डोंगरगढ़: 20नवंबर 2025 को हुआ , मांगलिक क्रियाये संपन्न हुई, जगह जगह पाद प्रक्षालन किया गया आरती उतारी गई, इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भावसागर जी महाराज ने कहा कि शराब से किस्तों में मौत मिलती है शराबियों के जमघट ने देश को मरघट बना दिया है नशे के द्वारा व्यक्ति अपना जीवन नाश कर देता है

मदिरालयों की स्थापना भारतीय संस्कृति पर कुठाराघात है मदिरालयों से देश का भविष्य अन्धकार की ओर जा रहा है। युवा पीढ़ी का सर्वनाश हो रहा है। विद्यालय, चिकित्सालय आदि को छोड़कर मदिरालयों की स्थापना कर रही है, जो भारतीय संस्कृति को मुर्दा बना रही है ऐसी सरकारें देश की दुश्मन है। आज शराबियों के जमघट ने देश को मरघट बना दिया है। शराब ने मानवता को हलाल कर दिया है। शराब ने दुनियां को बेहाल कर दिया। है। शराब से युवा लड़खड़ा जाते हैं, युवाओं के लड़खड़ाने से देश लड़खड़ा जाता है। शराब ने देश के प्रत्येक घर को अखाड़ा बना दिया है। माँ-बाप, बच्चे और पत्नी के बीच रोज लड़ाई होती है।मद्यखाने में मनुष्य स्वयं को हलाल करता है। कत्लखानों में हलाल किया जाने वाला बिलखता है और में मद्यखानों में आदमी स्वयं बिलखता है। मद्यपान मनुष्य की जीवनरूपी नदी को गंदी नाली बना देता है।
” भक्ति में डुबने वाले भगवान बनते हैं, शराब में डुबने वाले शैतान बनते हैं। शराब पीने वाला भगवान के नशे में गम भूल जाता है, परन्तु बदले में पूरा परिवार गम में डूब जाता है। शराब शब्द स्वयं कहता है कि ‘श’ यानि सड़ना, ‘रा’ यानि रोना, ‘ब’ यानि बर्बाद होना। यानि पहले सड़ो फिर रोओ और अंत में बर्बाद हो जाओ। शराब महुवे से बनता है जब महुवे वृक्ष में लगते हैं तब सारे पत्ते गिर जाते हैं और पेड़ ठूठ- जैसा खड़ा रहता हैं। जो उपदेश देता है कि तुम यदि इसका रस पियोगे तो मेरे जैसे ठूठ बन जाओगे।
शराब करती है जीवन खराब पहले पैसा बर्बाद होता है बाद में बीमारी में पैसा लगने से घर बर्बाद होता है।
शराब को सडा कर बनाया जाता है यह तन को खराब करती है, इससे किस्तों में मौत मिलती है.
