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- इसरो ने पृथ्वी, सूर्य, पृथ्वी एल1 प्वाइंट, चंद्रमा से हाल की सौर विस्फोट की घटनाओं के हस्ताक्षर लिए
नई दिल्ली3 मिनट पहले
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने हाल ही में सौर इरप्टिव इवेंट में अंतरिक्ष में तीन अलग-अलग टुकड़ों से शव निकाले। ये तीन लोकेशंस हैं- पृथ्वी, पृथ्वी और सूर्य के बीच L1 बिंदु और चंद्रमा। इस अपोलो इवेंट को अपोलो स्टॉर्म यानि सौर तूफान भी कहा जाता है।
इसरो ने इस अपोलो स्टॉर्म के सभी सिग्नेचर्स को रिकॉर्ड करने के लिए अपने सभी ऑब्जर्वेशन प्लेटफॉर्म और सिस्टम को स्थापित किया था। शनिवार को तूफान का असर पृथ्वी पर देखा गया। आदित्य एल1 यान और चंद्रयान-2 ने इस इवेंट को लेकर अवलोकन रिकॉर्ड किया और इसके हलचल का विश्लेषण किया।

आदित्य एल1 के साथ दिए गए उपकरणों में SoLEXS और HEL1OS शामिल हैं, जिन्होंने सन के कोरोना और अन्य सागरों से रियो वाली एक्स और एम श्रेणी की तरंगों का अवलोकन किया। इसके अलावा मैग्नेटोमीटर पेलोड ने भी L1 प्वाइंट के पास से खोजकर इस सौर तूफान को रिकॉर्ड किया।
जब आदित्य एल1 इस सौर घटना को सूर्य और पृथ्वी के बीच लैगरेंज प्वाइंट से देख रहा था, तब भारत के चंद्रयान 2 ने इस घटना को चंद्रमा की ध्रुवीय कक्षा से हटा दिया था। चंद्रयान-2 के एक्स-रे मॉनिटर (एक्सएसएम) ने इस जियोमैग्नेटिक तूफान से जुड़े कई सिद्धांतों का अवलोकन किया है।
