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रजत शर्मा का ब्लॉग | झारखंड में ज़ब्त कैश : कांग्रेस को जवाब देना पड़ेगा

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छवि स्रोत: इंडिया टीवी
इंडिया टीवी के एनालॉग एवं एसोसिएट-इन-चीफ रजत शर्मा।

झारखंड से हैरान करने वाली तस्वीरें आईं सामने। झारखंड सरकार में कांग्रेस के मंत्री आलम गीर के निजी सचिव के नौकर के घर से 30 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई। 500-500 के सिक्कों की गड्डियां बैग में भरी हुई थी। कमरे में कुक का पहाड़ बन गया। नोट गिनने वाली देर रात तक गिनती में स्टॉक। चुनाव के दौरान कांग्रेस के मंत्रियों के करीबी के घर से इतनी बड़ी मात्रा में मुर्गों की बरामदगी हुई, जिसमें कांग्रेस सहित सभी विरोधी संप्रदायों की कठिनाइयां बढ़ गईं, क्योंकि मुर्खों की गड्डियां पूरी दुनिया ने देख लीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के बड़े नेताओं ने अपनी रैली में ये सम्मान उठाया। मोदी ने कहा कि पूरा देश देख रहा है कि कांग्रेस लूट का सौदा नहीं छोड़ सकती, जहां मौका मिले, कांग्रेस का पंजा अपना काम करता है लेकिन लूटने वालों को एक-एक पैसा लौटाने का मौका मिलता है, ये मोदी की भलाई है। कांग्रेस के नेताओं के पास तो अपने मंत्री के आरक्षण में कोई तर्क नहीं है लेकिन मंत्री ने सफाई दी है। आलम गीर आलम ने कहा है कि उनका निजी सचिव सरकारी आवास पर है, उनका कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं है, इसलिए उनके पास जो पैसा मिला है, वो किसका है, उन्हें कोई आश्चर्य नहीं है, इस कैश से उनका नाम जुड़ा हुआ है।

लेकिन बड़ी बात ये है कि सिक्कों की गड्डियों के साथ जो शिलालेख मिलते हैं, उनमें से किसी एक को मंत्री बनाना-देना साबित होता है। पैसा पोस्टिंग पोस्टिंग का है, मनमाने तरीके से टेंडर्स अलॉट ऑफर का है या फिर दोस्तों के शेयर की काली कमाई के हैं। डी.एच.डी. ने सोमवार को राँची में जहाँ जागीर आलम नाम के व्यक्ति के घर में छाप मारा। जहां जागीर आलम झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री जागीर आलम के पर्सनल केयर संजीवन लाल का घरेलू नौकर है। जहां जहांगीर आलम की महीने भर की कमाई बीस हजार रुपये से ज्यादा नहीं है लेकिन जहां जहांगीर आलम के घर से 500-500 के आंकड़े की 5 हजार से ज्यादा गड्डियां मिलीं, बड़ी-बड़ी पॉलिथीन में, कपड़ों के थैलों में नोट ही नोट जारी थे। ईडी की टीम को जब एक साधारण से गरीब शक्ल वाले शख्स के घर में इतनी भारी मात्रा में नोट मिले तो ईडी के कब्जे में भी डंग रह गए। असल में सुबह ईडी की टीमों ने रांची में आज एक साथ 6 शेयर रेड की। जिन लोगों की हिस्सेदारी ईडी के दिलचस्प पड़े उनमें शामिल थे जहां गीर आलम, कज़ाख रंजन सिंह, सड़क निर्माण विभाग के इंजीनियर विकास कुमार और अलाउद मिंज शामिल थे।

ईडी को मंत्री के पर्सनल कंसल्टेंसी के नौकर जहांगीर के घर पर धोखे का पहाड़ मिला। तीन नोट थे कि उन्हें ईडी को बंधक बनाने के लिए कैश गिनने की मांगनी पड़ी थी। दो बजे तक नोट गिनते गिनते मध्य प्रदेश गर्म होने लगी। दो रिश्ते ख़राब हो गए। इसके बाद, बैंक से नोट गिनने की और बड़ी मशीन मंगानी खरीदें। इसके अलावा मिनिस्टर के पर्सनल आईसीयू संजीव लाल के खास शेयरहोल्डर अनमोल सिंह के घर से भी 5 करोड़ रुपये का कैश मिला। जिस वक्त झारखंड में सिक्कों के माउंटेन मिले, उस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओडिशा में रैली कर रहे थे। रैली में मोदी ने कहा कि अब कांग्रेस के शहजादे को कहना है कि कांग्रेस ने लूट का माल छुपाने के लिए ऐसे गोदाम बना रखे हैं। मोदी ने आंध्र प्रदेश की रैली में कहा कि जो ईडी-ईडी चिल्ला रहे थे, उन्हें ईडी से इतना दर्द क्यों हो रहा है, उनका सबूत आज फिर मिल गया। मोदी ने कहा कि अब तक कांग्रेस और उनके साथियों ने देश को लूटा है, अब मोदी लूट का माल जनता को लौटाएंगे।

असल में झारखंड में कांग्रेस के मंत्री के करीबी लोगों के चित्र से मृतकों के ढेर मिले हैं, वो सभी पुराने घोटालों की जांच के नतीजे हैं। ईडी के ये ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता धार राम के मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़े हैं। ईमानदार राम को ईडी ने पिछले साल फरवरी में गिरफ़्तार किया था। निलामित मुख्य अभियंता आईपीएल राम ने सोचा था कि वो रोड्स बनाने और दूसरे एलईडी लीज के बदले में एक से तीन प्रतिशत की कमीशन ली जाएगी। 2023 में ईडी ने करोड़ों रुपए की संपत्ति भी जब्त की थी। ईडी को शक था कि फ्लैट होने के बावजूद, रेस्टोरेंट राम अभी भी झारखंड के सरकारी टेककों में कमीशनखोरी के कारोबार से जुड़ा था। इसके बाद ईडी ने झारखंड सरकार को कार्रवाई के लिए इस बारे में गुप्त पत्र लिखा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद ईडी ने एनआईए के खिलाफ छापेमारी शुरू कर दी। इनमें कांग्रेस के मंत्री आलम जागीर आलम के निजी मरीज़ संजीव लाल भी शामिल थे। दिलचस्प बात ये है कि आज ईडी को डिस्काउंट में संजीव लाल के नौकर ने जहां जहांगीर की बात कही वहां से वोट भी मिले जो ईडी ने झारखंड सरकार को लिखा था। ईडी की टीम को कुछ हाथ से लिखे कागज भी मिले हैं, जो सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग से जुड़े हुए हैं।

बीजेपी सांसद निशिकांत जोसेफ ने दावा किया है कि ये सारा पैसा आलम जागीर आलम का ही है जो पोस्टिंग और दुकानदारी से कमाया गया है। “हाथ अधिकार को आरसी क्या। पढ़े लिखे को फ़्रज़ी क्या”, “प्रत्यक्षम् किम् प्रमाणम्” यानि जब साक्ष्य सामने आए, वीडियो में विचारों के अनुयायी दिख रहे हैं तो फिर कांग्रेस कितनी भी सफाई दे, कोई भी इल्ज़ामपोंड, किसी के गला नहीं उतरेगा। झारखंड प्राकृतिक और खनिज संपदा के मामले में सबसे समृद्ध राज्य है। लेकिन इसके बाद भी राज्य के लोग सबसे गरीब हैं और वहां के नेताओं के नौकरों के ढेर पर सोले हैं। तो फिर पूछेंगे ये पैसे कि नेता इस जगह के पास से आए? कौन है? पिछले साल झारखंड में ही कांग्रेस के एक अल्पसंख्यक समुदाय से साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये का नकद मिलाप हुआ था। और अब कांग्रेस के मंत्री के पीएस के नौकर के घर से करोड़ों की नकदी बरामद हुई। सोसायटी बिजनेस ने इसे बनाया तो कोई गलत बात नहीं है। अब चुनाव के दौरान कांग्रेस और विरोधी महासभा के नेता सफाई देंगे, ईडी के एक्शन पर सवाल उठाएंगे और नरेंद्र मोदी की हर रैली में समर्थकों की गड्डियों की याद दिलाएंगे और विचारधारा का गद्दा तो फिर से लौटना चाहेंगे। (रजत शर्मा)

देखें: ‘आज की बात बातसिल्वर शर्मा के साथ’ 06 मई, 2024 का पूरा एपिसोड

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