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अगर आपके फोन पर कॉल करने पर कोई अनायास नाम लेकर आया है, जो आपके कॉन्टेक्ट लिस्ट में सेव नहीं है, तो चिंता की बात नहीं है कि ये कोई साइंटिस्ट या ग्लिच नहीं है। यह भारत सरकार का नया CNAP सिस्टम है, जिसका मूल्यांकन अभी भी देशों के कुछ सिद्धांतों में शुरू किया गया है।
इस सिस्टम को धीरे-धीरे धीरे-धीरे एक्टिवेट कर रही हैं। इस नए सिस्टम से बिना किसी स्टॉडर्ड पार्टी ऐप के स्पैम कॉल और फोर्ड से बचाव आसान हो जाएगा। यह कॉल सबसे पहले कोलकत्ता का आधार से लिंक्ड वेरी पेंटर नाम क्रमांक पर आती है।

सीएनएपी क्या है?
सीएनएपी यानि कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन। यह एक सरकारी सुपरमार्केट वाला इलेक्ट्रॉनिक्स डेटाबेस सिस्टम है। जब भी किसी अन्ना के नंबर से कॉल करें तो सबसे पहले फोन करें उसका नाम साभार है जो आधार से लिंक है। फिर उसके बाद जो नाम आपने कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव किया है, वह आ जाएगा।
मिसाल के तौर पर, अगर आपकी मां का नाम ‘मॉम’ है, तो पहले आधार वाला नाम बताएं, फिर ‘मॉम’ पर कॉल करें। यह सिस्टम सिम के रिकॉर्ड से डायरेक्ट नाम लेता है।
यह सिस्टम ट्रूकॉलर से अलग है, क्योंकि ट्रूकॉलर ग्राहकों के क्राउडसोर्स्ड डेटा पेश करता है, जो कभी-कभी गलत हो सकता है। लेकिन, CNAP में सभी कुछ सरकारी वेर असिस्ट पर आधारित हैं। यानि कि किसी भी थ्रेड-पार्टी एप की जरूरत नहीं है।
यह डिफ़ाल्ट सुविधा होगी। यदि कोई वैज्ञानिक यह सुविधा नहीं चाहता है, तो वह इसे विकसित भी कर सकता है। इस सेवा के लिए टेलीकॉम टेलीकॉम ने पिछले साल मुंबई और हरियाणा में खरीदारी की थी।
डेमोक्रेसी ने पिछले महीने एक एंटेनाटेक सिस्टम बनाया था
आइडिया रेग्युलेटर ट्राई (ट्राई) और डीओटी (दूरसंचार विभाग) ने 29 अक्टूबर को मोबाइल कॉल से चलने वाली धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए नए सिस्टम को लागू करने का एक प्रस्ताव दिया था। जियो, एयरटेल, तमिल-आइडिया जैसे बड़े निवेशक इसे अपने नेटवर्क पर देख रहे हैं। यह योजना पूरे देश में रोल आउट करने का है। अभी कुछ राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। DoT ने कहा है कि यह डिजिटल सिस्टम को मजबूत करेगा।
उपभोक्ता को क्या फायदा होगा?
इस सिस्टम से अनन्या कॉल्स पर विश्वसनीय। स्पैमर्स और फ्रॉड कॉलर्स को आसानी से पहचाना जा सकता है। किसी भी ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है, डायरेक्ट फोन पर काम करना होगा। विशेष रूप से बुजुर्गों और महिलाओं के लिए रेस्टुअन्ट क्लासेस। कॉल्स में ट्रांसपेरेंसी आएगी, जिससे कॉन्स्टेंटाइन के पद आगे निकल जाएंगे। लार्ज में टेलीकॉम सेक्टर में अधिकांश ट्रस्टेड बनेंगे।
फ्रॉड कॉल प्रतिबंध के लिए बदलाव
यह कदम मराठा वाली कॉल्स और साइबर अपराधियों जैसे डिजिटल निवेशकों और वित्तीय घोटालों को प्रतिबंधित करने के लिए उठाया गया है। इससे उपयोगकर्ता को पता चलेगा कि उसे कौन कॉल कर रहा है, जिससे वह फर्जी कॉल को स्वीकार करने में सक्षम होगा।
उदाहरण के लिए छूट
- जिन स्टार्टअप्स ने कॉलिंग लाइन आइडेंटेंट सपोर्टर रिस्ट्रिक्शन (CLIR) की सुविधा ले रखी है, उनका नाम कॉल आने पर नहीं आया।
- इसमें सामान्य सुविधा रेलवे, केंद्रीय खुफिया विभाग के अधिकारियों और महत्वपूर्ण लोगों को शामिल किया गया है।
- फ़ोन CLIR लेने वाले सामान्य पूर्वावलोकन की पूरी जांच करता है और यह सुनिश्चित करता है कि कानूनी प्रवर्तन पर डेमो को मैक एक्सचेंज मिल सके।
- बाल्क कनेक्शन, कॉल सेंटर और टेली मार्केटर इस सुविधा का लाभ नहीं ले सकते।
यहां सवाल-जवाब में जानें स्पैम कॉल और मैसेज के बारे में…
प्रश्न- स्पैम कॉल या मैसेज क्या होते हैं?
उत्तर उत्तर- स्पैम कॉल या मैसेज किसी अन्य नंबर से लोगों को जाने वाले कॉल या मैसेज होते हैं। जिसमें लोगों को लोन लेना, क्रेडिट कार्ड लेना, लॉटरी लेना, किसी कंपनी की कोई सेवा या सामान बेचना शामिल है। यह सभी कॉल या संदेश आपके स्वामित्व के बिना उपलब्ध हैं।
सवाल- किन लोगों को स्पैम कॉल सबसे ज्यादा मिल सकती है?
उत्तर उत्तर- आमतौर पर स्पैम कॉल पर ज्यादातर लोग आते हैं, जो स्पैम कॉल के संकेत और अपना जवाब देते हैं। स्पैम कॉल का जवाब देने से आपका नंबर कंपनी के पास के नंबरों की सूची में जुड़ सकता है, जो उनके फोन पर आम तौर पर शेयर और रिस्पॉन्स देते हैं, क्योंकि एडवर्टाइजमेंट या स्कैमर्स दिखाते हैं कि इन लोगों को कभी-कभी ही प्रोडक्ट बनाया जा सकता है। इसलिए आप कम स्पैम के जाल में फँसेंगे, इतना ही कम स्पैम कॉल आपको अनोखा बना देगा।

सवाल- इन कंपनियों के पास आपका मोबाइल नंबर कहां से आता है?
उत्तर उत्तर- ज्यादातर लोगों के मन में यही सवाल होता है कि मैंने इस कंपनी की कोई सर्विस नहीं ली तो कंपनी के पास मेरा मोबाइल नंबर फाइनल कहां से पहुंच जाए। दसअसल, वृश्चिक ही अपने मोबाइल नंबर जाने-अनजाने में इन कंपनियों तक पहुंचाते हैं।
कुछ ऐसे अपलोडर हैं, जो स्टॉड पार्टी को आपका मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी, उम्र या आपका शौक जैसा आपका पर्सनल डेटा बेचते हैं। जब आप किसी सर्विस के लिए साइन अप करते हैं तो कुछ भी अपने टर्म्स और कंडीशन पढ़ने की जगह नहीं लेते हैं।
जैसे कि-
- जब भी हम कोई सोशल मीडिया अकाउंट सब्सक्राइब करते हैं तो वहां अपना नंबर रजिस्टर करते हैं।
- जब भी हम प्ले स्टोर से कोई ऐप डाउनलोड करते हैं तो उसे अपना फोन नंबर समेत अपने पूरे फोन को कनेक्ट करने का मिशन दे देते हैं।
- किसी मॉल या शॉपिंग वेबसाइट से खरीदारी करते समय अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- अपना फोन नंबर इंटरनेट पर किसी भी सोशल प्लेटफॉर्म मीडिया, वेबसाइटों पर बिना जांचे-परखे डाल देते हैं।
बाकी से ये निवेशक आपका नंबर अलग-अलग कंपनी को बेचते हैं। जिसके बाद एडवर्टाइजमेंट इंजीनियर आपके पास कॉल या टेलीकॉम शिपिंग कंपनी हैं।
प्रश्न- स्पैम कॉल पर क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
उत्तर उत्तर- स्पैम कॉल को पहचानना आसान नहीं है क्योंकि ये नंबर सामान्य मोबाइल नंबर से मिलते-जुलते हैं। इसलिए अगर गलती से आपने स्पैम कॉल उठाई है तो कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। जैसे कि-
- अगर आपके पास कोई ऐसा फोन आता है, जिसमें कॉल करने वाला खुद या एआई रिकॉर्डिंग के माध्यम से कोई नंबर स्केल के लिए कहा जाता है, तो तुरंत फोन कट करें, क्योंकि स्कैमर्स आपसे संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए इस ट्रिक का उपयोग करते हैं।
- फ़ोन कॉल पर किसी भी प्रश्न का उत्तर न दें। विशेषकर उन मसालों का, जिनका उत्तर “हां” या “ना” में दिया जा सकता है।
- यदि कोई व्यक्ति अन्ना कॉल लेकर आता है तो आपको कभी भी व्यक्तिगत जानकारी जैसे खाता नंबर, हॉबी, उम्र या पहचान से जुड़ी कोई जानकारी नहीं देनी चाहिए।
- आपके पास कोई ऐसी कॉल आती है, जिसमें किसी बैंक या किसी सरकारी एजेंसी के अधिकारी का दावा है कि आप पर्सनल टेक्नॉलजी लेकर जा रहे हैं तो तुरंत फोन करें।
- सत्यापन के लिए बैंक या सरकारी एजेंसी की वेबसाइट पर दिए गए फोन नंबर पर कॉल करें। किसी वैध दस्तावेज से फोन कॉल आने से पहले आम तौर पर ईमेल या संदेश प्राप्त होता है।
- यदि आपको किसी व्यक्तिगत जानकारी के लिए तत्काल दबाव डालने के लिए कॉल किया जा रहा है तो सावधानी बरतें।

