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- पीएम नरेंद्र मोदी बनाम कांग्रेस; कर्नाटक सेक्स स्कैंडल | सैम पित्रोदा आरक्षण कर
नई दिल्ली3 मिनट पहले
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मोदी ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कही ये बातें। (तस्वीर साभार-हिन्दुस्तान टाइम्स)
लोकसभा चुनाव से पहले मोदी ने एक बार फिर कांग्रेस पर 2014 के पहले भाषण को लेकर मंथन किया। उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए साक्षात्कार में कहा- 2014 से पहले हमने प्लास्टिक पैरा बस का युग देखा है। कज़ाखस्तान और खस्ताहाल उद्योग का दौर देखा है।
मोदी ने कर्नाटक सेक्स स्कैंडल पर भी की चर्चा। उन्होंने कहा- प्रज्वल जैसे विद्यार्थियों के लिए हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है। कर्नाटक सेक्स स्कैंडल गंभीर मुद्दा कांग्रेस ने राजनीतिक खेल बनाया है। इसके अलावा मोदी ने सैम पित्रोदा के सिद्धांत और व्यास के आदर्श जैसे कई संस्मरणों पर बात की।
मोदी ने कहा- SC-ST और सोलोमन कम्यूनिटी को एकजुट करने की रणनीति से मुझे स्पष्ट बहुमत चाहिए। बाबा साहब और पंडित नेहरू थे कि धर्म के आधार पर मिठास न कहा जाए, लेकिन जैसे देश में कांग्रेस का समर्थन कम होना चाहिए, कांग्रेस इस राह पर चली गई।
मोदी से प्रश्न-उत्तर पढ़ें…
सवाल: सैम पित्रोदा की सहमति और मंदिर-मस्जिद का मुद्दा चुनाव में क्यों उठा? इससे क्या चुनावी विषय से बात नहीं होगी?
मोदी: सैम पित्रोदा कांग्रेस के शाही परिवार के काफी करीब हैं। यदि कांग्रेस सत्य के करीबी भी है तो इनहेरिटेंस टैक्स के साथ भारतीयों को देखने का उनका नस्लीय दृष्टिकोण और विभाजनकारी सोच देश के लिए खतरनाक साबित होगा।
एससी-एसटी से जुड़े नये शिक्षक दस्तावेज़ों पर चर्चा नहीं होनी चाहिए। वे कहते हैं कि लोग प्रॉपर्टी का एक्सरे कर देंगे। ऐसी भविष्यवाणी के बारे में क्या बात नहीं होनी चाहिए?
सवाल: कर्नाटक सेक्स स्कैंडल पर आप कांग्रेस पर लगातार हमलावर हैं।
मोदी: प्रज्वल जैसी स्कॉलरशिप पर हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है। इस तरह के नियुक्तियों को अत्यंत नामांकित से लेने की आवश्यकता है। ऐसे में इसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। ये घिनौनी घटनाएं अभी-अभी नहीं हुई हैं। ये घटनाएँ कई प्राचीन काल से पहले हुई थीं। तब प्रज्वल की पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन में थी।
इसका मतलब है कि कांग्रेस को सब पता था फिर भी वे चुप थे। वे इसका उपयोग केवल चुनाव में लाभ के लिए कर रहे हैं। यह महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के प्रति उनके रेस्तराँ की कमी का विवरण है। यह बहुत घिनौनी बात है कि कांग्रेस के लिए इतनी गंभीर तबाही भी एक राजनीतिक खेल बनकर उभरी है।
प्रश्न: राष्ट्रीय स्तर पर सांख्यिकी की कमी है। फिर भी इंडी एलायंस पर 300 से अधिक अंशकालिक अंशदान का भुगतान किया गया है। ये बीजेपी के लिए कितनी बड़ी चुनौती है?
मोदी: कई दशकों से भारत ने अस्थिर उद्यमों की संभावनाओं को देखा है। इसमें सत्ता की स्थापना कोर ईसाई धर्म नहीं हुआ था। इन साड़ी स्टूडियो के केंद्र में कांग्रेस थी। आज नामांकन के पास ‘मोदी हटाओ’ के अलावा कोई विजन नहीं है।
ये लोग एक दूसरे को ही गिला देते हैं। दूसरी ओर पिछले 10 वर्षों में देश ने एक मजबूत सरकार का लाभ देखा है। मुझे नहीं लगता कि कांग्रेस और उसके भारतीय गठबंधन के लोगों का विश्वास जीत सकता है। चुनावी लड़ाइयों पर भी दांव वे छोटे थे।
प्रश्न: एनडीए में स्थिरता ठीक नहीं है। आपको इस बारे में क्या लगता है?
25-30 साल पहले एनडीए का गठन हुआ। हम तब से मानते हैं कि किस देश में स्थानीय निशानों को पूरा करके ही आगे बढ़ाया गया है। यही कारण है कि हमने इस बार एकजुट होकर गठबंधन किया है, जिससे हमने पहले भी गठबंधन किया था। हमारा नेवत जी से पुराना रिश्ता है।
गठबंधन क्या होता है, यह गठबंधन हमें न सिखाए। गठबंधन के गठबंधन में ऐसे उपकरण हैं, जो एक-दूसरे को मारने वाले कटर के स्तर तक चले जाते हैं। केरल में वामपंथ और कांग्रेस, बंगाल में वामपंथ और मंदिर में कभी एक दूसरे के साथ नहीं रहे। इनके विचार और व्यवहार में कोई भी बाधा नहीं है। ये बस एक ही प्रमुखता है- रोज मोदी को गली दो।
सवाल: दक्षिण के राज्यों में आपने इस बार कई राज्यों में। इस बार भाजपा तमिल-केरल में खाता खुला खुला क्या है?
कर्नाटक में हम लगभग दो दशक से अग्रणी पार्टी रह रहे हैं। हमने प्रदेश स्तर पर भी अच्छी सरकार दी हैं। भाजपा के लिए भारत का हर एक इंच पूजनीय है, वह कहीं भी हो। हमारी पार्टी राष्ट्रीय दृष्टि और स्थानीय महत्वकांक्षाओं की सुरक्षा एक साथ करती है।
जब दक्षिण की बात आती है तो बीजेपी के बारे में कुछ लोग भ्रम फैलाते हैं। इस बार दक्षिण में आप भाजपा का सबसे अच्छा प्रदर्शन देखें। तेलंगाना और कर्नाटक की कांग्रेस सरकार से लोगों का जल्दी मोहभंग हो गया है। दोनों राज्यों को खोखला किया जा रहा है। कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति के कारण कर्नाटक में व्यवस्था व्यवस्था की शुरुआत की गई है। लोग इस चुनाव में वोट के जरिए कांग्रेस को जवाब देंगे।
सवाल: आपने 400 रेज़्यूमे का नारा दिया था, लेकिन अब इसकी चर्चा क्यों कम हो रही है?
हमें प्रचंड बहुमत चाहिए, ताकि हम भारत के संविधान को बचा सकें। इस चुनाव में नामांकन का मुख्य तत्व हमारे संविधान की मूल भावना को दर्शाता है। वे देश के संविधान में गैरहाजिर तरीके से एससी/एसटी और अल्पसंख्यकों के प्रति उदासीन हैं, मुसलमानों के लिए वे नग्नता लाना चाहते हैं। ऐसा इन लोगों ने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी किया है। ये लोग पूरी तरह से फाइनल कर चुके हैं। अगर सरकार में आ गए तो अन्यत्र लागू कर देंगे।
