मुंबई. महाराष्ट्र के अंधेरी में एक महिला की लिफ्ट में निजी पलों की फुटेज वायरल होने के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है. महिला का ये निजी पल का फुटेज लिफ्ट में मौजूद किसी अन्य पुरुष के साथ था. सोसाइटी में लिफ्ट का वीडियो वायरल होने के बाद हर कोई महिला का मजाक उड़ाने लगे. बताया जा रहा है कि किसी ने लिफ्ट में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को 3 महीने बाद पूरी हाउसिंग सोसाइटी में फैला दिया. इसके बाद महिला ने फुटेज लीक करने का मामला साकीनाका पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया है. पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और उनका कहना है कि यह फुटेज शायद उस व्यक्ति ने सोसाइटी में फैलाया होता उसके पास सीसीटीवी कैमरे का बैकअप संभालने की जिम्मेदारी होगी.
ऐसे मामलों में कानून क्या कहता है?
1. वीडियो लीक करने वाले पर क्या कार्रवाई?
अगर जांच में साबित होता है कि किसी व्यक्ति ने सीसीटीवी फुटेज निकालकर शेयर की है तो उसके खिलाफ कई सख्त धाराएं लग सकती हैं-
आईटी एक्ट (इंफोरमेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000)
सेक्शन 66Eई (प्राइवेसी का उल्लंघन)
– बिना अनुमति किसी की निजी तस्वीर/वीडियो कैप्चर या शेयर करना.
– इसमें 3 साल तक जेल और 2 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.
सेक्शन 72 (गोपनीयता का उल्लंघन)
– अधिकार का गलत इस्तेमाल कर डेटा लीक करना.
– इसमें 2 साल तक जेल और जुर्माना का प्रावधान है.
भारतीय दंड संहिता के क्या-क्या सेक्शन लग सकते हैं.
सेक्शन 354सी (ताकझांक करना)
– किसी महिला की निजी गतिविधि को रिकॉर्ड/शेयर करना है.
– इसमें 3 से 7 साल तक जेल का प्रावधान है.
सेक्शन 509 (स्त्री की लज्जा का अपमान)
– महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना
– इसमें 1 साल तक जेल हो सकती है.
2. क्या सीसीटीवी संभालने वाले पर भी केस बन सकता है?
हां, बिल्कुल. अगर सीसीटीवी बैकअप देखने या संभालने वाले व्यक्ति ने फुटेज निकाला, कॉपी बनाई या दूसरों को शेयर की तो यह क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट के साथ प्राइवेसी वॉयलेशन माना जाएगा और उस पर सख्त कार्रवाई हो सकती है.
3. क्या पति-पत्नी (वीडियो में दिख रहे लोग) पर भी कार्रवाई हो सकती है?
– सामान्य स्थिति में नहीं, अगर वीडियो में दिख रहे दोनों लोग सहमति से निजी पल में थे और यह घटना प्राइवेट स्पेस (जैसे लिफ्ट) में हुई तो उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं बनता. गलती उनकी नहीं, बल्कि वीडियो लीक करने वाले की मानी जाएगी. लेकिन, अगर कोई अश्लीलता फैलाने का मामला बनता है (जो यहां मुश्किल है) तभी जांच हो सकती है.
पुलिस की जांच के मेन प्वाइंट
– CCTV फुटेज कथित तौर पर बैकअप सर्वर से निकाला गया.
– हाउसिंग सोसाइटी के अंदर फुटेज फैलाए जाने का शक.
– वीडियो कॉम्प्लेक्स के बाहर दोस्तों के साथ शेयर किया गया.
– आरोपी के बारे में माना जा रहा है कि वह सोसाइटी के उस पदाधिकारी का कोई पारिवारिक सदस्य है, जो सीसीटीवी बैकअप का काम देखता था.
केस की डिटेल
पीड़ित: 36 साल की गृहिणी
निवास: अंधेरी, मुंबई
परिवार: पति और 2 बच्चे
घटना का महीना: जनवरी 2026
स्थान: हाउसिंग सोसाइटी की लिफ्ट
पीड़ित को घटना के बारे में कब पता चला?
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 9 मार्च को जब महिला बाजार गई, तो कुछ महिलाओं ने उसका मजाक उड़ाना शुरू कर दिया. वे कह रही थीं कि यह वही महिला है, जो लिफ्ट की सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दी थी. वहां मौजूद सोसाइटी की एक युवा महिला ने तब उसे बताया कि यह वीडियो सोसाइटी के अंदर वायरल हो चुका है.
FIR में क्या कहा गया है?
पुलिस के अनुसार, महिला घर लौटते समय लिफ्ट में चढ़ी थी तभी एक अनजान आदमी भी लिफ्ट के अंदर आ गया. जांचकर्ताओं का कहना है कि दोनों एक-दूसरे की ओर आकर्षित होते दिखे और उन्होंने एक-दूसरे को किस करना शुरू कर दिया. उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि लिफ्ट के अंदर लगा सीसीटीवी कैमरा उनके इस पूरे पल को रिकॉर्ड कर रहा है.
पुलिस की कार्रवाई
FIR: दर्ज कर ली गई है.
जांच: जारी है…
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह फुटेज कैसे हासिल किया गया; उसकी कॉपी कैसे बनाई गई और उसे कैसे फैलाया गया. ऐसा इसलिए, क्योंकि CCTV रिकॉर्डिंग को बिना इजाजत शेयर करना निजता का गंभीर उल्लंघन और एक आपराधिक जुर्म माना जाता है.





