‘ईरान के नए शासन ने अपने रुख में बदलाव किया’, अमेरिका का दावा
अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान में नेतृत्व में आए बदलाव के बाद उसकी बातचीत की रणनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है। अमेरिकी ‘सेक्रेटरी ऑफ वॉर’ पीट हेगसेथ ने कहा कि लगातार अमेरिकी सैन्य दबाव के चलते तेहरान में “नया नेतृत्व” अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने को मजबूर हुआ है।
हेगसेथ ने कहा, “यह नया नेतृत्व अब हमारे साथ बातचीत को लेकर नई सोच के साथ आगे बढ़ रहा है।” उन्होंने इस बदलाव को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान हुए भारी सैन्य नुकसान से जोड़ा।
उन्होंने बताया कि मौजूदा नेतृत्व ऐसे समय में उभरा है जब ईरान के कई शीर्ष सैन्य और राजनीतिक अधिकारी मारे गए या निष्क्रिय हो गए। उन्होंने कहा, “अब जो लोग नेतृत्व में हैं, उन्होंने अमेरिकी सेना की पूरी ताकत देख ली है।”
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यही कारण है कि ईरान युद्धविराम के लिए तैयार हुआ और बातचीत की मेज पर आया। हेगसेथ ने कहा, “इसी वजह से वे बातचीत के लिए आए, ताकि गोलीबारी रुके।”
पेंटागन की ब्रीफिंग में बताया गया कि इस सैन्य अभियान के दौरान ईरान के सैन्य, खुफिया और रक्षा ढांचे के कई वरिष्ठ अधिकारी या तो मारे गए या अक्षम हो गए, जिससे नेतृत्व में बड़ा बदलाव आया।
हेगसेथ ने कहा कि नए नेतृत्व के पास अब विकल्प सीमित हैं। यह नया नेतृत्व विकल्प और समय- दोनों से वंचित है, इसलिए उन्हें समझौता करना पड़ा।
अमेरिका ने इस बदलाव को औपचारिक राजनीतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि युद्ध में हुए नुकसान का परिणाम बताया, जिसने तेहरान की निर्णय प्रक्रिया को प्रभावित किया है।





