2.4 C
New York

Now the caller’s name will be visible along with the number on the mobile. | अब मोबाइल पर नंबर के साथ कॉलर का नाम दिखेगा: धोखाधड़ी रोकने के लिए TRAI और DoT का फैसला, पिछले साल ट्रायल हुआ था

Published:


नई दिल्ली8 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
'कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन' (CNAP) नाम की इस सेवा पर TRAI और DOT में सहमति बनी है। -दैनिक भास्कर

‘कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन’ (CNAP) नाम की इस सेवा पर TRAI और DOT में सहमति बनी है।

अब आपके मोबाइल स्क्रीन पर अननोन नंबर से कॉल करें और उसके नंबर के साथ उसका ही नाम बताएं। वो भी बिना किसी ऐप के। टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई (ट्राई) और डीओटी (दूरसंचार विभाग) ने मोबाइल कॉल से होने वाली धोखाधड़ी पर रोक के लिए यह कदम उठाया है।

यह नाम बताया जाएगा जो राक्षस ने मोबाइल नंबर कनेक्शन समय पर स्ट्रीम में दिया होगा। यह डिफ़ाल्ट सुविधा होगी। यदि कोई वैज्ञानिक यह सुविधा नहीं चाहता है, तो वह इसे विकसित भी कर सकता है। इस सेवा के लिए टेलीकॉम टेलीकॉम ने पिछले साल मुंबई और हरियाणा में खरीदारी की थी।

3 बिंदुओं में समझें TRAI और DoT में क्या हुआ

  • पुराना सुझाव: ट्राई ने फरवरी 2024 में ‘कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन’ (CNAP) नाम की इस सेवा के लिए DOT को जो मांग पत्र दिया था, उसमें कहा गया था कि यह सेवा तभी शुरू होगी जब उपभोक्ता कॉल रिसीव करने वाले स्वयं इसके लिए अनुरोध करें।
  • DOT की राय और बदलाव: डीओटी ने ट्राई को वापस भेजे पत्र में कहा कि यह सेवा डिफॉल्ट मिलनी को मिलनी चाहिए। यदि किसी उपभोक्ता (कॉल आ रही है) को यह सेवा नहीं मिलनी चाहिए, तो वह इसे बंद करवा सकता है।
  • ट्राई की सहमति: ट्राई ने डॉट के इस विचार को लिया है और अब दोनों विभाग एकमत हैं।

फ्रॉड कॉल प्रतिबंध के लिए बदलाव

यह कदम मराठा वाली कॉल्स और साइबर अपराधियों जैसे डिजिटल निवेशकों और वित्तीय घोटालों को प्रतिबंधित करने के लिए उठाया गया है। इससे उपयोगकर्ता को पता चलेगा कि उसे कौन कॉल कर रहा है, जिससे वह फर्जी कॉल को स्वीकार करने में सक्षम होगा।

उदाहरण के लिए छूट

  • जिन स्टार्टअप्स ने कॉलिंग लाइन आइडेंटेंट सपोर्टर रिस्ट्रिक्शन (CLIR) की सुविधा ले रखी है, उनका नाम कॉल आने पर नहीं आया।
  • इसमें सामान्य सुविधा रेलवे, केंद्रीय खुफिया विभाग के अधिकारियों और महत्वपूर्ण लोगों को शामिल किया गया है।
  • फ़ोन CLIR लेने वाले सामान्य पूर्वावलोकन की पूरी जांच करता है और यह सुनिश्चित करता है कि कानूनी प्रवर्तन पर डेमो को मैक एक्सचेंज मिल सके।
  • बाल्क कनेक्शन, कॉल सेंटर और टेली मार्केटर इस सुविधा का लाभ नहीं ले सकते।

यहां सवाल-जवाब में जानें स्पैम कॉल और मैसेज के बारे में…

प्रश्न- स्पैम कॉल या मैसेज क्या होते हैं? उत्तर उत्तर- स्पैम कॉल या मैसेज किसी अन्य नंबर से लोगों को जाने वाले कॉल या मैसेज होते हैं। जिसमें लोगों को लोन लेना, क्रेडिट कार्ड लेना, लॉटरी लेना, किसी कंपनी की कोई सेवा या सामान बेचना शामिल है। यह सभी कॉल या संदेश आपके स्वामित्व के बिना उपलब्ध हैं।

सवाल- किन लोगों को स्पैम कॉल सबसे ज्यादा मिल सकती है? उत्तर उत्तर- आमतौर पर स्पैम कॉल पर ज्यादातर लोग आते हैं, जो स्पैम कॉल के संकेत और अपना जवाब देते हैं। स्पैम कॉल का जवाब देने से आपका नंबर कंपनी के पास के नंबरों की सूची में जुड़ सकता है, जो उनके फोन पर आम तौर पर शेयर और रिस्पॉन्स देते हैं, क्योंकि एडवर्टाइजमेंट या स्कैमर्स दिखाते हैं कि इन लोगों को कभी-कभी ही प्रोडक्ट बनाया जा सकता है। इसलिए आप कम स्पैम के जाल में फँसेंगे, इतना ही कम स्पैम कॉल आपको अनोखा बना देगा।

सवाल- इन कंपनियों के पास आपका मोबाइल नंबर कहां से आता है? उत्तर उत्तर- ज्यादातर लोगों के मन में यही सवाल होता है कि मैंने इस कंपनी की कोई सर्विस नहीं ली तो कंपनी के पास मेरा मोबाइल नंबर फाइनल कहां से पहुंच जाए। दसअसल, वृश्चिक ही अपने मोबाइल नंबर जाने-अनजाने में इन कंपनियों तक पहुंचाते हैं।

कुछ ऐसे अपलोडर हैं, जो स्टॉड पार्टी को आपका मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी, उम्र या आपका शौक जैसा आपका पर्सनल डेटा बेचते हैं। जब आप किसी सर्विस के लिए साइन अप करते हैं तो कुछ भी अपने टर्म्स और कंडीशन पढ़ने की जगह नहीं लेते हैं।

जैसे कि-

  • जब भी हम कोई सोशल मीडिया अकाउंट सब्सक्राइब करते हैं तो वहां अपना नंबर रजिस्टर करते हैं।
  • जब भी हम प्ले स्टोर से कोई ऐप डाउनलोड करते हैं तो उसे अपना फोन नंबर समेत अपने पूरे फोन को कनेक्ट करने का मिशन दे देते हैं।
  • किसी मॉल या शॉपिंग वेबसाइट से खरीदारी करते समय अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  • अपना फोन नंबर इंटरनेट पर किसी भी सोशल प्लेटफॉर्म मीडिया, वेबसाइटों पर बिना जांचे-परखे डाल देते हैं।

बाकी से ये निवेशक आपका नंबर अलग-अलग कंपनी को बेचते हैं। जिसके बाद एडवर्टाइजमेंट इंजीनियर आपके पास कॉल या टेलीकॉम शिपिंग कंपनी हैं।

प्रश्न- स्पैम कॉल पर क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? उत्तर उत्तर- स्पैम कॉल को पहचानना आसान नहीं है क्योंकि ये नंबर सामान्य मोबाइल नंबर से मिलते-जुलते हैं। इसलिए अगर गलती से आपने स्पैम कॉल उठाई है तो कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। जैसे कि-

  • अगर आपके पास कोई ऐसा फोन आता है, जिसमें कॉल करने वाला खुद या एआई रिकॉर्डिंग के माध्यम से कोई नंबर स्केल के लिए कहा जाता है, तो तुरंत फोन कट करें, क्योंकि स्कैमर्स आपसे संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए इस ट्रिक का उपयोग करते हैं।
  • फ़ोन कॉल पर किसी भी प्रश्न का उत्तर न दें। विशेषकर उन मसालों का, जिनका उत्तर “हां” या “ना” में दिया जा सकता है।
  • यदि कोई व्यक्ति अन्ना कॉल लेकर आता है तो आपको कभी भी व्यक्तिगत जानकारी जैसे खाता नंबर, हॉबी, उम्र या पहचान से जुड़ी कोई जानकारी नहीं देनी चाहिए।
  • आपके पास कोई ऐसी कॉल आती है, जिसमें किसी बैंक या किसी सरकारी एजेंसी के अधिकारी का दावा है कि आप पर्सनल टेक्नॉलजी लेकर जा रहे हैं तो तुरंत फोन करें।
  • सत्यापन के लिए बैंक या सरकारी एजेंसी की वेबसाइट पर दिए गए फोन नंबर पर कॉल करें। किसी वैध दस्तावेज से फोन कॉल आने से पहले आम तौर पर ईमेल या संदेश प्राप्त होता है।
  • यदि आपको किसी व्यक्तिगत जानकारी के लिए तत्काल दबाव डालने के लिए कॉल किया जा रहा है तो सावधानी बरतें।

……………………………..

ऑनलाइन गेमिंग कंट्रोल करने के लिए नया रेगुलेटर बनेगा: गेमिंग बिल 2025 का ड्राफ्ट जारी; मनी गेम्स पर प्रतिबंध, सोशल गेम्स प्रोमोट सरकार

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने आज यानी 3 अक्टूबर को ‘प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफलाइन गेमिंग रूल्स, 2025’ का ड्राफ्ट जारी किया है। नया ड्राफ्ट ऑफ़लाइन गेमिंग एक्ट, 2025 के गेमप्ले की जानकारी के लिए जारी किया गया है, जो संसद में 22 अगस्त को पास हुआ था। यह अधिनियम 1 अक्टूबर से लागू हो चुका है। इस एक्ट का मकसद ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को बढ़ावा देना, बिजनेस बिजनेस के लिए मनी गेमिंग पर रोक लगाना है। सरकार ने 31 अक्टूबर तक नए ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के लिए लोगों से सलाह मांगी है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Related articles

spot_img

Recent articles

spot_img