Health Tips: बबूल दांतों और मसूड़ों के लिए भी बेहद फायदेमंद है. यदि नियमित रूप से बबूल की दातुन या इसकी फली का उपयोग किया जाए, तो दांत मजबूत होते हैं और मसूड़ों की सूजन और खून आना जैसी समस्याएं दूर हो सकती हैं. इसके साथ ही मुंह की बदबू से भी राहत मिलती है. पाचन से जुड़ी समस्याओं में भी बबूल की फली उपयोगी मानी जाती है. बबूल की फली का चूर्ण लेने से दस्त और पेचिश में आराम मिलता है. यह गैस और अपच की समस्या को भी कम करने में मदद करती है. आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार, त्वचा रोगों के उपचार में भी इसका उपयोग किया जाता है. बबूल की फली का लेप या काढ़ा फोड़े-फुंसियों, खुजली और अन्य चर्म रोगों में लगाया जाता है. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ विपिन सिंह ने लोकल 18 को बताया कि बबूल की फली कई तरह की बीमारियों में लाभकारी मानी जाती है. इसके काढ़े से गरारे करने पर गले की खराश में राहत मिलती है और सूखी खांसी में भी आराम मिलता है. इसके औषधीय गुणों के कारण कई आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में भी इसका उपयोग किया जाता है.





