डायबिटिक के मरीजों के लिए वरदान, मिठास की दुश्मन है ये जड़ी-बूटी! जानें कैसे कम करती है मीठे की तलब


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Gudmar Health Benefits: अगर आप भी मीठे की तलब और बढ़ते ब्लड शुगर से परेशान हैं, तो आयुर्वेद का ‘गुड़मार’ आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है. जैसा इसका नाम है, वैसा ही इसका काम भी है. यह जड़ी-बूटी न केवल मिठास की दुश्मन मानी जाती है, बल्कि इसे चबाने के बाद आप मीठे का स्वाद तक भूल सकते हैं. शुगर डेस्ट्रॉयर के नाम से मशहूर यह पौधा डायबिटीज को कंट्रोल करने और इंसुलिन की शक्ति बढ़ाने में कैसे असर दिखाता है, आइए जानते हैं.

ऋषिकेश: आज के समय में डायबिटीज और ज्यादा मीठा खाने की आदत एक बड़ी समस्या बनती जा रही है. कई लोग ब्लड शुगर कंट्रोल करने और मीठे की तलब कम करने के लिए प्राकृतिक उपायों की तलाश में रहते हैं. ऐसे में आयुर्वेद में एक खास जड़ी बूटी का नाम बार-बार सामने आता है, जिसे गुड़मार कहा जाता है. नाम से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसका संबंध गुड़ या मिठास से है. पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में गुड़मार को ऐसी औषधि माना गया है जो मीठे की इच्छा को कम करने में मदद कर सकती है. इसी वजह से इसे शुगर कंट्रोल करने वाली जड़ी-बूटियों में खास जगह दी जाती है.

लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि गुड़मार का वैज्ञानिक नाम जिमनेमा सिल्वेस्ट्रे बताया जाता है और यह भारत के कई हिस्सों में पाई जाती है. आयुर्वेद में इसे लंबे समय से मधुमेह यानी डायबिटीज के प्रबंधन के लिए उपयोग किया जाता रहा है. माना जाता है कि इसके पत्तों में मौजूद कुछ खास तत्व शरीर में शुगर के अवशोषण को कम करने में मदद कर सकते हैं. यही कारण है कि कई हर्बल दवाओं और सप्लीमेंट्स में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि इसे सही मात्रा और सही तरीके से ही लेना चाहिए.

मिठास का दुश्मन है गुड़मार
गुड़मार की सबसे दिलचस्प खासियत यह बताई जाती है कि यह मीठे के स्वाद को कुछ समय के लिए कम कर सकता है. कई लोगों का अनुभव है कि अगर गुड़मार की पत्ती चबाई जाए तो उसके बाद मीठा खाने पर उतनी मिठास महसूस नहीं होती. इसी वजह से इसे “शुगर डेस्ट्रॉयर” या मिठास का दुश्मन भी कहा जाता है. माना जाता है कि इससे मीठा खाने की इच्छा कम हो सकती है और जो लोग बार-बार मीठा खाने की आदत से परेशान हैं उन्हें इससे थोड़ी मदद मिल सकती है.

उन्होंने बताया कि गुड़मार शरीर में इंसुलिन के काम करने की क्षमता को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है. इससे ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है. हालांकि इसे डायबिटीज की दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए. डॉक्टर की सलाह और सही इलाज के साथ ही किसी भी हर्बल चीज का उपयोग करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.

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Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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