
सैम पित्रोदा
कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। अर्थशास्त्री राकेश ने जानकारी दी है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सैम पित्रोदा को शामिल कर लिया है। आज ही सैम पित्रोदा की एक और टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया था जिसमें उन्होंने कहा था कि ”पूर्व के लोग चीनी और दक्षिण अफ्रीकी मूल के लोग भ्रामक हैं।” पीएम मोदी ने भी उनके बयान को रंगभेदी करार दिया था। एफएमसीजी ने पित्रोदा की ”नस्ली” विचारधारा को लेकर एक व्यापक सिद्धांत पेश किया और दावा किया कि इस पार्टी की ”विभाजनकारी” राजनीति बेनकाब हो गई है।
कांग्रेस ने लोकतंत्र और नैतिकता बताई
हालाँकि कांग्रेस ने पित्रोदा की बिरादरी से खुद को अलग करते हुए इसे निजीकरण और प्राथमिकता दी थी। पार्टी ने कहा था कि वह अपने आप को ”पूरी तरह से अलग” करती है। पित्रोदा की टिप्पणी से खुद को अलग करते हुए कांग्रेस के वृत्तांत राकेश ने ‘एक्स’ पर कहा था, ”सैम पित्रोदा ने भारत की विविधताओं को जो उपमाएं दी हैं, वह बेहद गलत और गलत हैं।” ”भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इन उपमाओं से आपका पूर्ण रूप से अलग काम करती है।”
सैम पित्रादा ने क्या कहा था?
पित्रोदा ने एक संदेश में कहा, ”हम 75 साल से बहुत सुखद माहौल में रह रहे हैं, जहां कुछ आदिवासियों को छोड़ दिया जाए तो लोग साथ रह सकते हैं।” पित्रोदा ने सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित इस साक्षात्कार में कहा , ”हम भारत जैसे विभिन्न देशों को एकजुट रख सकते हैं। जहां पूर्व के लोग चीनी जैसे दिखते हैं, पश्चिम के लोग अरब जैसे दिखते हैं, उत्तर के लोग गोरों जैसे और दक्षिण भारतीय अफ्रीकी जैसे दिखते हैं।” उन्होंने कहा, ”इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, हम सब बहन-भाई हैं।” भारत में अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के रीति-रिवाज, खान-पान, धर्म, भाषा अलग-अलग हैं, लेकिन भारत के लोग एक-दूसरे का सम्मान करते हैं।”
