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Char Dham Yatra 2024 Photos Update | Uttarakhand Yamunotri Dham | यमुनोत्री धाम में 15 किमी तक जाम: 9 हजार लोगों के पहुंचने से हालात बिगड़े, 7 घंटे बंद रही यात्रा

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जानकी चट्टी (यमुनोत्री)11 मिनट पहलेलेखक: मनमीत

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उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री धाम में रविवार सुबह भी दर्शन हो रहे हैं। एक साथ 9 हजार से अधिक लंबा रास्ता समुद्री तल से 10,797 फीट ऊपर जानकी चट्टी से यमुनोत्री मंदिर तक का 5-6 फीट लंबा रास्ता और 4 किमी लंबा रास्ता बेहिसाब भीड़ में जाम हो गया।

यात्रा एक दिन की बोली लगाने की भी योजना बनी, लेकिन बदलाव की योजना बनाई गई। इसके बाद आश्रम को 45 किमी दूर बरकोट से आगे नहीं बढ़ाया गया। फिर जानकी चाटी एक से पहले दमता धरासू में भी राक्षसी रोके चले गए। इससे 15 किमी लंबा जाम लग गया।

जाम में फंसी महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग ने बिस्किट, पसंद के हिसाब से 7 घंटे गुजराते। बाद में तीर्थयात्रियों को बर्नीगाड़ से कुथनौर, पालीगाड़ होते हुए जानकी चट्टी भेजी गई। इससे जानकी चट्टी के लिए दो रास्ते खुले।

शाम करीब 5 बजे जब यमुनोत्री मंदिर से जानकी चट्टी तक प्रस्थान हुआ तो उसके बाद यात्रियों को आगे बढ़ाया गया। आख़िरकार पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे यमुनोत्री न जाएं।

न होटल, न ढाबा…
शनिवार की रात पालीगाड़ में 300 इंच का रास्ता फंसा हुआ था। एसपी, रेलवे स्टेशन पर थे, लेकिन वहां कोई होटल नहीं था, कोई ढेबे नहीं, यात्रियों ने सड़क पर ही रात गुजारी।

बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले- मूर्ति पर लगा घी, कंबल नहीं सूखा यानी खुशहाली रहेगी

भगवान बद्री विशाल के कपाट 12 मई की सुबह रवाना हुए।

भगवान बद्री विशाल के कपाट 12 मई की सुबह रवाना हुए।

बद्रीनाथ धाम के कपाट रविवार सुबह 6 बजे 12 हजार लोगों के कपाट खुले। मुख्य रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी सबसे पहले गर्भगृह में गए थे। वहाँ उन्हें भगवान की मूर्ति पर पिछले वर्ष ठीक उसी स्थिति में लगाया गया था, जैसा कपाट बंद करता था। इसे देखने के बाद पारंपरिक भविष्यवाणी की गई कि इस साल देश में कहीं भी सूखा नहीं और खुशहाली रहेगी। पढ़ें पूरी खबर…

400 डॉक्टर एसेट, इनके 256 डॉक्टर
पहली बार चार धाम यात्रा मार्ग 400 से अधिक दार्शनिकों की यात्रा। इनमें 256 मेडिकल ऑफिसर और विशेषज्ञ डॉक्टर हैं। फिर भी लापता यात्रा में कम से कम 7​ दिन का पालतू जानवर, ताकि घटते-बढ़ते तापमान में शरीर ढलता रहे।

उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग ने एड्री में कहा है कि चारों धाम 3 हजार मीटर से ऊपर हैं और खंडों पर रुक-रुक कर चट्टानें हो रही हैं। इसलिए 7 दिन का अंतिम संस्कार।

10 मई को शुरू हुई चारधाम यात्रा अक्षय तृतीया यानि 10 मई को गंगोत्री, यमुनोत्री और धार्मिक धाम के कपाट खुले हैं। इसके बाद से ही चारधाम यात्रा शुरू हुई। केदारनाथ में पहले दिन का रिकॉर्ड 32 हजार अनुयायियों ने भगवान के दर्शन किये। भगवान के कपाट सुबह 6:55 बजे और यमुनोत्री के कपाट सुबह 10:29 बजे रवाना हुए। दोपहर 12:25 बजे गंगोत्री धाम के कपाट खुले। पूरी खबर यहां पढ़ें



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