार्थ के दो बार के पूर्व सांसद रहे रिजवान जहीर की बेटी हैं।
रिजवान के अपराधी से राजनेता बने हैं। वो साइंटिफिक, डेमोक्रेट और कांग्रेस सहित कई डेमोक्रेट शामिल हैं। निरीक्षण अभी भी हत्या के मामले जेल में बंद हैं।
हत्या-गैंगस्टर एक्ट में कुल 12 गिरजाघर शामिल हैं
रमीज नेमत पर बैसाखी के तुलसीपुर और कौशांबी के कोखराज स्टेशन में हत्या, सोडा एक्ट समेत कुल 12 डिग्री दर्ज हैं। उन पर लगे दो एनएसए के मामलों को कोर्ट ने रद्द कर दिया है. 8 केसन में अनचाहा वास्तुशिल्प हो गया है, एक में जांच सामग्री है।
अप्रैल 2025 में ज़मानत पर छूट
साल 2021 में तुलसीपुर में जिला पंचायत चुनाव के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष दीपांकर सिंह और उनके सहयोगियों पर हमला करने का आरोप लगाया गया।
इसके अगले साल रामीज पर उनकी पत्नी, प्रियतमा और 3 अन्य लोगों पर तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व राष्ट्रपति लोहबान स्वामी की हत्या का आरोप लगाया गया। फिर 2022 में रमीज और उनकी पत्नी जेबा रिजवान दोनों की गर्लफ्रेंड बनी। हालाँकि, बाद में उन्हें ज़मानत मिल गई।
रमीज को जुलाई 2024 में इलेक्ट्रानिक एक्ट्स के तहत फिर से गिरफ्तार कर लिया गया और अप्रैल 2025 में जमानत मिल गई। जेल से डकैती ही उन्होंने अपने दोस्त बचपन के समर्थन में बिहार चुनाव अभियान में प्रवेश ली।
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