मुंबई48 मिनट पहले
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार 15 मई को महाराष्ट्र के डिंडोरी और कल्याण में शपथ लेंगे। इसके बाद शाम को मुंबई नॉर्थ-ईस्ट सीट पर रोड शो करेंगे।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने 14 मई को वाराणसी से तीसरी बार नामांकन किया था। प्रस्तावकों में गणेश्वर शास्त्री, बैजनाथ पटेल, लालचंद कुशवाहा और संजय सोनकर शामिल थे। गणेश्वर शास्त्री ने ही राम मंदिर का विमोचन किया था। 13 मई को मोदी ने काशी में 6 किमी लंबी रोड दिखाई थी।
प्रधानमंत्री ने बंगाल में कहा- कांग्रेस को राहुल की उम्र से भी कम मिली बढ़त
मोदी ने रविवार 12 मई को पश्चिम बंगाल के बराकपुर, हुगली, आरामबाग और हावड़ा में रैलियां निकालीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि संदेशखाली की जन्मभूमि को डराया-धमकाया जा रहा है। कांग्रेस को इस बार उनके शाहजहाँ की उम्र से भी कम प्रेरणा मिलेगी। राहुल गांधी इस साल 19 जून को 54 साल के हो जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने हाल ही में यौन उत्पीड़न मामले में कथित वीडियो पर संदेश देते हुए कहा- पहले टीएमसी नेताओं को पुलिस ने बुलाया था। अब टीएमसी ने एक नया खेल शुरू किया है। टीएमसी के गुंडे संदेशखाली की पार्टियों को डरा रहे हैं, धमाका कर रहे हैं। सिर्फ इसलिए कि तानाशाही का नाम शाहजहाँ शेख है। बंगाल में टीएमसी की सरकार में राम का नाम नहीं लिया गया। रामनवमी नहीं दी गयी। CAA का विरोध जारी है। ये तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करते हैं।

बंगाल में मोदी के भाषण की 3 खास बातें
1. कांग्रेस राज में सिर्फ गरीबी और पलायन मिला
आज़ादी के 50 साल बाद तक कांग्रेस के परिवार ने ही सरकार बनाई, लेकिन पूर्वी भारत में केवल गरीबी और पलायन मिला। पश्चिम बंगाल हो, बिहार हो, झारखंड हो, ओडिशा हो, आंध्र प्रदेश हो। कांग्रेस और एलायंस के विचारधारा ने पूर्वी भारत को ही छोड़ दिया।
2. टीएमसी ने बंगाल को अपने समर्थकों का गढ़ बना दिया है
बराकपुर की धरती का इतिहास रचने वाली धरती है। आज़ादी में अहम किरदार निभाने वाली धरती है, लेकिन टीएमसी ने इसे क्या बना दिया है। एक समय था, जब बंगाल की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में ये अपना बड़ा योगदान देता था, आज टीएमसी ने इसे सोसायटी का गढ़ बना दिया है।
3. बंगाल में राम का नाम नहीं लिया जाता
आज स्थिति ये है कि बंगाल में अपनी आस्था का पालन करना भी गलत है। बंगाल में टीएमसी सरकार ने राम का नाम नहीं लिया। बंगाल में टीएमसी सरकार रामनवमी पर नहीं। कांग्रेस और वामपंथी लोगों ने भी राम मंदिर के खिलाफ मोर्चा खोला है। टीएमसी, कांग्रेस और वामपंथियों के हाथ में क्या देश छोड़ा जा सकता है।
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मोदी के पास न कार, न खुद का घर:पांच साल में प्रॉपर्टी 87 लाख डॉलर, 3.02 करोड़ बढ़ी, इकलौता प्लॉट दान कर दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार 14 मई को वाराणसी से तीसरी बार नामांकन दाखिल किया। हाफनेम के अनुसार, मोदी के पास न कोई घर है न जमीन और न ही कार। 2019 में उनके पास गांधीनगर में 1.10 करोड़ की संपत्ति थी, लेकिन इस बार उनका जिक्र नहीं है। 15 साल से कोई फर्क नहीं पड़ता।
मोदी के पास 52 हजार 920 रुपए नकद हैं। उनके पास कुल 3.02 करोड़ की संपत्ति बताई गई है। 5 साल में यह संपत्ति 87 लाख रुपये का सामान। वाराणसी से अपने पहले चुनाव (2014) में मोदी ने अपनी कुल संपत्ति 1.65 करोड़ रुपये बताई थी। दूसरे चुनाव (2019) में यह 2.15 करोड़ हो गया था। वेबसाइट ने मोबाइल नंबर भी बताया है। पूरी खबर पढ़ें…
