जम्मू28 मिनट पहले
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ”पाकिस्तान ने चूल्हे नहीं पहने हैं और उसके पास परमाणु बम भी हैं जो हम पर गिरेंगे।” उनकी ये टिप्पणी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ‘POK का भारत में विलय होगा’ के बयान पर है.
अप्रैल महीने में पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में रैली को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत में हो रहे विकास को देखते हुए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के लोग खुद भारत के साथ बने रहेंगे।

PoK हमारा था, है और हमारा रहेगा; राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने कहा था कि चिंता मत करो, सागर हमारा था, हम और हमारे रहेंगे। भारत की ताकतें बढ़ रही हैं। दुनिया भर में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ रही है और हमारी इंडस्ट्री तेजी से आगे बढ़ रही है। अब स्टिकरे में हमारे भाई-बहन खुद भारत के साथ आने की मांग करेंगे।
पंच हमलों पर भी सवाल
फारूक अब्दुल्ला ने पुंछ हमलों पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि, ‘यह बहुत ही दुखद है। वे (बीजेपी) कहते हैं कि 370 के लिए खतरा है तो आज 370 नहीं है, अब इस देश में खतरा है या नहीं, इसका जवाब क्या आप गृह मंत्री अमित शाह से हैं? हमारे सिपाही रोज शहीद होते हैं लेकिन वे शहीद होते हैं।’
जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है PoK
पीओके यानी पाकिस्तान का अधिकार कश्मीर भारत का हिस्सा है जो पाकिस्तान के साथ लगता है। 1947 में रेगिस्तान के बाद पाकिस्तान ने कबीलाई विद्रोहियों की मदद से जम्मू-कश्मीर के इस हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया था।
भारतीय फौज के इस हिस्से को वापस लेने के लिए लड़ाई जारी थी, लेकिन उसी समय भारत के राष्ट्रपति पीएम शहीद नेहरू कश्मीर के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) चले गए। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों के बीच युद्ध विराम करवा दिया और ‘जो जहां था, वहां प्रवेश हो गया।’
उसी समय से दोनों देशों की फौजें अंतरराष्ट्रीय सरहद की जगह लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के दोनों तरफ की हैं। एलओसी पर 840 किमी लंबी रेखा खींची गई है।

पाकिस्तान ने PoK को दो प्रमुख देशों में बाँट दिया है
पाकिस्तान, पीओके को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है और उसे आजाद कश्मीर के बारे में बताता है। स्थायी समय में पाकिस्तान ने पीओके को गिलगिट और बाल्टिस्तान, दो श्रेणियों में बाँट दिया है। भारत सरकार समय-समय पर पीओके को वापस लेने की बात कह रही है।
2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी की अगुआई में बीजेपी सरकार बनने के बाद यह सबसे ज्यादा गरमा गई। मोदी सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर से धारा 370 खत्म होने के बाद पीओके को वापस लेने की मांग-शोर से उठ रही है। पूरी खबर पढ़ें
जयशंकर बोले- PoK को फिर भारत का हिस्सा माना जाता है, मुसलमानों को पता है- यहां विदेशों का नियंत्रण कैसे हुआ

देश मंत्री एस जयशंकर ने ओडिशा दौरे में पीओके को भारत का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा था कि लोग पीओके को भूला चुके थे, लेकिन लोग अब इसे फिर से देश का हिस्सा बनाना चाहते हैं। कटक में जयशंकर से पूछा गया कि वो भारत के पीओके की योजना के बारे में क्या सोचते हैं? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि PoK कभी देश से बाहर नहीं जाता, वो भारत का ही हिस्सा है.
अब आपको पता है कि PoK पर बाहरी लोगों (पाकिस्तान) का नियंत्रण कैसे हुआ था। आप जानते हैं कि जब घर की ज़िम्मेदारी के लिए कोई सही संरक्षक नहीं होता तो बाहरी (पाकिस्तान) चोरी कैसे करते हैं। यही हुआ संरक्षक और ने बाहरी को घर में ऑटोमोबाइल की इज़ाजत दे दी थी।
पाकिस्तान की आजादी के प्रारंभिक वर्षों में इन क्षेत्रों पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण यहां (पीओके) में हालात खराब हो गए। भविष्य में क्या होगा? यह बताना बहुत कठिन है। लेकिन, मैं एक चाहता हूं कि देश की जनता पीओके को न भूले। पूरी खबर पढ़ें
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जम्मू-कश्मीर के राजौरी-पुंछ में एक साल में 7 हमले हुए:3 में एक जैसा; बोले- सेना के प्रस्थान की निगरानी से हो

पुंछ हमलों के बाद सोमवार 6 मई को सेना और पुलिस ने सर्च ऑपरेशन ऑपरेशन चलाया। इस काम में स्निफर डॉग की मदद ली जा रही है।
जम्मू कश्मीर के पंच में शनिवार शाम (4 मई) को एयरफोर्स के काफिले पर हमला हुआ, जिसमें 1 यात्री शहीद हो गया। जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैरायटी ने लोकसभा चुनाव से पहले लोगों में हमले को लेकर डर फैलाने की साजिश बताई है।
उन्होंने कहा- राजौरी-पुंछ वाली सैंडविच में एक्टिविस्ट की चिंता बढ़ाने वाली बात है। एक साल में दो आतंकवादियों के 120 किमी के हिस्से में 7 आतंकवादी हमले हुए हैं। इनमें से 3 विद्रोहियों के हमले पर हुए हैं। इन दावों में सुरक्षा दोष की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। सेना के प्रस्थान की शुरुआत से निगरानी होनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें
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