नई दिल्ली9 मिनट पहले
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22 अप्रैल को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बंगाल के सरकारी सिपाहियों की 25 हजार से अधिक नियुक्तियों को रद्द कर दिया था।
पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार (7 मई) को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इसे व्यवस्थागत धोखाधड़ी (प्रणालीगत धोखाधड़ी) बताया। कोर्ट ने कहा कि आज जनरल की कमी है। अगर जनता को भरोसा हो गया तो कुछ नहीं बचता।
अदालत ने यह भी कहा कि राज्य सरकार के पास इसके लिए कुछ भी नहीं है कि उसके अधिकारियों ने डेटा मेंटेन किया था और उसके दस्तावेजों के बारे में पूछा था।
बंगाल के शिक्षक भर्ती में मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारडीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की बेंच भर्ती कर रही है। याचिका में मांग की गई है कि उच्च न्यायालय के फैसले को रद्द कर दिया जाए। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 22 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के सरकारी सिपाहियों पर 25 हजार 753 नियुक्तियों को अवैध अधिकार दे दिया था।

