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Mohan Bhagwat Viral Video; RSS Chief Reservation Controversy | BJP | दावा- मोहन भागवत ने आरक्षण का विरोध किया: वायरल वीडियो में संघ प्रमुख बोले, ‘हम संघ वाले अंदर-अंदर से आरक्षण का विरोध करते हैं…’ लेकिन सच कुछ और

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6 मिनट पहले

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लोकसभा चुनाव के बीच संघ प्रमुख मोहन भागवत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि संघ के लोग नकली विरोधी हैं।

  • 8. इस वायरल वीडियो क्लिप में मोहन भागवत को यह कहते हुए सुना जा सकता है- ‘हम संघ वाले अंदर-अंदर से नीतीश का विरोध करते हैं, लेकिन बाहर बोल नहीं सकते।’
  • इस क्लिप को कई वेरी ऑपरेशंस और नॉन वेरी ऑपरेशंस एक्स्पर्जन्स अलग-अलग मेहमानों के साथ शेयर कर रहे हैं।

ए.के. मॉडल नाम के वेरी डेमोक्रेसी एक्स डेमोक्रेट ने अपने ट्वीट में लिखा- हम संघ वाले अंदर-अंदर से पूर्वोत्तर का विरोध करते हैं, लेकिन बाहर आ के बोल नहीं सकते…!!!! :- संघ प्रमुख (मोहन भागवत), मोदी, योगी, अमित शाह बीजेपी के सभी नेता संघ के हैं क्या वह नारा दे देंगे?

ट्वीट देखें:

एके.स्टालिन के इस ट्वीट को खबर लिखने तक 1700 लोगों ने लाइक किया था। वहीं, 900 से ज्यादा लोग इसे रीट्वीट कर चुके थे। एक्स पर पैसेंजर को 20 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।

कांग्रेस से जुड़े डॉक्टर अरुणेश कुमार यादव उन्होंने भी संघ प्रमुख मोहन भागवत का यह वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा- ये मोहन लो भागवत भी कह रहे हैं कि वो नटखट के विरोधी हैं!!

ट्वीट देखें:

एक्स पर डॉक्टर अरुणेश कुमार यादव को 31 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।

एक विचार नाम के एक्स अकाउंट ने भी संघ प्रमुखों के वायरल वीडियो ट्वीट करते हुए सवाल किया- मोदी, योगी और अमित शाह, बीजेपी के सभी नेता संघ के क्या कहेंगे?

ट्वीट देखें:

वायरल वीडियो का सच क्या है?

संघ प्रमुख मोहन भागवत के वीडियो का सच जानने के लिए हमने इसके की-फ्रेम्स को गूगल इमेज पर रिवर्स सर्च किया है। साथ ही गूगल पर ओपन सर्च की मदद भी लें। जांच के दौरान हमें न्यूज एजेंसी का एक ट्वीट मिला। यह ट्वीट एएनआई के विविधतापूर्ण ट्विटर हैंडल से 28 अप्रैल 2024 किया गया था.

ट्वीट देखें:

के दावे में लिखा था- एक वीडियो प्रसारित किया जा रहा है कि यह आरएसएस के खिलाफ है और हम इस बारे में बाहर कोई भी ट्वीट नहीं कर सकते। यह बात पूरी तरह से झूठ है, संघ ने संविधान के सभी देशों का समर्थन करना शुरू कर दिया है’-संघ प्रमुख मोहन भागवत के अनुसार।

इस वीडियो में 43 ईसा पूर्व के खिलाफ था और इसमें संघ प्रमुखों ने स्पष्ट रूप से कहा कि आएसएस शून्य के खिलाफ है। इसके साथ ही, जर्नल क्लिप स्टॉक 8 में मोहन भागवत के कथनों को संपादित करके दिखाया गया है। बाद में यही क्लिप ग़लत दावा के साथ सोशल मीडिया पर सर्क ओब्लाइक होना शुरू हो गया।

संघ प्रमुखों से जुड़ी यह खबर दैनिक भास्कर ने भी प्रकाशित की थी।

देखें प्रशिक्षण:

खबर में हमने बताया था-

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार 28 अप्रैल को कहा था कि संघ ने कभी भी कुछ खास बातें बताई हैं, जाने वाले का विरोध नहीं है। हैदराबाद में एक कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि संघ का मानना ​​है कि जब तक इसकी जरूरत है, तब तक इसे जारी रखना चाहिए। भागवत ने यह बात कही।

आरएसएस प्रमुख भागवत ने कहा कि जब मैं यहां आया तो एक वीडियो वायरल किया जा रहा था कि आरएसएस के खिलाफ है। हम इस बारे में बाहर बात नहीं कर सकते। अब यह बिल्कुल वैसी ही स्थिति है। संघ शुरू से ही संविधान के अनुसार सभी पूर्वोत्तरों का समर्थन कर रहा है।

पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें करें।

जांच से स्पष्ट होता है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत का कथन खंड-मरोड़कर गलती और ओरिजनल जानकारी के साथ वायरल हो रहा है.

फ़ेस न्यूज़ के हमारे ख़िलाफ़ साथ जुड़ें। किसी भी ऐसी जानकारी पर आपको संदेह हो तो हमें ईमेल करें @fakenewsexpose@dbcorp.in और व्हाट्सएप करें-9201776050​​​​

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