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11 महीने की उम्र में गंवाए हाथ-पैर फिर दिव्यांगों की आवाज बन जीता पद्म श्री, जानें डॉ. केएस रजन्ना के बारे में

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डीआर, केएस राजन्ना- इंडिया टीवी हिंदी

छवि स्रोत: एक्स/एएनआई
डॉ. केएसी राजन

पद्म पुरस्कार 2024: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को गुरुवार (9 मई) को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने कुल 132 लोगों को सम्मानित किया। एल्बम दस्तावेज़ डॉ. केएसके राजन्ना भी शामिल थे। जब वह अपना पुरस्कार लेने के लिए आये तो सभी उन्हें देखते रह गये। डॉ. अन्ना राज ने सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथ मिलाया। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सम्मान ग्रहण किया गया। सम्मान लेने के बाद वह सभी लोगों का सम्मान स्वीकार कर रहे थे। इस दौरान उनकी मदद के लिए एक युवक आगे आया, लेकिन डॉ. राजन ने मदद लेने से मना कर दिया। यह पल उनकी पूरी जिंदगी की कहानी बयां करता है।

यूनेस्को के कारण माजह 11 महीने की उम्र में डॉ. राजन को अपने हाथ और पैर धोने पड़े थे। उन्हें घुठिनो के बल चलने के निर्देश दिए गए और उनके हाथ को कुहनी के नीचे से कुचल दिया गया, लेकिन फिर भी वे किसी से कम नहीं आए। इसके उलट उन्होंने लोगों के लिए काम करने का निर्णय लिया।

2013 में कमिश्नर बने

समाजसेवा में आने के बाद उन्होंने लगातार काम किया और 2013 में सरकार ने उन्हें अनैतिकों के लिए राज्य आयुक्त बना दिया। कर्णकट में रहने वाले राजन्ना को यह पद तीन साल के लिए दिया गया था, लेकिन उनका पद उनके हटने से पहले ही समाप्त हो गया। उनकी जगह कमलाक्षी को यह जिम्मेदारी दी गई, लेकिन कर्नाटक सरकार के इस फैसले का जोरदार विरोध हुआ। अहम् यह था कि राजन को इस बारे में जानकारी अभी तक नहीं दी गई थी कि उन्हें हटा दिया गया है। इसके बाद सरकार ने उन्हें यह पद दे दिया। अब उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।

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