नई दिल्ली24 मिनट पहले
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सुप्रीम कोर्ट ने रविवार 8 मई को मावेरी कुट्टों के मामले की सुनवाई की। कोर्ट में शीर्ष पर 24 अप्रैल को ड्राइविंग के संबंध में स्थानीय बैकपैकर से संबंधित पोर्टफोलियो के बारे में शिकायत दर्ज की गई थी। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में इस मामले का दायरा तय नहीं किया जा रहा है, लेकिन इस बात की पुष्टि नहीं की जाएगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि पशु जन्म नियंत्रण नियम 2023 (पशु जन्म नियंत्रण नियम 2023) के बारे में पशुपालकों को पढ़ना चाहिए। इससे कई सारी औषधियों का समाधान हो सकता है।
जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस संजय करोल की बेंच इस मामले में सुनवाई कर रही है। श्रवण के दौरान एक वकील ने कहा कि इन स्नातकों को पढ़ने में कुछ समय लग सकता है। इसके अध्ययन के बाद हम कोर्ट में वापस जायेंगे। कोर्ट ने कहा कि नाबालिग को अच्छी तरह से समझने के बाद ही इस मामले की जड़ तक पहुंचा जा सकता है।
एक वकील ने 2023 में भारतीय पशुधन बोर्ड की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है। कहा कि अगर हम सभी इसका पालन करें तो 90% तक ये समस्या हल हो जाएगी।
पिछले साल सितंबर में भी बहुत ज्यादा सुनवाई हुई थी
सितंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जाएगा। हम संबंधित नियम-क़ानून, उनके साइंटिस्ट और पहले से तय सामान पर गौर करने के बाद ही निर्णय लेते हैं।
मुकदमा सर्वोच्च न्यायालय में क्यों हुआ?
कुछ गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), स्वतंत्र उत्पादों ने कुछ उच्च न्यायालयों (बॉम्बे और केरल) के शेयर के सर्वोच्च न्यायालय के खिलाफ रुख अपनाया था। चौथी अपनी याचिका में कहा गया था कि नगर निगम के अधिकारियों के नियमों के अनुसार, डकैती के आतंकवाद से निपटने के लिए सहायक सलाहकार को नियुक्त किया जाना चाहिए।
