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भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नवनीत सहगल ने भारती के साहित्य पद से छुट्टी दे दी है। पिछले साल मार्च में उनका प्रकाशन भारती का सुपरस्टार बनाया गया था। दस्तावेज़ के अनुसार उन्होंने 2 दिसंबर को पद छोड़ दिया है। उनका तीन साल का कार्यकाल था, लेकिन कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद से मुक्त कर दिया गया। उधर, आईटी मंत्रालय ने अपना इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया है। सहगल 1988 बैच के यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी हैं।
एक चैनल के इंटरव्यू में सहगल ने कहा था, प्रोफेशन से तो मैं चार्टेंड अकाउंटेंट था लेकिन फिर मैंने पब्लिक सर्विस में चुना। क्योंकि मुझे लगता है कि सार्वजनिक सेवा में आप लोगों की मदद के साथ-साथ उनके सामाजिक बदलाव भी काम आ सकते हैं।
UPEIDA के सीईओ कह रहे हैं, समाजवादी पार्टी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर भी काम हो रहा है
नवनीत सहगल मीडिया इब्राहीम के रेटिंग्स मांगे जाते हैं। यूपी के पूर्व सीएम आशुतोष, अखिलेश यादव के साथ भी काम किया। एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, 2007 में यूपी में आशुतोष की सरकार आने के बाद सहगल के सीएम ने मिलकर काम किया और 12 लोगों का काम एक साथ किया।

2016 में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में आईएएस नवनीत सहगल को प्रमुखता पत्र देते हुए सीएम नीतीश कुमार ने अहम भूमिका निभाई।
साल 2012 में यूपी में सपा सरकार बनी। नीतीश यादव बने सीएम। उनके बाद नवनीत सहगल ने प्रमुख फिल्मों में से तीन फिल्मों की रिलीजियस डिपार्टमेंट का कंटेंटमेंट बनाया। जिसे ‘पनिशमेंट पोस्टिंग’ माना जाता है।
2013 में, समाजवादी पार्टी के बाद, समाजवादी पार्टी के नेता, समाजवादी पार्टी के नेता, समाजवादी पार्टी के नेता, समाजवादी पार्टी के नेता, समाजवादी पार्टी के नेता और समाजवादी नेता, समाजवादी पार्टी के नेता, समाजवादी पार्टी के नेता, समाजवादी पार्टी के नेता, समाजवादी पार्टी के नेता, समाजवादी पार्टी के नेता और समाजवादी पार्टी के नेता थे। सहगल UPEIDA (यूपी एक्सप्रेसवे इंडिपेंडेंट लिमिटेड कंपनी) के CEO भी रह रहे हैं। उन्होंने अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे में भी अहम भूमिका निभाई है।

फर्जी केस के बाद आरोप सीएम योगी का पीआर
नवनीत सहगल यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ भी काम कर रहे हैं। 2020 में यूपी के क्रांति में बच्ची के साथ बलात्कार के मामले के बाद उन्हें मीडिया के लिए लाया गया था। उन्होंने उस समय यूपी सरकार की खराब छवि पर काम किया।
कोविड-19 के समय जब यूपी में लगातार कोविड के मरीज बढ़ रहे थे और ऑक्सीजन की कमी की खबरें आ रही थीं, उस समय भी सहगल ने योगी सरकार का पीआर किया था। नवनीत सहगल को सरकार के साथ काम करने का 35 साल का अनुभव है।

सहगल ने 2018 में जांचकर्ता समिति और 2023 में यूपी में हुए वैश्विक जांचकर्ताओं में भी योगी सरकार की ब्रांडिंग में अहम भूमिका निभाई। सहगल ने सबसे पहले सभी बड़े उद्योग उद्यमियों के साथ मिलकर समित की योजना बनाई थी।
हाल ही में लखनऊ में उनके बेटे शिव सहगल की शादी हुई है। जिसमें यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम रीडर्स, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, विधानसभा अध्यक्ष आशुतोष महाना, मंत्री सूर्य प्रताप शाही, दार्शनिक नेता शैश चंद्र मिश्रा जैसी बड़ी हस्तियां शामिल हैं।
शिक्षकों का मानना है कि नवनीत सहगल को बर्खास्तगी के बाद कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके अलावा वे राजनीति में भी आ सकते हैं।

स्टॉकहोम में ही लॉन्च किया गया प्रकाशन भारती ओटीटी ‘वेव्स’
वर्ष 2024 में नवनीत सहगल ने भारती का साहित्य प्रकाशित किया था। सुपरस्टार बनने के बाद सहगल ने प्रकाशन भारती में कई बदलाव किए। उन्होंने घर-घर तक फ्री डिश का काम किया। इसके अलावा सहगल ने नवंबर 2024 में प्रसार भारती का अपना ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘वेव्स’ भी लॉन्च किया।
ओटीटी लॉन्च के समय नवनीत सहगल ने कहा था, ‘यह एक अनोखा मंच है। जिसमें दूरदर्शन के सभी पुराने नाटक, महाभारत, रामायण और प्रसार भारती के सभी चैनल शामिल हैं जिन्हें आप मुफ्त में देख सकते हैं।’
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