नई दिल्ली8 मिनट पहले
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माधव पॉलिटिकल साइंस में आगे शरण की पढ़ाई करना चाहते हैं।
अगर इंसान ठान ले तो उसके लिए कोई मंजिल मुश्किल नहीं। दिल्ली के माधव शरण की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। 2 साल पहले कोमा में रहने के बाद भी उनका 12वीं में 93% स्कोर था। उनकी यह यात्रा सेवा से भरी जा रही है।
एमिटी इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाले 18 साल की माधव को अगस्त 2021 में ब्रेन हैमरेज हुआ था। वो 10 दिन तक कोमा में रहे। उनके दिमाग का एक-तिहाई हिस्सा काम नहीं कर रहा था। इस वजह से वो ठीक से बोल नहीं पाए थे। उनकी विचारधारा-समझने की क्षमता भी प्रभावित हुई थी। किताब में भी मुश्किल आती थी। लेकिन उन्होंने 12वीं में 93% हासिल किए।
पिता बोले- बेटे की जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे थे
एक मीडिया इंटरव्यू में माधव के पिता दिलीप ने कहा, “अस्पताल में भर्ती होने के शुरुआती एक सप्ताह में माधव कोमा में थी। वो जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही थी। हम नहीं जानते थे कि वो हमारी बातें सुनी जा रही हैं या। अगर सुनूं तो।” रह रहा है तो क्या उसे हमारी बातें समझ आ रही हैं या नहीं। वो बोल नहीं पाता था।”
उन्होंने कहा, “माधव के रेस्तरां में काफी परेशानियां आईं। वो बोले भूल गए थे। कुछ नहीं कह पाया था। उनकी स्थिति बेहद अच्छी थी। माधव के दिमाग से जुड़ी कई सर्जरी की गईं। एक सर्जरी के दौरान उनकी खोपड़ी से एक हड्डी का पता चला।” फ्लैप मसाज उसे छह महीने के लिए खुला छोड़ दिया गया था। इतने सबके बावजूद माधव हार नहीं मानी। अभी भी साफा पर बोल नहीं पाता, उसका हाथ भी ठीक से काम नहीं करता वो अपना काम नहीं करता ”
माधव के पिता ने कहा था- घटिया थी
स्प्रिंग कुंज में रहने वाले माधव के पिता दिलीप ने कहा, “बेटे के बाजार की गति काफी धीमी थी। उन्हें पहले जैसी स्थिति में आने में काफी समय लगा। धीरे-धीरे उन्होंने एक बार फिर पढ़ाई की। उनकी भाषा के लिए चुनौती थी। उसे अंग्रेजी सीखने में एक साल का समय लगा। हिंदी को समझने में सबसे ज्यादा समय लगा।”
2022 में स्कूल में वापसी हुई
इलाज के बाद जुलाई 2022 में माधव स्कूल वापस चला गया। मसावा और नागालैंड के कलाकारों की जोड़ी हुई। वो विज्ञान से कला प्रबंधन में आये। उद्घाटन के बावजूद उनके दृढ़ संकल्प और जुनून ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
पॉलिटिकल साइंसेज में आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं माधव
12वीं में अंग्रेजी, क्लासिकल, पॉलिटिकल साइंस, ललित कला और तमिल शिक्षा में माधव के विषय थे। अब पॉल वोलिटिकल साइंस में आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं और इसी तरह में अपनी रचनात्मकता बनाना चाहते हैं। माधव ने कहा, “मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी के एंट्रेंस एग्जॉम की तैयारी कर रही हूं।”
दिल्ली में 94.97% छात्र पास हुए
सेंट्रल बोर्ड ऑफ रिसर्च एजुकेशन (सीबीएसई) ने 13 मई 2024 को 12वीं का रिजल्ट जारी किया था। दिल्ली रीजन में 2,95,792 छात्रों ने सीबीएसई कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा दी और 2,80,925 छात्र उत्तीर्ण हुए। दिल्ली में 94.97 प्रतिशत पास हुए। पूर्वी दिल्ली में बच्चों का रिजल्ट प्रतिशत 94.51% रहा और पश्चिमी दिल्ली में 95.64% बच्चों के पास रहे।
इस वर्ष कुल 16,33,730 अभ्यार्थियों ने 12वीं बोर्ड बोर्ड के लिए अभ्यर्थियों की नियुक्ति की और कुल 16,21,224 अध्येताओं को शामिल किया गया। उदाहरण में 14,26,420 पास हुए।
