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आपके चेहरे को बचाने की कोशिश में पत्थर के दोनों हाथ जल गए।
रविवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली लड़की पर एसिड से हमला कर दिया गया। यह हमला लड़की का पीछा करने वाले ने अपने दो साथियों के साथ अशोक विहार इलाके में लक्ष्मीबाई कॉलेज के पास किया था।
20 साल की पीड़िता का हाथ इस हमले में बुरी तरह जल गया और अब उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
ऑक्सफ़ोर्ड दिल्ली यूनिवर्सिटी में ईसा वर्ष की पढ़ाई कर रही है और रविवार को सप्ताहांत कक्षाओं के लिए जा रही थी।
ग़ुलाम ने आपबीती को देखा
मीडिया हाउस से हुई बातचीत में कहा गया है कि वो कई महीनों से इस बारे में चर्चा कर रहे हैं क्योंकि हमला करने वाला आदमी जीतेंद्र लंबे समय से उनका पीछा कर रहा है। ब्लास्टर और जीतेन्द्र दोनों दिल्ली के मुकुंदपुर इलाके में रहते हैं।
इलेक्ट्रानिक ने कहा, ‘जीतेंद्र के डर से मैं ज्यादातर समय घर में ही रहता हूं। जीतेन्द्र का दर्जा है। मैंने एक दिन अपनी पत्नी से शिकायत भी की थी लेकिन वो मुझ पर ही अच्छा-बुरा कहने लगी। उन्होंने कहा कि मेरी जोड़ी खराब है।’
एसिड अटैक की घटना को लेकेकर ने कहा, ‘जीतेंद्र ने मेरा पीछा किया। जब बोतल निकाली जा रही थी तो मुझे समझ आया कि कुछ समानता है। मैंने अपना फ़ोन और बैग से चेहरा ढक लिया। एसिड मेरे हाथ, पेट और बैग पर गिर गया।’
नतीजे से मिले DUSU अध्यक्ष आर्यन मान
फ़्रांसीसी युनिवर्सिटी के डॉक्युमेंट्स यूनियन के प्रेसिडेंट आर्यन मान ने अंतिम बैठक की। ऑर्केस्ट्रा ने बताया कि 5% बर्न की इंजरी हुई है।
कॉलेज प्रॉपटक्टर ने कहा- पायल के बाहर हुआ हमला
डीयू के लक्ष्मीबाई कॉलेज के प्रॉक्टर डॉ. मनराज गुर्जर का कहना है कि कॉलेज पर धावा बोल दिया गया है। ऑर्थोडॉक्स स्टूडेंट नहीं बल्कि NCWEB स्टूडेंट टूडेंट है।
NCWEB का पूरा नाम नेशनल कमीशन फॉर वूमेन एजुकेशन बोर्ड है। इसके तहत लाइक सप्ताहांत पर ट्रैक्ट लासेज ले सकते हैं।
पुलिस ने निगरानी अस्पताल
एसिड हमले से घायल बिल्डर का फोन भी जल चुका था जिसकी वजह से किसी ने मदद के लिए फोन नहीं किया। वो जब दर्द से चिल्ला रही थी जो पास में स्कूटी से गुजर रही थी एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उसकी मदद की। वो पीड़ित को पास के पुलिस स्टेशन लेकर गए जहां से पुलिस ने अस्पताल को अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में वैक्यूम क्लीनर का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि करीब एक हफ्ते तक पत्थर को हाथों में पट्टियां बांधे रखें।
एक साल से परेशान कर रहा था जीतेन्द्र- भाई
फैक्ट्रस के भाई का आरोप है कि एक साल से भी कम उम्र के किसान जितेंद्र ने अपनी बहन का पीछा कर उसे परेशान कर रहा था। भाई ने कहा, ‘हमारे घर से एक गली ठीक हो गई है। एक महीने पहले मेरी बहन ने अपने घर के मालिक से अपनी पत्नी से शिकायत की, लेकिन उन दोनों ने मेरी बहन को ही असिस्ट-सीधा कहना शुरू कर दिया। इसके बाद वो कुछ समय तक शांत रहे लेकिन अब अचानक एसिड अटैक कर दिया गया।’
भाई ने आगे कहा कि उसे नहीं पता कि हमला करने वाले बाकी दो लोग कौन थे। वो बस अपनी बहन के लिए जादुई चाहता है। भाई ने आरोप लगाया कि अभी तक इस मामले में कोई भी अपराधी गिरफ्तार नहीं हुआ है।
अभी तक पुलिस ने नहीं किया कोई गिरफ़्तार
पुलिस ने अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस इस मामले में अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में सामने आया कि घटना के वक्त वक्ता जितेंद्र के फोन पर कोई मूर्ति नहीं थी।
इसके अलावा एक नया एंगल भी सामने आया है। एसिड अटैक से दो दिन पहले जितेंद्र की पत्नी ने भलस्वा पुलिस स्टेशन में उनके पिता अकील के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
याचिका के मुताबिक, अकील के पास उसकी इंटरनैशनल तस्वीरें हैं जिसमें वो उसे ब्लैकमेल कर रहा है। हमले के बाद जीतेंद्र की पत्नी ने अकील के खिलाफ रेप का दस्तावेज दाखिल किया है और कहा है कि अकील ने अपनी तस्वीरें अपने पति को भेजी हैं।
इस बीच जीतेंद्र के परिवार का कहना है कि उन पर एसिड अटैक के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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