
सीता सोरेन
झारखंड की आमोद-प्रमोद सीट से बीजेपी की ओर से चुनाव लड़ा गया, रांची के देवता और झारखंड सरकार के मंत्री बसंत सोरेन ने दावा किया है कि उनकी बीजेपी मोहभंग हो गई है और वह अपने परिवार में वापस आ सकते हैं। सीता सोरेन गुरुवार को पियथ शिबू सोरेन के आवास पर गई थीं, जहां बसंत सोरेन से उनकी मुलाकात हुई थी। इसके अगले दिन शुक्रवार को बसंत सोरेन ने कहा कि मोदी परिवार से उनका भ्रम टूट गया है। अब वह शायद वापस सोरेन परिवार में लौटना चाहती हैं। बसंत ने कहा कि सीता सोरेन से मुलाकात के दौरान कई बातें सामने आईं।
उन्होंने यहां तक कह दिया कि अभी नामांकित पद पर नियुक्ति की जा रही है। वापसी की अंतिम तिथि 17 मई है, इसलिए इंतजार करें। अभी बहुत सारी चीजें हैं, जिनका खुलासा होगा। मैंने फ्रैंक को अब बताया, समझे आप लोग।
सीता सोरेन ने पलटवार किया
हालांकि बसंत सोरेन के इस बयान के बाद सीता सोरेन ने कहा कि झामुमो के लोग किसी तरह का ऐसा भ्रम नहीं पालें। वह मेरे घर जा रहा है, इतनी जल्दी कैसे निकल जाएगा। पार्टी अलग जगह है और परिवार अलग जगह है। सीता ने कहा कि उनकी पार्टी या राजनीति के मुद्दे पर बसंत सोरेन से मुलाकात के दौरान कोई बात नहीं हुई।
पिछली सीट से नामांकन
बता दें कि शुक्रवार को ही सीता सोरेन ने मैथ्यूज के अनुयायियों की सीट के लिए नामांकन किया था। उनके नामांकित रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। सीता सोरेन जामा क्षेत्र के विधायक हैं। वह करीब दो महीने पहले झामुमो को बीजेपी में शामिल कर चुके हैं। (आईएएनएस बिजनेस के साथ)
यह भी पढ़ें-
अरविंद केजरीवाल के जेल से बाहर आने के बाद किसको होगा फ़ायदा? जानिए क्या कहते हैं वेबसाइट
‘यूपी में होगी बीजेपी की सबसे बड़ी हार’, राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
