
चुनाव के बीच वोट जेहाद की चर्चा।
लोकसभा चुनाव 2024 के बीच अचानक से ‘वोट जिहाद’ की चर्चा जोरों पर है। देश में अब से पहले तक लव जेहादी और लैंड जेहादी की चर्चा हो रही थी। लेकिन अब वोट जेहाद भी चर्चा का विषय बन गया है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी रैली में इस शब्द पर बोला बड़ा हमला। लेकिन इस वोट जेहाद शब्द की शुरुआत कैसे हुई? इसका मतलब क्या है? अब तक किस नेता ने इस मुद्दे पर क्या-क्या कहा है? आइए जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब हमारी इस खबर में।
उत्तर प्रदेश से हुई शुरुआत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद की भतीजी मारिया आलम ने पहली बार वोट जिहाद शब्द का इस्तेमाल किया। मारिया आलम समाजवादी पार्टी की नेता भी हैं। मारिया आलम ने कट्टरपंथियों के खिलाफ वोट करने की अपील की थी। मारिया आलम ने ये भी अपील की थी कि जो मुस्लिम बीजेपी का समर्थन करेगा या वोट देगा, उसी तरह मूलनिवासी को बाहर कर दिया जाएगा। उन्होंने ये बातें 30 अप्रैल को फर्रूखाबाद की एक सभा में कही थीं।
महाराष्ट्र में भी वोट जेहाद की अपील
महाराष्ट्र में भी वोट जिहाद का खुलासा हुआ है। महाराष्ट्र के उप मुख्य मंत्री देवेन्द्र दुकानदार ने कहा कि राज्य में मस्जिदों से कॉल दी जा रही है। जल्सन में अभिनेत्री से कहा जा रहा है कि उनकी सिर्फ एक ही सलाह है-बीजेपी को हराना। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले मजहब के नाम पर जिस तरह से मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, इस चुनाव आयोग को देखना चाहिए।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने की अपील
महाराष्ट्र में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और कुल जमाती संगठन ने वोट से पहले महाराष्ट्र में मोदी को फोन किया है। बोर्ड ने साफ-साफ कहा कि मुस्लिम पार्टी न देखें, उम्मीदवार न देखें। उस उम्मीदवार को वोट दें जो भाजपा के दावेदार की स्थिति में हो। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से पार्टियाल को प्रिमिट और किसे का नाम बताया गया कि किसे वोट देना है और किसे हराना है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मंच से पिपरियात से एकजुट वोट करने की अपील की गई। कांग्रेस, उषा अख्तर की पार्टी और शरद पवार की पार्टी के पसंदीदा का नाम घोषित किया गया और उन्हें जिताने की अपील की गई।
मोदी ने सारसाधिक संरचना तैयार की
पीएम मोदी ने खरगोन में कांग्रेस पर शेयर शेयर करते हुए कहा कि उनका मोदी प्रतिनिधि बहुत खतरनाक है और वह वोट के खिलाफ जेहाद की पोल खोलता है। मेट ने मंच से जनता को बताया कि देश के इतिहास में अब एक महत्वपूर्ण मोदी बदलाव है। लोगों को तय करना होगा कि भारत वोट जेहादी से बचे या राम राज्य से। पार्टी ने यह भी कहा कि INDI गठबंधन के गठबंधन को जनता के हित की चिंता नहीं है।
बिज़नेस नेता क्या बोले?
इस मामले में मुस्लिम (शरद राव) के नेता चौधरी अवाड ने कहा है कि यदि उनके समाज में कोई पंडित, कोई बौद्ध, कोई भिक्षुक वोट की मांग नहीं करता है तो क्या गलत है? बीजेपी डेवलपमेंट का काम चुनाव में नहीं हो सकता इसलिए ऐसी फिजूल की बात करते हैं। वहीं, सपा नेता अबू आजमी ने कहा है कि अगर मुस्लिम समाज के कुछ लोग इकट्ठा होकर चर्चा कर रहे हैं और फैसला सुना रहे हैं कि उन्होंने न्याय के साथ काम किया है तो इसमें कुछ गलत नहीं है। अलग-अलग तबकों और समाज के लोग इस तरह से मिलते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तो लाखों की रैली में लोगों ने घोषणा की कि किसको धीरे से है किसको हराना है ये कोई वोट जिहाद नहीं है।
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‘लोग तय करें कि देश वोट जिहाद से या राम राज्य से’, मोदी का कांग्रेस पर दावा
